Homeताज़ा खबरेंमहाराष्ट्र नगर निगम चुनाव: ओवैसी के बयान से सियासी घमासान, बीजेपी का...

महाराष्ट्र नगर निगम चुनाव: ओवैसी के बयान से सियासी घमासान, बीजेपी का पलटवार

मुंबई। महाराष्ट्र में होने वाले नगर निगम चुनावों से पहले राजनीतिक माहौल लगातार गर्माता जा रहा है। प्रचार के दौरान एक के बाद एक विवादित बयान सामने आ रहे हैं। पहले मराठी–हिंदू का मुद्दा, फिर मुस्लिम मेयर और हिंदू मेयर की बहस, उसके बाद ज्यादा बच्चे पैदा करने जैसे बयान और अब एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के एक बयान ने नया सियासी विवाद खड़ा कर दिया है।

सोलापुर में चुनावी सभा को संबोधित करते हुए ओवैसी ने कहा कि एक दिन ऐसा आएगा जब हिजाब पहनने वाली महिला भारत की प्रधानमंत्री बनेगी। उन्होंने इस दौरान भारत और पाकिस्तान के संविधान की तुलना भी की। ओवैसी ने कहा कि पाकिस्तान के संविधान में राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री एक ही धर्म से हो सकते हैं, जबकि भारत का संविधान सभी को समान अधिकार देता है। उन्होंने कहा कि बाबा साहब भीमराव आंबेडकर के संविधान के तहत कोई भी व्यक्ति, किसी भी समाज से हो, प्रधानमंत्री बन सकता है।

अपने बयान को आगे बढ़ाते हुए ओवैसी ने कहा, “एक दिन ऐसा आएगा जब हम नहीं रहेंगे, आप नहीं रहेंगे, हो सकता है हमारी हड्डियां कब्र में गल जाएं, लेकिन उस दिन भारत की प्रधानमंत्री हिजाब पहनने वाली महिला होगी। नफरत करने वाले जितनी नफरत करनी है कर लें।”

ओवैसी यहीं नहीं रुके। उन्होंने महंगाई और बेरोजगारी का जिक्र करते हुए कहा कि जब जनता तेल के दाम या काम न मिलने की बात करती है तो कुछ लोग हर समस्या का ठीकरा “बांग्लादेशियों” पर फोड़ देते हैं। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा, “क्या आपके अब्बा बताने आए थे कि वो बांग्लादेशी हैं?”

ओवैसी के इस बयान पर सियासी प्रतिक्रिया भी तेज हो गई है। महाराष्ट्र सरकार के कैबिनेट मंत्री नितेश राणे और बीजेपी नेता अमित साटम ने ओवैसी पर तीखा हमला बोला। बीजेपी नेताओं ने कहा कि देश 2047 में एक मजबूत राष्ट्र बने, यह उनकी सोच है, लेकिन ओवैसी जैसे नेता देश को किस दिशा में ले जाना चाहते हैं, यह उनके बयानों से साफ हो रहा है। बीजेपी नेताओं ने आरोप लगाया कि ओवैसी देश को धार्मिक आधार पर बांटने की राजनीति कर रहे हैं।

बीजेपी नेताओं ने यह भी कहा कि हिजाब को लेकर इस तरह के बयान देकर चुनावी माहौल को भड़काने की कोशिश की जा रही है। उनका कहना है कि नगर निगम चुनाव स्थानीय मुद्दों पर होने चाहिए, न कि ऐसे बयानों पर जो समाज में विभाजन पैदा करें।

फिलहाल, ओवैसी के बयान ने महाराष्ट्र की सियासत में नया तूफान खड़ा कर दिया है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा चुनावी प्रचार के केंद्र में रहेगा या नहीं, यह देखना दिलचस्प होगा, लेकिन इतना तय है कि नगर निगम चुनाव से पहले राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने वाली है।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular