लखनऊ में समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता राजकुमार भाटी के कथित ब्राह्मण समाज विरोधी बयान को लेकर सियासी विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। मंगलवार को मामला उस समय और गरमा गया जब पूर्व पीसीएस अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री समाजवादी पार्टी मुख्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए। उन्होंने सपा नेतृत्व से राजकुमार भाटी के खिलाफ कार्रवाई करने और सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की। धरने के दौरान सपा मुख्यालय के बाहर काफी देर तक तनावपूर्ण माहौल बना रहा। मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा ताकि स्थिति नियंत्रण में बनी रहे।
जानकारी के अनुसार अलंकार अग्निहोत्री अपने समर्थकों के साथ सपा कार्यालय पहुंचे और शांतिपूर्ण धरना शुरू कर दिया। उन्होंने कहा कि ब्राह्मण समाज को लेकर दिए गए बयान से लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं और इस तरह की टिप्पणियां सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने का काम करती हैं। धरने के दौरान उन्होंने समाजवादी पार्टी से स्पष्ट रुख अपनाने और कार्रवाई करने की मांग दोहराई। धीरे-धीरे मौके पर समर्थकों की संख्या बढ़ने लगी, जिससे माहौल और गर्म हो गया।
स्थिति उस समय बिगड़ गई जब पुलिस ने अलंकार अग्निहोत्री को धरना स्थल से हटाने की कोशिश की। इस दौरान पुलिस और समर्थकों के बीच तीखी नोकझोंक हुई। मौके पर मौजूद लोगों का कहना है कि पुलिस ने अलंकार अग्निहोत्री को हिरासत में लेकर उन्हें पुलिस वाहन तक पहुंचाया। इस दौरान कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। पुलिस अधिकारियों ने लोगों को समझाने का प्रयास किया और सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा कर दिया।
विवाद को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने सपा मुख्यालय के बाहर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया है। अधिकारियों का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिकता है और किसी भी तरह की अराजकता फैलाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
गौरतलब है कि राजकुमार भाटी के बयान को लेकर भाजपा और कई ब्राह्मण संगठन पहले से ही समाजवादी पार्टी पर हमलावर हैं। ऐसे में यह मामला अब राजनीतिक और सामाजिक दोनों स्तरों पर बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है। आने वाले दिनों में इस विवाद के और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।




