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भुवनेश्वर में संगठनात्मक तैयारियों की समीक्षा, पंचायत स्तर तक योजनाओं पर जोर

ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में गुरुवार को महत्वपूर्ण राजनीतिक गतिविधियों के बीच राज्य के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने पार्टी संगठन और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा के लिए एक अहम बैठक की। यह बैठक भारतीय जनता पार्टी के राज्य मुख्यालय में आयोजित की गई, जहां राज्य भाजपा अध्यक्ष मनमोहन सामल भी मौजूद रहे।

बैठक का मुख्य उद्देश्य आगामी राजनीतिक कार्यक्रमों से पहले पार्टी के जमीनी ढांचे को मजबूत करना और राज्य भर में संगठनात्मक समन्वय को बेहतर बनाना था। मुख्यमंत्री ने इस दौरान यह भी सुनिश्चित करने पर जोर दिया कि केंद्र सरकार की योजनाओं का लाभ हर पंचायत तक प्रभावी ढंग से पहुंचे।

बैठक में राज्य मंत्रिमंडल के सदस्य, सभी भाजपा विधायक तथा वरिष्ठ पार्टी पदाधिकारी शामिल हुए। नेताओं ने राज्यभर में बेहतर प्रशासनिक समन्वय, योजनाओं के क्रियान्वयन और संगठन की मजबूती को आगामी राजनीतिक रणनीति के लिए आवश्यक बताया।


पंचायत स्तर तक योजनाओं की पहुंच सुनिश्चित करने पर फोकस

बैठक में इस बात पर विशेष चर्चा हुई कि सरकारी योजनाओं का वास्तविक लाभ ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचे। मुख्यमंत्री ने कहा कि योजनाओं की जानकारी और उनके लाभ को हर गांव और पंचायत स्तर तक पहुंचाना प्राथमिकता होनी चाहिए।

नेताओं ने बताया कि जमीनी स्तर पर पार्टी कार्यकर्ताओं और प्रशासन के बीच बेहतर तालमेल से योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाई जा सकती है। बैठक में विकास योजनाओं की निगरानी और स्थानीय स्तर पर जनसंपर्क कार्यक्रमों को भी मजबूत करने की रणनीति पर चर्चा हुई।


राउरकेला में निवेश सम्मेलन में उद्योग जगत को दिया संदेश

इस बैठक से एक दिन पहले मुख्यमंत्री माझी ने पश्चिमी ओडिशा के औद्योगिक शहर राउरकेला में आयोजित ‘एंटरप्राइज ओडिशा 2026’ कार्यक्रम के 25वें संस्करण में उद्योगपतियों को संबोधित किया था। उन्होंने कहा कि पश्चिमी ओडिशा अब केवल विकास की अगली संभावना नहीं, बल्कि राज्य की आर्थिक प्रगति का मुख्य इंजन बन चुका है।

उन्होंने उद्योगपतियों से क्षेत्र में निवेश बढ़ाने और रोजगार सृजन में सहयोग करने का आह्वान किया।


हजारों करोड़ की परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास

कार्यक्रम के दौरान कुल 8,884 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया गया, जिससे 6,832 लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा हुए।

एक आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, कुल 52,026 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों और समझौता ज्ञापनों (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। इन परियोजनाओं के माध्यम से लगभग 20,427 लोगों को रोजगार मिलने की संभावना जताई गई है, जिससे क्षेत्रीय औद्योगिक विकास को बड़ा बल मिलेगा।


औद्योगिक परियोजनाओं से रोजगार को बढ़ावा

कार्यक्रम में 5,708 करोड़ रुपये के निवेश से जुड़ी 11 औद्योगिक परियोजनाओं का उद्घाटन किया गया, जिससे 4,183 लोगों को रोजगार मिला। इसके अलावा 3,176 करोड़ रुपये की 9 नई परियोजनाओं का शिलान्यास हुआ, जिनसे 2,649 अतिरिक्त रोजगार अवसर सृजित होने की उम्मीद है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह निवेश पश्चिमी ओडिशा के औद्योगिक ढांचे को मजबूत करेगा और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करेगा।


उद्योग जगत और नीति निर्माताओं की बड़ी भागीदारी

कार्यक्रम में उद्योग एवं कौशल विकास मंत्री संपद चंद्र स्वैन सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और उद्योग प्रतिनिधि मौजूद रहे। अतिरिक्त मुख्य सचिव हेमंत शर्मा ने भी उद्योग और निवेश से जुड़े मुद्दों पर जानकारी साझा की।

कार्यक्रम में भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) के प्रतिनिधि, नीति निर्माता, एमएसएमई उद्यमी, स्टार्टअप संस्थापक और महिला उद्यमियों ने भी भाग लिया।


बड़ी कंपनियों की मौजूदगी से बढ़ा निवेश भरोसा

इस निवेश सम्मेलन में देश की कई प्रमुख कंपनियों ने भाग लिया, जिनमें टाटा स्टील, JSW स्टील, वेदांता लिमिटेड, डालमिया सीमेंट, स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड, AMNS इंडिया और राउरकेला चैंबर ऑफ कॉमर्स जैसी संस्थाएं शामिल रहीं।

इन कंपनियों की भागीदारी को पश्चिमी ओडिशा के औद्योगिक भविष्य के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।


पश्चिमी ओडिशा बन रहा नया औद्योगिक केंद्र

विशेषज्ञों के अनुसार खनिज संसाधनों, बेहतर कनेक्टिविटी और औद्योगिक बुनियादी ढांचे के कारण पश्चिमी ओडिशा निवेश के लिए आकर्षक बनता जा रहा है। सम्मेलन में 500 से अधिक उद्योग प्रतिनिधि, निवेशक और अधिकारी उपस्थित रहे, जिन्होंने क्षेत्र की औद्योगिक क्षमता पर चर्चा की।

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