दिल्ली के रामलीला मैदान में 1 नवंबर को कांग्रेस की विशाल रैली, लखनऊ में तैयारियों को लेकर हुई बैठक
उत्तर प्रदेश कांग्रेस ने 1 नवंबर 2026 को दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाली रैली की तैयारियां तेज कीं। लखनऊ में हुई बैठक में राजेंद्र पाल गौतम, आराधना मिश्रा मोना और इमरान मसूद ने कार्यकर्ताओं को जुटाने की रणनीति पर चर्चा की।

लखनऊ : उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने 1 नवंबर 2026 को दिल्ली के रामलीला मैदान में प्रस्तावित विशाल रैली की तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में लखनऊ स्थित प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में अवध जोन के जिला और शहर कांग्रेस अध्यक्षों, पदाधिकारियों, सांसदों, पूर्व सांसदों तथा पूर्व लोकसभा और विधानसभा प्रत्याशियों की बैठक आयोजित की गई।
बैठक में रैली की तैयारियों, कार्यकर्ताओं की भागीदारी और विभिन्न जिलों से लोगों को दिल्ली पहुंचाने की रणनीति पर चर्चा हुई। कांग्रेस नेताओं ने इस रैली को लोकतांत्रिक अधिकारों और संवैधानिक संस्थाओं की जवाबदेही से जुड़े मुद्दों को उठाने का महत्वपूर्ण अवसर बताया।
उत्तर प्रदेश कांग्रेस प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने बैठक को संबोधित करते हुए कार्यकर्ताओं से 1 नवंबर की रैली को सफल बनाने का आह्वान किया। उन्होंने दावा किया कि यह रैली केवल सामान्य राजनीतिक विरोध प्रदर्शन नहीं, बल्कि देश के संवैधानिक ढांचे की रक्षा के लिए एक बड़ा आंदोलन होगी। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस और विपक्ष मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तथा उन्हें पद से हटाने की मांग उठा रहे हैं।
गौतम ने निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं से भाजपा को लाभ पहुंचाया जा रहा है। ये कांग्रेस के आरोप हैं, जिनकी स्वतंत्र पुष्टि के लिए संबंधित आधिकारिक पक्ष और जांच के निष्कर्ष महत्वपूर्ण होंगे।
उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष आराधना मिश्रा ‘मोना’ ने कहा कि उत्तर प्रदेश इस मुद्दे पर प्रमुख आवाज बनेगा। उन्होंने बताया कि रैली में अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए जिला, ब्लॉक और विधानसभा स्तर पर विशेष प्रभारियों की नियुक्ति की गई है। उन्होंने कार्यकर्ताओं, युवाओं, छात्र संगठनों और नागरिक समाज के लोगों को रैली से जोड़ने पर जोर दिया। पार्टी का उद्देश्य प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करना और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को व्यापक स्तर पर उठाना है।
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के उत्तर प्रदेश सहप्रभारी अब्दुल मन्नान और अभिषेक दत्त ने कहा कि आंदोलन में युवाओं, छात्र संगठनों और विभिन्न सामाजिक संगठनों की भागीदारी बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे को केवल राजनीतिक दल तक सीमित नहीं मानती, बल्कि इसे नागरिकों के लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़ा विषय बताती है। नेताओं ने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में लोगों को रैली के उद्देश्य की जानकारी दें और दिल्ली में होने वाले कार्यक्रम के लिए संगठनात्मक तैयारियां मजबूत करें।
उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कार्यकारी अध्यक्ष और सांसद इमरान मसूद ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि SIR प्रक्रिया के तहत डिजिटल रिकॉर्ड और सॉफ्टवेयर के इस्तेमाल से पिछड़े वर्गों, दलितों, आदिवासियों और अल्पसंख्यक समुदायों के मतदाताओं के नाम जानबूझकर हटाए जा रहे हैं। मसूद ने कहा कि राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस इस मुद्दे को सड़क से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक उठाने की बात कर रही है। उन्होंने 1 नवंबर की रैली को मुख्य चुनाव आयुक्त को पद से हटाने की मांग के समर्थन में आंदोलन का महत्वपूर्ण चरण बताया।
तैयारी बैठक में राजेंद्र पाल गौतम, आराधना मिश्रा ‘मोना’, इमरान मसूद, अब्दुल मन्नान और अभिषेक दत्त सहित कई नेता शामिल हुए। इसके अलावा उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष आलोक प्रसाद, देवेंद्र निषाद तथा बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी मौजूद रहे। बैठक में संगठन को सक्रिय करने, विभिन्न क्षेत्रों से कार्यकर्ताओं की भागीदारी बढ़ाने और रैली के लिए जनसंपर्क अभियान तेज करने पर जोर दिया गया।
दिल्ली के रामलीला मैदान में 1 नवंबर 2026 को प्रस्तावित कांग्रेस रैली ऐसे समय आयोजित होने जा रही है, जब उत्तर प्रदेश में SIR और मतदाता सूची की कथित विसंगतियों को लेकर राजनीतिक विवाद जारी है। कांग्रेस इस कार्यक्रम के जरिए निर्वाचन आयोग की जवाबदेही, मतदाता अधिकारों और संवैधानिक संस्थाओं की भूमिका से जुड़े मुद्दे उठाने की तैयारी कर रही है।


