लखनऊ

इको गार्डन में 10 हजार लोगों का प्रदर्शन शांतिपूर्ण संपन्न, पुलिस की मुस्तैदी से टला विवाद

लखनऊ। राजधानी लखनऊ के इको गार्डन में आयोजित विशाल विरोध प्रदर्शन पुलिस प्रशासन की सतर्कता, प्रभावी रणनीति और बेहतर समन्वय के चलते पूरी तरह शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गया। लगभग 10 हजार से अधिक लोगों की मौजूदगी वाले इस प्रदर्शन पर प्रदेशभर की निगाहें टिकी हुई थीं, लेकिन पुलिस की चाक-चौबंद व्यवस्था के कारण किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना सामने नहीं आई।

प्रदर्शन में देश की कई प्रमुख कोचिंग संस्थाओं के प्रतिनिधियों के साथ कॉकरोच जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अभिजीत दीपके भी शामिल हुए। बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी को देखते हुए कानून-व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन के लिए चुनौतीपूर्ण माना जा रहा था। इसे ध्यान में रखते हुए डीसीपी सेंट्रल विक्रांत वीर के नेतृत्व में व्यापक सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई। एडीसीपी जितेंद्र कुमार दुबे और एसीपी महानगर अंकित कुमार भी अपनी टीमों के साथ पूरे समय मौके पर मौजूद रहे।

पुलिस प्रशासन ने कार्यक्रम शुरू होने से पहले ही सुरक्षा का विस्तृत खाका तैयार कर लिया था। इको गार्डन के सभी प्रवेश और निकास द्वारों पर बैरिकेडिंग, मेटल डिटेक्टर और सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था की गई। इसके अलावा ड्रोन कैमरों के माध्यम से पूरे क्षेत्र की निगरानी की गई। भीड़ के बीच वर्दीधारी पुलिसकर्मियों के साथ-साथ सादे कपड़ों में भी सुरक्षा कर्मियों को तैनात किया गया था। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पीएसी, फायर ब्रिगेड और एंबुलेंस को भी स्टैंडबाय रखा गया।

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प्रदर्शन के दौरान कुछ स्थानों पर माहौल को भड़काने की कोशिशें भी सामने आईं। कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा नारेबाजी कर वातावरण को तनावपूर्ण बनाने का प्रयास किया गया, लेकिन पुलिस अधिकारियों ने तत्काल हस्तक्षेप करते हुए स्थिति को नियंत्रण में रखा। पत्रकारों और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई तीखी बहस को भी अधिकारियों ने संवाद और समझाइश के जरिए शांत करा दिया।

शाम लगभग पांच बजे प्रदर्शन समाप्ति की घोषणा के बाद प्रतिभागियों ने शांतिपूर्वक स्थल खाली कर दिया। पूरे आयोजन के दौरान न तो किसी प्रकार की हिंसा हुई और न ही किसी गिरफ्तारी की आवश्यकता पड़ी। इसे लखनऊ पुलिस की प्रभावी कार्यशैली और प्रशासनिक दक्षता का उदाहरण माना जा रहा है।

डीसीपी सेंट्रल विक्रांत वीर ने कहा कि पुलिस का उद्देश्य लोकतांत्रिक अधिकारों का सम्मान करते हुए कानून-व्यवस्था बनाए रखना था। उन्होंने कहा कि जनता के सहयोग और पुलिस बल की सतर्कता के कारण कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

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Prashant Tiwari

प्रशांत तिवारी एक अनुभवी ब्रॉडकास्ट जर्नलिस्ट, क्राइम इन्वेस्टिगेटिव रिपोर्टर और डिजिटल मीडिया स्ट्रैटेजिस्ट हैं। उन्होंने डीडी न्यूज़ (दूरदर्शन) में बतौर डिजिटल हेड की सेवाएं दीं और प्राइम टीवी में डिजिटल मार्केटिंग मैनेजर के रूप में न्यूज़ प्लेटफॉर्म्स की डिजिटल ग्रोथ, ऑडियंस एंगेजमेंट और मल्टी-प्लेटफॉर्म मीडिया स्ट्रैटेजी पर महत्वपूर्ण काम किया। क्राइम इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के तौर पर उन्होंने कई न्यूज़ चैनलों के लिए अंडरकवर/स्पाई-स्टाइल रिपोर्टिंग, स्टिंग ऑपरेशन और फील्ड इन्वेस्टिगेशन किए। संगठित अपराध, साइबर क्राइम, ड्रग्स सिंडिकेट, मानव एवं गौवंश तस्करी और फर्जीवाड़े जैसे विषयों पर उनकी इन्वेस्टिगेशन चर्चित रहीं। कई संवेदनशील मामलों में उन्होंने क्षेत्रीय पुलिस को जरूरी इनपुट व सहयोग उपलब्ध कराया।

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