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UP News: श्रद्धा दुबे के नागपुर से कैसे जुड़े तार? जेड गैंग कनेक्शन की पड़ताल में जुटी पुलिस, पढ़िए पूरी कुंडली

शिवा शर्मा हत्याकांड में श्रद्धा दुबे नागपुर से गिरफ्तार। जेड गैंग से कनेक्शन की जांच, मोबाइल डेटा और फार्म हाउस संरक्षण के सुराग तलाश रही पुलिस।

लखनऊ/नागपुर: कारोबारी शिवा शर्मा की मौत के मामले में मॉडल श्रद्धा दुबे की नागपुर से गिरफ्तारी के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि फरारी के दौरान उसके नागपुर से तार कैसे जुड़े। पुलिस अब मुंबई के जेड गैंग से उसके कनेक्शन की पड़ताल कर रही है। साथ ही यह भी जांचा जा रहा है कि नागपुर में उसे संरक्षण किसने दिया और फार्म हाउस में ठहराने की तैयारी किसकी थी।

नागपुर पहुंचने की कहानी

पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक श्रद्धा, उसकी बहन रश्मि और चालक तनवीर अली उर्फ दानिश 10 अक्तूबर को सीतापुर-लखीमपुर मार्ग से बहराइच के रुपईडीहा पहुंचे थे। उनकी आखिरी लोकेशन सुबह करीब 6:20 बजे भारत-नेपाल सीमा के पास मिली थी, जिसके बाद नेपाल भागने की आशंका जताई गई थी। 13 अक्तूबर को पुलिस को रुपईडीहा में श्रद्धा की एसयूवी पार्किंग में खड़ी मिली थी। इसके बाद 20 अक्तूबर को लखनऊ पुलिस और एसटीएफ ने संयुक्त कार्रवाई कर तीनों को नागपुर से गिरफ्तार किया।

जेड गैंग से क्या है कनेक्शन

चर्चा यह है कि मुंबई का जेड गैंग श्रद्धा को नागपुर में संरक्षण देने और फार्म हाउस में ठहराने के लिए बुलाया था। हालांकि यूपी पुलिस के पास इसकी कोई पुष्टि नहीं है। जांच में यह पहलू देखा जा रहा है कि फरारी के दौरान वह नागपुर कैसे पहुंची और वहां उसे किसने पनाह दी। बताया जा रहा है कि गैंग ने फार्म हाउस में ठहराने की तैयारी की थी, लेकिन यूपी पुलिस को समय रहते लोकेशन मिल गई और फार्म हाउस स्थानांतरित होने से पहले ही उसे गिरफ्तार कर लिया गया। अधिकारियों का कहना है कि श्रद्धा की मदद करने वालों के खिलाफ साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।

जेड गैंग की कुंडली

पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक जेड गैंग का सरगना जुल्फिकार बेहलिम और उसका भाई मोहसिन बेहलिम है। मुंबई के पश्चिमी उपनगरों में रंगदारी, कारोबारियों को धमकाने और हिंसा की वारदातों में इस गैंग के शामिल होने के आरोप हैं। जुलाई 2026 में एक बिल्डर से 25 लाख रुपये की रंगदारी मांगने के मामले में जुल्फिकार, मोहसिन समेत 12 लोगों को गिरफ्तार किया गया था और अगस्त में मकोका लगाया गया था। मुंबई पुलिस के अनुसार गैंग के तार मादक पदार्थों और सोने की तस्करी से भी जुड़े हैं।

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मोबाइल में छिपे हैं कई राज

पुलिस की नजर श्रद्धा और अन्य आरोपियों के मोबाइल फोन पर है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक नागपुर से गिरफ्तार श्रद्धा, रश्मि और दानिश के पास से चार मोबाइल फोन मिले हैं। इनमें फरारी के दौरान हुई बातचीत और चैट के रिकॉर्ड होने की संभावना है। घटना से पहले आरोपियों के किन-किन लोगों से संपर्क थे, इसकी जानकारी भी इन फोन से मिल सकती है। सवाल यह है कि इन फोन का डेटा कभी सामने आएगा या कई राज दफन रह जाएंगे।

गाड़ी में पीछे बैठने से किया इनकार

गिरफ्तारी के बाद श्रद्धा का 1.18 मिनट का वीडियो सामने आया है। इसमें वह पुलिसकर्मियों से गाड़ी की पिछली सीट पर बैठाने से मना करती है और सांस लेने में परेशानी की बात कहती है। वह आगे की सीट पर बैठाने का अनुरोध करती है, लेकिन पुलिसकर्मी उसे अन्य आरोपियों के साथ पीछे बैठने के लिए कहते हैं। पुलिसकर्मी उसे भरोसा दिलाते हैं कि दिक्कत होने पर व्यवस्था की जाएगी। वीडियो में पुलिसकर्मी यह भी कहते सुनाई देते हैं कि मीडिया ने उसकी बदनामी की है, जिस पर श्रद्धा कहती है कि ऐसा मीडिया की वजह से हुआ है।

शिवा की मां ने जताया आभार

शिवा शर्मा की मां रंजना शर्मा ने आरोपियों की गिरफ्तारी पर सरकार और लखनऊ पुलिस का आभार जताया है। उन्होंने अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। रंजना ने कहा कि अभी लड़ाई बाकी है और आरोपियों को सजा मिलने तक पूरा न्याय नहीं मिलेगा। गिरफ्तारी की जानकारी मिलने के बाद वह बुधवार को परिवार के साथ बेटे की अस्थियां विसर्जित करने हरिद्वार रवाना हो गईं।

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चालक दानिश की बहन का बयान

चालक दानिश की बहन का एक वीडियो बयान भी सामने आया है। उनका कहना है कि दानिश चार महीने से श्रद्धा के यहां ड्राइवर के तौर पर काम कर रहा था। घटना वाले दिन भी वह रोज की तरह ड्यूटी पर गया था, लेकिन घर नहीं लौटा। उन्हें मीडिया के जरिये ही शिवा की मौत और भाई के नेपाल भागने की जानकारी मिली। दानिश का इस घटना से क्या संबंध है, इस बारे में उन्हें कुछ पता नहीं है।

राजनीति से मॉडलिंग तक का सफर

रायबरेली के एक मोहल्ले से निकलकर श्रद्धा हाईप्रोफाइल कैसे बनी, यह सवाल अब भी बरकरार है। बताया जाता है कि 2016 में उसने राजनीति में किस्मत आजमाने की कोशिश की, लेकिन नाकाम रही। इसके बाद उसने मॉडलिंग की दुनिया में कदम रखा। श्रद्धा की शादी 2010 के आसपास प्रतापगढ़ निवासी लोकेश पांडेय से हुई थी। शादी के बाद वह हैदराबाद चली गई, लेकिन करीब एक साल बाद अनबन के चलते अलग होकर लखनऊ आ गई। 2022 में तलाक के बाद वह पूरी तरह लखनऊ में रहने लगी और मॉडलिंग कम कर हाईप्रोफाइल लोगों के बीच सक्रिय हो गई।

श्रद्धा, रश्मि और दानिश को 21 अक्तूबर को नागपुर कोर्ट में पेश किया गया था, जहां से ट्रांजिट रिमांड मिलने पर हजरतगंज पुलिस उन्हें लखनऊ लेकर रवाना हुई। श्रद्धा के मित्र और मैनेजर नामजद आरोपी आदिल को भी यूपी एसटीएफ ने बुधवार दोपहर गिरफ्तार कर लिया। जेड गैंग से संबंधों की पुष्टि अभी बाकी है और जांच जारी है।

Prashant Tiwari

प्रशांत तिवारी एक अनुभवी पत्रकार हैं। वे क्राइम की खबरें लिखते हैं और डिजिटल मीडिया का काम भी करते हैं। उन्होंने दूरदर्शन न्यूज़ में डिजिटल हेड और प्राइम टीवी में डिजिटल मार्केटिंग मैनेजर के रूप में काम किया है। वे अंडरकवर रिपोर्टिंग और स्टिंग ऑपरेशन भी करते रहे हैं।

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