लखनऊ पहुंचेंगे सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत, दो दिवसीय प्रवास में युवाओं और समाज प्रतिनिधियों से करेंगे संवाद

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत 17 और 18 फरवरी को लखनऊ के दो दिवसीय प्रवास पर रहेंगे। उनके इस दौरे को संघ के शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों से जोड़कर देखा जा रहा है। विश्व संवाद केन्द्र, लखनऊ की ओर से जारी सूचना के अनुसार, इस दौरान वे विभिन्न सामाजिक, पारिवारिक और बौद्धिक कार्यक्रमों में भाग लेंगे।
बताया गया है कि डॉ. भागवत का कार्यक्रम केवल औपचारिक बैठकों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसमें समाज के अलग-अलग वर्गों के साथ सीधा संवाद भी शामिल है। प्रवास के दौरान वे कुटुंब मिलन कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे, जहां परिवार संस्था और सामाजिक मूल्यों पर चर्चा होने की संभावना है। इसके साथ ही सामाजिक सद्भाव बैठक में भी वे उपस्थित रहेंगे, जिसमें विभिन्न समुदायों के प्रतिनिधि शामिल हो सकते हैं।
युवाओं के साथ संवाद कार्यक्रम को इस दौरे का अहम हिस्सा माना जा रहा है। वर्तमान सामाजिक और राष्ट्रीय परिदृश्य में युवाओं की भूमिका पर चर्चा होने की उम्मीद है। संघ से जुड़े सूत्रों का कहना है कि यह संवाद खुला और विचार-विमर्श आधारित होगा, जिसमें युवाओं को अपने सवाल रखने का अवसर मिलेगा।
इसके अतिरिक्त एक प्रमुख जन गोष्ठी का आयोजन भी प्रस्तावित है। इस गोष्ठी में शहर के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े प्रमुख नागरिकों, शिक्षाविदों और सामाजिक कार्यकर्ताओं के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है।
संघ के शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों के तहत देशभर में विभिन्न आयोजन हो रहे हैं। लखनऊ प्रवास भी उसी कड़ी का हिस्सा बताया जा रहा है। राजधानी में इस दौरे को लेकर संघ कार्यकर्ताओं के बीच उत्साह का माहौल है और तैयारियां तेज कर दी गई हैं।
विश्व संवाद केन्द्र, लखनऊ के प्रांत प्रचार प्रमुख डॉ. अशोक दुबे ने जानकारी दी कि कार्यक्रमों की विस्तृत रूपरेखा और प्रेस से संबंधित जानकारी समय-समय पर उपलब्ध कराई जाएगी।
राजनीतिक और सामाजिक हलकों में भी इस प्रवास को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं। हालांकि, आधिकारिक रूप से इसे संगठनात्मक और सामाजिक संवाद का कार्यक्रम बताया गया है।
डॉ. मोहन भागवत का यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब विभिन्न सामाजिक मुद्दों पर व्यापक बहस चल रही है। ऐसे में उनके विचारों और संदेश पर सभी की निगाहें टिकी रहेंगी।
लखनऊ में दो दिनों तक चलने वाले इस प्रवास के दौरान सुरक्षा और व्यवस्थाओं को लेकर भी प्रशासन सतर्क नजर आ रहा है। कुल मिलाकर, यह दौरा राजधानी के सामाजिक और वैचारिक माहौल में चर्चा का विषय बन गया है।






