माखी में किसान की जमीन पर फर्जी दाखिल-खारिज का आरोप, पीड़ित ने मुख्यमंत्री दरबार में लगाई न्याय की गुहार

माखी/उन्नाव।
रागिनी द्विवेदी की खास रिपोर्ट
उन्नाव जिले के थाना माखी क्षेत्र में भूमि दाखिल-खारिज को लेकर एक किसान ने धोखाधड़ी के गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्राम जिंदा खेड़ा निवासी किसान मंगलू का कहना है कि उसके खेतिहर खेत की दाखिल-खारिज फर्जी तरीके से कर दी गई, जिसकी जानकारी उसे तब हुई जब उसने खतौनी में अपना नाम हटाकर दूसरे व्यक्ति का नाम दर्ज देखा।
पीड़ित किसान मंगलू के अनुसार, ग्राम मदारी खेड़ा निवासी आयुष वर्मा ने कथित रूप से धोखाधड़ी करते हुए उसके खेत की दाखिल-खारिज अपने नाम करवा ली। खतौनी में आयुष वर्मा का नाम दर्ज देख किसान के पैरों तले जमीन खिसक गई। पीड़ित का कहना है कि उसने न तो जमीन बेची और न ही किसी प्रकार की सहमति दी, इसके बावजूद राजस्व अभिलेखों में बदलाव कर दिया गया।
मामले को लेकर पीड़ित किसान ने संबंधित अधिकारियों को प्रार्थना पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई है। उसका आरोप है कि फर्जी दस्तावेजों के आधार पर दाखिल-खारिज कराई गई है, जिससे उसकी आजीविका पर सीधा असर पड़ा है। किसान का कहना है कि कई बार शिकायत के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
न्याय न मिलने पर पीड़ित ने प्रदेश सरकार से भी गुहार लगाई है। उसने योगी आदित्यनाथ के जनता दरबार में पहुंचकर अपनी पीड़ा सुनाई और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। पीड़ित का कहना है कि वह कानून पर भरोसा रखता है और उम्मीद करता है कि प्रशासन उसकी जमीन उसे वापस दिलाएगा।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि इस तरह फर्जी दाखिल-खारिज के मामलों पर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो किसानों का भरोसा राजस्व व्यवस्था से उठ जाएगा। फिलहाल मामला प्रशासन के संज्ञान में है और किसान को न्याय मिलने की उम्मीद बनी हुई है।





