बीघापुर में आवास आवंटन पर बड़ा सवाल: पात्र किसानों ने खोली पोल, पीएम आवास योजना में ‘झोल’ का आरोप

रिपोर्ट: रागिनी द्विवेदी, संवाददाता
बीघापुर/उन्नाव। उन्नाव जनपद की बीघापुर तहसील में ग्रामीण आवास आवंटन को लेकर गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। पात्र किसानों और ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास आवंटन में बड़ा खेल किया जा रहा है—जहां आपात्रों को पात्र दिखाकर लाभ दिया जा रहा है, वहीं वास्तविक पात्र वर्षों से अपने हक के लिए भटक रहे हैं।
मामला बीघापुर ब्लॉक के वार्ड नंबर 1 गांधी नगर से जुड़ा है। स्थानीय निवासी गिरीश कुमार ने मौजूदा सभासद वार्ड नंबर 1 और वार्ड नंबर 2 सहित संबंधित अधिकारियों पर मिलीभगत का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि आपात्र लोगों को गलत तरीके से आवास आवंटित किए गए, जबकि पात्र ग्रामीणों को योजना से वंचित रखा गया। इस संबंध में उन्होंने प्रार्थना पत्र देकर न्याय की गुहार भी लगाई है।
ग्रामीणों का दर्द यहीं खत्म नहीं होता। सूत्रों के अनुसार, कई ऐसे लोग जो पहले से पक्के मकानों में रह रहे हैं, उन्हें जानवर बांधने के स्थान पर अस्थायी छप्पर दिखाकर “बेघर” दर्शाया गया। आरोप है कि गलत सर्वे और भ्रामक रिपोर्ट के आधार पर इन्हें पात्र बताकर आवास दे दिया गया। वहीं, वास्तविक पात्र—जिनके पास आज भी पक्का आवास नहीं—लगभग पांच साल बीत जाने के बाद भी योजना के लाभ से वंचित हैं।
पात्र ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने बार-बार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के सामने अपनी पीड़ा रखी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। सवाल यह भी उठ रहा है कि यदि शिकायतें समय पर दी गईं, तो जांच और सुधार क्यों नहीं हुआ? आखिर जिम्मेदार कौन है—और वे चुप क्यों हैं?
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि निष्पक्ष जांच कराई जाए तो कई मामलों में गलत आवंटन सामने आएंगे। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि आवास आवंटन की पुनः जांच, दोषियों पर कड़ी कार्रवाई और वास्तविक पात्रों को तत्काल आवास उपलब्ध कराया जाए, ताकि योजना का उद्देश्य पूरा हो सके।
अब देखना यह है कि प्रशासन इन आरोपों पर कब संज्ञान लेता है और क्या पात्र ग्रामीणों को उनका हक मिल पाता है या नहीं।





