यूपी: 2023 सिपाही और RO-ARO भर्ती परीक्षा पेपर लीक मामले में 18 आरोपियों पर चार्जशीट, 1.02 करोड़ की संपत्ति जब्त

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UP Paper Leak Case: 18 Accused Charged

लखनऊ: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 2023 में आयोजित यूपी पुलिस सिपाही भर्ती परीक्षा और RO-ARO (समीक्षा अधिकारी/सहायक समीक्षा अधिकारी) परीक्षा के पेपर लीक मामले में 18 आरोपियों के खिलाफ बुधवार को अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया है। यह चार्जशीट राजधानी स्थित सीबीआई कोर्ट की पीएमएलए (प्रीवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट) विशेष अदालत में पेश की गई।

ईडी की जांच में यह खुला है कि पेपर लीक की व्यवस्था एक संगठित गिरोह द्वारा की गई थी, जिसमें गिरोहासीन सदस्य राजीव नयन मिश्रा सहित अन्य आरोपियों ने शामिल थे। लीक किए गए प्रश्न पत्रों को अभ्यर्थियों को अग्रिम रूप से उपलब्ध कराए जाने के लिए लाखों रुपये वसूले गए और प्रश्न-उत्तर मध्य प्रदेश तथा हरियाणा के रिसॉर्ट्स में परीक्षा से पहले रटाए गए थे।

संपत्ति जब्ती और मनी लॉन्ड्रिंग केस

ईडी ने आरोपियों की करीब ₹1.02 करोड़ मूल्य की संपत्तियों को पहले ही जब्त कर लिया था, जिसे “अपराध से प्राप्त संपत्ति” के रूप में माना गया है। इन संपत्तियों में पृथक-पृथक बैंक जमा, प्लॉट और वाहन आदि शामिल हैं, जिनका उपयोग मनी लॉन्ड्रिंग जांच के तहत किया गया।

ये मामला मेरठ के कंकड़खेड़ा थाने में यूपी एसटीएफ द्वारा दर्ज की गई एफआईआर के आधार पर शुरू हुआ था, जिसमें हाई-लेवल साजिश के तहत पेपर लीक का आरोप लगाया गया था। ईडी ने जांच के दौरान आरोपी रवि अत्री और सुभाष प्रकाश को हिरासत में लेकर पूछताछ भी की है। इससे पहले इन दोनों सहित सात आरोपियों के खिलाफ 10 जनवरी 2025 को आरोप पत्र भी दाखिल किया जा चुका है। ईडी अब भी मामले की आगे जांच कर रही है।

गिरफ्त में जेल भेजे गए गिरोह के सदस्य

एसटीएफ ने पेपर लीक करने वाले गिरोह के कई सदस्यों को गिरफ्तार किया था, जिसमें पेपर को परिवहन करने वाले कंपनी के दो कर्मचारी भी शामिल थे।

आरोपियों की सूची

चार्जशीट में जिन 18 आरोपियों का नाम शामिल है, उनमें मुख्य रूप से राजीव नयन मिश्रा, अंकित शेखर, शुभम मंडल, मनीष शर्मा (मोनू), बिट्टू सिंह बहादुर, श्यामवीर सिंह, गौरव कुमार (गौरव), सुनील रघुवंशी, विशाल दुबे, विवेक उपाध्याय, अमरजीत शर्मा, कामेश्वर नाथ, अमित सिंह, शरद सिंह, अरुण सिंह, नवीन सिंह, पुनीत सिंह और आयुष पांडे शामिल हैं।

प्रशासन और जांच एजेंसियां अब आरोपियों के अन्य संभावित नेटवर्क और सहयोगियों की भूमिका की भी जांच कर रही हैं और यदि और नाम सामने आते हैं तो उनके खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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