दिल्ली: उन्नाव से पहुंचे समर्थकों ने जंतर-मंतर पर जताया कुलदीप सिंह सेंगर के लिए समर्थन, बोले – ‘मीडिया ट्रायल हुआ’

नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के उन्नाव से बड़ी संख्या में लोग रविवार को दिल्ली के जंतर-मंतर पर एकत्र हुए और पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर के समर्थन में प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि सेंगर के मामले में निष्पक्ष जांच से पहले ही मीडिया ट्रायल किया गया, जिससे उनकी छवि को गंभीर नुकसान पहुंचा है। समर्थकों ने मांग की कि न्यायिक प्रक्रिया को स्वतंत्र रूप से काम करने दिया जाए और अंतिम फैसले से पहले किसी को दोषी न ठहराया जाए।
इस समर्थन-प्रदर्शन में उन्नाव और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से आए लोग शामिल थे। कई वक्ताओं ने मंच से कहा कि कुलदीप सेंगर पर लगे आरोपों में पक्षपात हुआ है और बिना सभी तथ्यों की गहन जांच के उन्हें दोषी मान लिया गया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि वे किसी के खिलाफ नफरत फैलाने नहीं आए हैं, बल्कि केवल निष्पक्ष न्याय की मांग कर रहे हैं।

प्रदर्शन के दौरान अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा, करणी सेना सहित अन्य संगठनों के कार्यकर्ता भी मौजूद रहे। इन संगठनों के सदस्यों का आरोप था कि राजनीतिक दबाव, मीडिया की एकतरफा रिपोर्टिंग और विरोधी दलों की भूमिका ने इस पूरे मामले को और अधिक संवेदनशील बना दिया है। उनका कहना था कि अदालतों में मामला विचाराधीन है, ऐसे में जनता और मीडिया को संयम बरतना चाहिए।
समर्थकों ने ‘न्याय चाहिए’, ‘मीडिया ट्रायल बंद करो’ जैसे नारे लगाए। उन्नाव से आए कुछ युवाओं ने मीडिया से बातचीत में कहा कि वे न्यायिक प्रक्रिया का सम्मान करते हैं, लेकिन चाहते हैं कि फैसला तथ्यों और कानून के आधार पर हो, न कि जनभावनाओं या सोशल मीडिया दबाव के कारण।
आज जंतर मंतर पर #KuldeepSinghSengar के पक्ष में काफी बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हुए और प्रदर्शन कर रहें है…
क्योंकि हाल ही के दिनों में जिस तरह से सारे #फैक्ट, कुलदीप सिंह सेंगर के पक्ष में होने के बावजूद उन्हें मीडिया ट्रायल के दबाव में पुनः उनकी जमानत पर रोक लगा दिया गया… pic.twitter.com/3EOV6AyM8W
— Yogesh Pratap Singh (@Yogesh_PSingh) January 11, 2026
इस बीच, सोशल मीडिया पर भी इस मुद्दे को लेकर तीखी बहस देखने को मिल रही है। समर्थकों और आलोचकों के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी है। वायरल पोस्ट्स के अनुसार, 11 जनवरी को सेंगर की बेटियों द्वारा जंतर-मंतर पर एक क्षत्रिय सम्मेलन आयोजित करने का आह्वान किया गया था, जिसमें उनके पिता के समर्थन में लोगों से जुटने की अपील की गई थी। इससे जुड़े वीडियो और संदेश सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर तेजी से फैल रहे हैं।
हालांकि, इस समर्थक जुटान के समानांतर पीड़िता के पक्ष में खड़े लोग और सामाजिक कार्यकर्ता भी अपनी आवाज उठा रहे हैं। उनका कहना है कि मामला बेहद संवेदनशील है और प्राथमिकता पीड़िता को न्याय दिलाने की होनी चाहिए। कई प्रतिक्रियाओं में यह भी कहा गया कि किसी भी तरह की रैली या समर्थन-प्रदर्शन से पीड़िता और उसके परिवार पर मानसिक दबाव बढ़ सकता है।
कानूनी जानकारों का मानना है कि ऐसे मामलों में सार्वजनिक प्रदर्शन सामाजिक भावनाओं को और अधिक उभार सकते हैं, इसलिए इसे राजनीतिक और कानूनी दोनों दृष्टिकोणों से सावधानीपूर्वक देखा जाना चाहिए। उनका कहना है कि न्यायालय ही अंतिम फैसला करेगा और सभी पक्षों को उसी प्रक्रिया का सम्मान करना चाहिए।
#isupportkuldeepsinghsengar जंतर मंतर पर मीडिया से team Rajput of भारत से मुख़ातिब पत्रकार मृगेंद्र प्रताप सिंह
जय भावनी ✌️ pic.twitter.com/VAnWmvP47t— Rajput of भारत (@rajput_of_bihar) January 11, 2026
उल्लेखनीय है कि कुलदीप सिंह सेंगर, पूर्व भाजपा विधायक, 2017 के उन्नाव यौन उत्पीड़न मामले में सजा काट रहे हैं। दिसंबर 2025 में दिल्ली हाईकोर्ट ने उनकी उम्रकैद की सजा पर रोक लगाते हुए जमानत दी थी, लेकिन इसके खिलाफ सीबीआई और पीड़िता पक्ष सुप्रीम कोर्ट पहुंचे। सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगाते हुए मामले की आगे सुनवाई शुरू कर दी है, जो अभी जारी है।
समर्थकों का कहना है कि जब तक न्यायिक प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती, तब तक किसी को पहले से दोषी ठहराना न्यायसंगत नहीं है। वहीं, आलोचक पक्ष का कहना है कि कानून के तहत पीड़िता को न्याय दिलाना सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। इस मुद्दे पर दिल्ली समेत देश के अन्य हिस्सों में भी बहस और चर्चा जारी है।





