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कटक SCB मेडिकल कॉलेज में भीषण अग्निकांड: 10 मरीजों की दर्दनाक मौत; मुख्यमंत्री ने किया 25-25 लाख के मुआवजे का ऐलान

कटक/भुवनेश्वर: ओडिशा के स्वास्थ्य इतिहास में रविवार का दिन एक काला अध्याय बनकर उभरा। कटक के प्रसिद्ध एससीबी (SCB) मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर स्थित आईसीयू (ICU) में अचानक लगी भीषण आग ने 10 मासूम जिंदगियों को लील लिया। इस हादसे ने न केवल प्रभावित परिवारों को उम्र भर का दर्द दिया है, बल्कि देश के बड़े सरकारी अस्पतालों में सुरक्षा इंतजामों और ‘सेफ्टी स्टैंडर्ड्स’ की पोल भी खोल कर रख दी है।

ओडिशा: कटक के SCB मेडिकल कॉलेज के ICU में लगी आग, 10 मरीजों की मौत |  Cuttack SCB Medical College Fire

कैसे हुआ हादसा? चीख-पुकार के बीच बचाव कार्य

जानकारी के मुताबिक, आग लगने की घटना ट्रॉमा सेंटर के आईसीयू वार्ड में हुई, जहाँ गंभीर रूप से घायल और बीमार मरीजों का इलाज चल रहा था। देखते ही देखते आग ने पूरे वार्ड को अपनी चपेट में ले लिया। धुएं का गुबार इतना घना था कि कमरों में मौजूद लोगों को बाहर निकलने का रास्ता तक नहीं सूझा।

इस भयावह आग में 10 मरीजों की झुलसने और दम घुटने से मौत हो गई, जबकि 5 अन्य मरीज गंभीर रूप से घायल हैं। राहत और बचाव कार्य के दौरान अस्पताल के 11 कर्मचारी भी झुलस गए, जिन्होंने अपनी जान जोखिम में डालकर मरीजों को बाहर निकालने की कोशिश की। घायलों का इलाज इसी अस्पताल के बर्न यूनिट में चल रहा है।

कटक के एससीबी मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में भीषण आग, 10 मरीजों की मौत; परिजनों  को 25 लाख मुआवजा - रॉयल बुलेटिन

मुख्यमंत्री का घटनास्थल पर दौरा और मुआवजे की घोषणा

हादसे की खबर मिलते ही ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी तुरंत कटक पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल का बारीकी से मुआयना किया और अस्पताल प्रशासन व डॉक्टरों से पूरी जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने इस घटना को ‘अत्यंत हृदयविदारक’ बताया।

पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री माझी ने बड़ी घोषणाएं कीं:

  • मुआवजा: मृतकों के परिजनों को 25-25 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी।

  • मुफ्त इलाज: आग में घायल हुए मरीजों और अस्पताल कर्मचारियों के इलाज का पूरा खर्च राज्य सरकार उठाएगी।

  • उच्च स्तरीय जांच: मुख्यमंत्री ने घटना की उच्च स्तरीय न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं ताकि यह साफ हो सके कि आग लगने का असली कारण शॉर्ट सर्किट था या लापरवाही।

Odisha Cuttack SCB Medical College Hospital Fire 10 patients killed

सुरक्षा मानकों पर उठ रहे हैं गंभीर सवाल

इस दर्दनाक हादसे ने अस्पतालों में ‘फायर सेफ्टी’ को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है। एससीबी जैसे बड़े मेडिकल कॉलेज में जहाँ हजारों लोग रोज आते हैं, वहां ऐसी चूक कैसे हुई?

  1. फायर ऑडिट: क्या अस्पताल का नियमित फायर ऑडिट हो रहा था?

  2. स्मोक डिटेक्टर्स और अलार्म: क्या आईसीयू में स्मोक डिटेक्टर काम कर रहे थे?

  3. इमरजेंसी एग्जिट: क्या आग लगने की स्थिति में मरीजों को निकालने के लिए पर्याप्त रास्ते थे?

  4. शॉर्ट सर्किट: अक्सर अस्पतालों में पुराने तारों और एयर कंडीशनर के अधिक लोड की वजह से आग लगती है, क्या यहाँ भी वही हुआ?

अस्पतालों के लिए ‘वेक-अप कॉल’

देशभर में हाल के वर्षों में अस्पतालों में आग लगने की कई घटनाएं हुई हैं। कटक का यह हादसा एक ‘वेक-अप कॉल’ है कि अस्पतालों को केवल इलाज ही नहीं, बल्कि मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भी आधुनिक अग्निशमन उपकरणों और कड़े नियमों का पालन करना होगा।

कटक के एससीबी मेडिकल कॉलेज का यह हादसा उन परिवारों के लिए कभी न भूलने वाला जख्म है जिन्होंने अपनों को खोया है। हालांकि मुआवजे से जान की भरपाई नहीं की जा सकती, लेकिन यह उम्मीद की जा रही है कि जांच के बाद दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे।