V6 क्लिनिक्स का बड़ा विस्तार प्लान: 2029 तक देशभर में खुलेंगे 100 नए सेंटर
देशभर में विस्तार की तैयारी, 2029 तक 100 क्लिनिक खोलने का लक्ष्य

राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में हेल्थकेयर सेक्टर से जुड़ी एक बड़ी घोषणा करते हुए V6 क्लिनिक्स ने मार्च 2029 तक देशभर में 100 क्लिनिक खोलने की अपनी योजना का ऐलान किया है। कंपनी का कहना है कि भारत में हेल्थकेयर सेक्टर अब केवल इलाज पर नहीं बल्कि लंबी अवधि के स्वास्थ्य सुधार, प्रिवेंटिव केयर और मापने योग्य परिणामों की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
इस विस्तार योजना को करीब 20 लाख डॉलर के सीड इन्वेस्टमेंट से समर्थन मिलेगा। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि यह विस्तार पारंपरिक भारी निवेश वाले मॉडल की जगह पार्टनर-लेड और कैपिटल-एफिशिएंट ढांचे के जरिए किया जाएगा, जिससे तेजी से नए शहरों में सेवाएं शुरू की जा सकें।
कंपनी का उद्देश्य केवल क्लिनिक की संख्या बढ़ाना नहीं बल्कि पूरे देश में एक समान गुणवत्ता वाली, डॉक्टर-लीड और मेडिकल गवर्नेंस आधारित हेल्थकेयर सेवाएं उपलब्ध कराना है।
पहले चरण में बड़े शहरों और उभरते बाजारों पर फोकस
कंपनी की योजना के अनुसार विस्तार का पहला चरण 2026 की शुरुआत में शुरू होगा। इस चरण में दिल्ली एनसीआर, मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद, पुणे और चेन्नई जैसे टियर-1 शहरों में 12 से 15 नए क्लिनिक खोले जाएंगे।
इसके साथ ही चंडीगढ़, जयपुर, इंदौर और लखनऊ जैसे तेजी से बढ़ते टियर-2 शहरों में भी चुनिंदा एंट्री की योजना बनाई गई है, जहां हेल्थ और वेलनेस सेवाओं की मांग लगातार बढ़ रही है।
कंपनी का मौजूदा गुड़गांव स्थित सेंटर पूरे नेटवर्क के लिए फ्लैगशिप और ट्रेनिंग हब के रूप में काम करता रहेगा। यही सेंटर क्लिनिकल गवर्नेंस, डॉक्टर ट्रेनिंग और उपचार प्रोटोकॉल को मानकीकृत करने में केंद्रीय भूमिका निभाएगा।
हेल्थकेयर विश्लेषकों का मानना है कि बड़े महानगरों के साथ उभरते शहरों को एक साथ लक्ष्य बनाना इस विस्तार रणनीति को व्यावहारिक और तेज़ परिणाम देने वाला बना सकता है।
क्लिनिक मॉडल इलाज से आगे, लॉन्ग-टर्म हेल्थ पर फोकस
कंपनी के अनुसार उसका मॉडल पारंपरिक प्रोसीजर आधारित इलाज से आगे बढ़कर मरीजों को एक इंटीग्रेटेड और पर्सनलाइज़्ड केयर जर्नी उपलब्ध कराता है। इसमें डर्मेटोलॉजी, एस्थेटिक मेडिसिन, न्यूट्रिशन, लाइफस्टाइल सुधार, मेटाबोलिक हेल्थ, मानसिक स्वास्थ्य और प्रिवेंटिव केयर को एक ही फ्रेमवर्क में जोड़ा गया है।
सौरव भैक, जो V6 क्लिनिक्स के मैनेजिंग डायरेक्टर हैं, ने कहा कि किसी भी मरीज का भरोसा जीतने के बाद केवल इलाज करना पर्याप्त नहीं होता, बल्कि दीर्घकालिक परिणाम देना जरूरी होता है।
उनके अनुसार कंपनी का मॉडल क्लिनिक में इलाज के साथ घर पर मॉनिटरिंग, आदतों में सुधार, लाइफस्टाइल गाइडेंस और मेडिकल सुपरविजन के तहत सप्लीमेंटेशन को जोड़ता है, जिससे मरीजों की प्रगति को लगातार ट्रैक किया जा सकता है।
वहीं कंपनी की मेडिकल डायरेक्टर और प्रमुख डर्मेटोलॉजिस्ट डॉ. प्रियंका शर्मा का कहना है कि त्वचा, उम्र बढ़ने की प्रक्रिया, मेटाबॉलिज्म और मानसिक स्वास्थ्य एक-दूसरे से जुड़े होते हैं। उनके अनुसार स्थायी परिणाम केवल अलग-अलग ट्रीटमेंट से नहीं बल्कि निरंतर और समग्र मेडिकल गाइडेंस से मिलते हैं।
कंपनी का कहना है कि उसका फोकस शॉर्ट-टर्म बदलाव के बजाय लॉन्ग-टर्म हेल्थ और पेशेंट ट्रस्ट पर है।
पार्टनर-लेड मॉडल से तेज़ी से विस्तार और कम लागत
V6 क्लिनिक्स का विस्तार मॉडल डॉक्टरों और पार्टनर सेंटर्स के साथ साझेदारी पर आधारित है। इस मॉडल में कंपनी ब्रांड सपोर्ट, क्लिनिकल फ्रेमवर्क, ट्रेनिंग, मार्केटिंग और टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराती है, जबकि स्थानीय पार्टनर डॉक्टर सेंटर का संचालन करते हैं।
इससे हर सेंटर पर शुरुआती निवेश कम होता है और नए शहरों में जल्दी शुरुआत संभव हो पाती है। कंपनी का कहना है कि इससे डॉक्टरों और ब्रांड दोनों के हित एक दिशा में बने रहते हैं।
सीड इन्वेस्टमेंट का इस्तेमाल क्लिनिक इंफ्रास्ट्रक्चर, मेडिकल उपकरण, डॉक्टरों की भर्ती और मल्टीडिसिप्लिनरी टीमों को मजबूत करने में किया जाएगा। लक्ष्य यह है कि देश के अलग-अलग शहरों में भी मरीजों को एक जैसा अनुभव और गुणवत्ता मिले।
हेल्थकेयर सेक्टर के जानकारों का कहना है कि भारत में प्रिवेंटिव और लाइफस्टाइल आधारित हेल्थ सेवाओं की मांग तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में डॉक्टर-लीड, टेक्नोलॉजी सपोर्टेड और परिणाम आधारित मॉडल आने वाले वर्षों में तेजी से बढ़ सकते हैं।
कंपनी के मुताबिक, उसका उद्देश्य केवल सौंदर्य या त्वचा संबंधी सेवाओं तक सीमित नहीं बल्कि संपूर्ण स्वास्थ्य सुधार की दिशा में काम करना है। विस्तार योजना के साथ V6 क्लिनिक्स देश के हेल्थ और वेलनेस सेक्टर में अपनी मौजूदगी को अगले कुछ वर्षों में मजबूत करना चाहता है।





