बदायूं में 50 साल पुरानी प्रभात फेरी पर बवाल, पुलिस लाठीचार्ज में महिलाएं-युवक घायल, थाने का घेराव
50 साल पुरानी प्रभात फेरी रोकने पर बवाल, पुलिस लाठीचार्ज में महिलाएं-युवक घायल, थाने का घेराव।

रिपोर्ट: आकाश सक्सेना, ब्यूरो बदायूं
बदायूं। इस्लामनगर थाना क्षेत्र के ग्राम ब्योर कासिमाबाद में शुक्रवार तड़के प्रभात फेरी को लेकर बड़ा बवाल हो गया। करीब 50 साल पुरानी परंपरा के तहत निकाली जा रही माघ माह की प्रभात फेरी को पुलिस ने विवादित और गैर-परंपरागत मार्ग बताते हुए रोकने का प्रयास किया, जिसके बाद हालात बिगड़ गए। ग्रामीणों और पुलिस के बीच बढ़ती नोकझोंक के बाद पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। इस कार्रवाई में महिलाओं और युवकों समेत कई लोग घायल हो गए, जिन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया।
ग्रामीणों का कहना है कि प्रभात फेरी वर्षों से उसी मार्ग से निकाली जाती रही है। आरोप है कि दूसरे समुदाय की शिकायत पर पुलिस ने परंपरागत प्रभात फेरी को रोकने की कोशिश की, जिससे आक्रोश फैल गया। बताया गया कि एक दिन पहले भी प्रभात फेरी को लेकर तनाव की स्थिति बनी थी, जिसे पुलिस ने किसी तरह शांत कराया था।
शुक्रवार सुबह करीब पांच बजे इस्लामनगर पुलिस गांव पहुंची और प्रभात फेरी को रोकने का प्रयास किया। विरोध बढ़ने पर बिल्सी और उघैती थाने की पुलिस के साथ पीएसी को भी मौके पर बुला लिया गया। कुछ ही देर में बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्र हो गए। स्थिति बिगड़ती देख एसडीएम बिसौली राशि कृष्णा और सीओ बिल्सी मौके पर पहुंचे।
बदायूं में परंपरा बनाम प्रशासन!
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करीब आठ बजे पुलिस और ग्रामीणों के बीच कहासुनी के बाद लाठीचार्ज हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार प्रभात फेरी में महिलाएं, पुरुष और बच्चे शामिल थे। लाठीचार्ज में करीब 10 महिलाएं घायल हुईं, कुछ बच्चे भी चोटिल हुए, जबकि कई पुरुषों को भी गंभीर चोटें आईं। अचानक हुई कार्रवाई से भगदड़ मच गई। ग्रामीणों का आरोप है कि कार्रवाई के दौरान मौके पर एक भी महिला पुलिसकर्मी मौजूद नहीं थी।
घटना की सूचना पर पहुंचे हृदेश कठेरिया (एसपी देहात) ने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन लोग प्रभात फेरी रोकने वाले पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे। ग्रामीणों ने संजीव कुमार (सीओ) और नरेश कुमार सिंह (एसएचओ) पर महिलाओं पर लाठीचार्ज कराने का आरोप लगाया।
काफी देर चली गहमागहमी के बाद पुलिस बैकफुट पर आई और प्रभात फेरी को पुलिस सुरक्षा में निकलवाया गया। इसके बावजूद गांव में रोष बना हुआ है।
थाने का घेराव, हनुमान चालीसा का पाठ
प्रभात फेरी रोके जाने और लाठीचार्ज से नाराज बजरंग दल समेत कई हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता दोपहर करीब एक बजे गांव पहुंचे। उन्होंने इस्लामनगर थाने का घेराव कर धरना दिया और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान हनुमान चालीसा का पाठ भी किया गया। संगठनों का आरोप है कि पुलिस ने जानबूझकर रास्ते को विवादित बताया।
ग्रामीणों का कहना है कि सपा सरकार के दौरान वर्ष 2012 में केवल दो साल रास्ता खराब होने के कारण प्रभात फेरी वैकल्पिक मार्ग से निकाली गई थी। रास्ता ठीक होने के बाद फिर से पुराने मार्ग से प्रभात फेरी निकाली जा रही थी, लेकिन इस बार पुलिस ने रोक लगा दी।
प्रशासन का पक्ष
इस पूरे मामले में डॉ. ब्रजेश कुमार सिंह (वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक) ने बताया कि ग्राम ब्योर कासिमाबाद में प्रभात फेरी गैर-परंपरागत मार्ग से निकालने का प्रयास किया गया था। पुलिस द्वारा रोकने पर कहासुनी और धक्का-मुक्की हुई।
उन्होंने कहा कि मार्ग निर्धारण के लिए प्रार्थना पत्र दिया गया है, जिस पर एसडीएम बिसौली द्वारा निर्णय लिया जाएगा। पूरे प्रकरण की जांच एसपी सिटी को सौंपी गई है और दोषी पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी।
घटना के बाद गांव में एहतियातन पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। प्रशासन का कहना है कि क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए हर जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।





