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फ्री… फ्री… फ्री! भारत की इस इकलौती ट्रेन में न टिकट लेनी है और न ही रिजर्वेशन

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नई दिल्ली। ट्रेन की यात्रा अपने आप में रोमांचक होती है। भारत में हर दिन लाखों लोग लंबी दूरी तय करने के लिए रेलवे का सहारा लेते हैं। आमतौर पर ट्रेन यात्रा के लिए टिकट और रिजर्वेशन अनिवार्य होता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि देश में एक ऐसी ट्रेन भी है, जिसमें सफर पूरी तरह मुफ्त है—न टिकट की जरूरत और न ही रिजर्वेशन का झंझट।

हम बात कर रहे हैं भाखड़ा-नांगल ट्रेन की, जो पिछले 75 वर्षों से यात्रियों को मुफ्त यात्रा की सुविधा दे रही है। यह ट्रेन हिमाचल प्रदेश और पंजाब की सीमा पर स्थित नंगल और भाखड़ा के बीच चलती है और स्थानीय लोगों के साथ-साथ पर्यटकों के बीच भी काफी लोकप्रिय है।

रेलवे नहीं, प्रबंधन बोर्ड करता है संचालन

यह ट्रेन भारतीय रेलवे के अंतर्गत नहीं आती, बल्कि इसका संचालन भाखड़ा-ब्यास प्रबंधन बोर्ड द्वारा किया जाता है। ट्रेन लगभग 13 किलोमीटर की दूरी तय करती है और इस दौरान शिवालिक पहाड़ियां और सतलुज नदी को पार करती है। यात्रा के दौरान यात्रियों को प्राकृतिक सौंदर्य के अद्भुत दृश्य देखने को मिलते हैं।

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भाप इंजन से डीजल इंजन तक का सफर

शुरुआत में यह ट्रेन भाप इंजन से चलाई जाती थी, लेकिन वर्ष 1953 में इसमें अमेरिका से मंगवाए गए डीजल इंजन लगाए गए। वर्तमान में ट्रेन रोजाना करीब 50 लीटर डीजल की खपत करती है, जिस पर लगभग 5,000 रुपये प्रतिदिन का खर्च आता है। इसके बावजूद यात्रियों से किसी प्रकार का किराया नहीं लिया जाता।

सुरंगों और स्टेशनों से गुजरती अनोखी यात्रा

भाखड़ा-नांगल ट्रेन अपने सफर के दौरान 6 छोटे स्टेशनों और 3 सुरंगों से होकर गुजरती है। इस दौरान यात्रियों को भाखड़ा-नांगल बांध और आसपास की पहाड़ियों का मनमोहक नजारा देखने को मिलता है। यह यात्रा केवल परिवहन का साधन नहीं, बल्कि भारत के औद्योगिक इतिहास की झलक भी पेश करती है।

लकड़ी की बोगियां, अलग-अलग व्यवस्था

इस ट्रेन की बोगियां लकड़ी से बनी हुई हैं। पहले ट्रेन में 10 बोगियां हुआ करती थीं, लेकिन अब केवल 3 बोगियां ही चलाई जा रही हैं। इनमें एक बोगी पर्यटकों के लिए, एक महिलाओं के लिए और एक सामान्य यात्रियों के लिए आरक्षित रहती है। रिपोर्ट्स के अनुसार, इन बोगियों का निर्माण कराची में किया गया था।

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रोजाना 800 से ज्यादा यात्री

नंगल और भाखड़ा के बीच रोजाना 800 से अधिक लोग इस ट्रेन से सफर करते हैं। पर्यटकों के लिए यह ट्रेन एक विशेष आकर्षण बन चुकी है, क्योंकि यहां बिना किसी खर्च के पहाड़ों, नदी और बांध का नजारा देखने का मौका मिलता है।

मुफ्त सफर की अनोखी मिसाल

इस तरह भाखड़ा-नांगल ट्रेन देश की उन चुनिंदा और अनोखी ट्रेनों में शामिल है, जहां बिना टिकट और बिना रिजर्वेशन के मुफ्त यात्रा की सुविधा मिलती है। यह ट्रेन न केवल सुविधा का प्रतीक है, बल्कि भारत की इंजीनियरिंग और औद्योगिक विरासत की एक जीवंत मिसाल भी है।

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