लखनऊ (राजधानी न्यूज): उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ समेत प्रदेश के प्रमुख शहरों में अपना आशियाना बनाने का सपना देख रहे लोगों के लिए झटका देने वाली खबर है। उत्तर प्रदेश आवास विकास परिषद (UPAVP) ने अपनी संपत्तियों की कीमतों में 5 से 6 फीसदी तक की बढ़ोतरी का प्रस्ताव तैयार कर लिया है। नई कास्टिंग गाइडलाइन के तहत तैयार इस प्रस्ताव को जल्द ही बोर्ड बैठक में रखा जाएगा, जिसे मंजूरी मिलना लगभग तय माना जा रहा है।
अधिकारियों के मुताबिक, यदि बोर्ड इस पर मुहर लगा देता है, तो 1 अप्रैल 2026 से नई दरें प्रभावी हो जाएंगी। परिषद का तर्क है कि विकास कार्यों की बढ़ती लागत और प्रशासनिक खर्चों के कारण कीमतों में यह मामूली इजाफा जरूरी हो गया है।
अवध विहार और वृंदावन योजना में बढ़ेंगे दाम; खरीदारों पर पड़ेगा बोझ
लखनऊ की दो सबसे बड़ी और प्राइम आवासीय योजनाओं— अवध विहार (सुल्तानपुर रोड) और वृंदावन योजना (रायबरेली रोड) में रहने वाले और वहां निवेश करने वालों की जेब पर इसका सीधा असर पड़ेगा।
संतुलित वृद्धि: परिषद का कहना है कि इन योजनाओं में दरें पहले से ही संतुलित हैं, इसलिए यहां बढ़ोत्तरी को न्यूनतम (5-6%) रखने की कोशिश की गई है ताकि मध्यम वर्गीय खरीदारों पर बहुत अधिक बोझ न पड़े।
राजस्व में इजाफा: इस बढ़ोत्तरी से आवास विकास परिषद के खजाने (राजस्व) में बड़ी वृद्धि होने की उम्मीद है, जिससे रुकी हुई विकास परियोजनाओं को गति मिलेगी।
राहत की खबर: जहां सर्किल रेट ज्यादा, वहां नहीं बढ़ेंगे दाम
प्रस्ताव में उन लोगों के लिए राहत का प्रावधान भी किया गया है जहां जमीन की कीमतें पहले से ही जिला प्रशासन के DM सर्किल रेट से अधिक हैं।
नो हाइक जोन: ऐसी आवासीय योजनाएं जहां परिषद की दरें सर्किल रेट को पार कर चुकी हैं, वहां कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा।
निवेशकों के लिए अवसर: जानकारों का मानना है कि दरें बढ़ने से पहले मार्च के अंत तक संपत्तियों की रजिस्ट्री कराने वालों की होड़ लग सकती है।
नई योजनाएं: प्रदेश के अन्य शहरों (जैसे गाजियाबाद, मेरठ और कानपुर) में विकसित हो रही नई योजनाओं में भी बढ़ी हुई दरें लागू होना तय है।
