उत्तर प्रदेश में पिछले कुछ दिनों से हो रही बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों की कमर तोड़ दी है। खेतों में खड़ी और कटी हुई फसलों को हुए भारी नुकसान को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बेहद संवेदनशील और सख्त रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि प्रदेश में जहां भी बेमौसम बारिश से फसलों को क्षति पहुंची है, वहां नुकसान का तुरंत आकलन (सर्वे) किया जाए और प्रभावित किसानों को बिना किसी देरी के मुआवजा उपलब्ध कराया जाए। सीएम योगी ने साफ कहा है कि अन्नदाता के हितों के साथ किसी भी स्तर पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा और संकट की इस घड़ी में पूरी सरकार किसानों के साथ मजबूती से खड़ी है।
कागजी कार्रवाई नहीं, ग्राउंड जीरो पर जाकर जांचें हकीकत
मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों (DMs) को केवल दफ्तरों में बैठकर रिपोर्ट तैयार करने के बजाय खुद फील्ड में निकलने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि नुकसान का आकलन केवल कागजी आंकड़ों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि अधिकारियों को मौके पर जाकर वास्तविक स्थिति देखनी होगी। “राहत पहुंचाना हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए,” इस मंत्र के साथ सीएम ने आदेश दिया है कि प्रभावित क्षेत्रों का तत्काल मुआयना कर रिपोर्ट तैयार की जाए ताकि किसानों को उनकी मेहनत का सही और समय पर हर्जाना मिल सके। उन्होंने अधिकारियों को ‘अलर्ट मोड’ में रहने और किसी भी लापरवाही से बचने की चेतावनी दी है।
पारदर्शी भुगतान और अधिकारियों की सीधी जवाबदेही
मुआवजे की प्रक्रिया में किसी भी तरह के भ्रष्टाचार या देरी को रोकने के लिए मुख्यमंत्री ने पारदर्शी और समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित करने को कहा है। राहत आयुक्त को निर्देश दिया गया है कि वे फील्ड के अधिकारियों के साथ सीधा समन्वय बनाए रखें और पल-पल की जानकारी शासन को भेजें। सीएम योगी ने अधिकारियों को संवेदनशीलता के साथ कार्य करने की नसीहत देते हुए कहा कि मुआवजे की राशि सीधे किसानों के खातों में पहुंचनी चाहिए ताकि उन्हें किसी भी दफ्तर के चक्कर न काटने पड़ें। सरकार का लक्ष्य है कि आपदा की इस स्थिति में सहायता कार्यों में एक दिन की भी देरी न हो।
आपदा की घड़ी में किसानों के साथ खड़ी सरकार
मुख्यमंत्री ने प्रदेश के किसानों को भरोसा दिलाया है कि प्राकृतिक आपदा की इस स्थिति में उन्हें घबराने की जरूरत नहीं है। शासन स्तर पर सभी सूचनाएं जुटाई जा रही हैं और राहत कार्यों के लिए बजट की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी। अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे किसानों के बीच जाकर उनकी समस्याओं को सुनें और सुनिश्चित करें कि किसी भी पात्र किसान को सरकारी सहायता से वंचित न रहना पड़े। उत्तर प्रदेश सरकार की इस त्वरित कार्रवाई से उन लाखों किसानों को बड़ी उम्मीद जगी है जिनकी फसलें कटने से ठीक पहले कुदरत की मार का शिकार हो गई थीं।
