उन्नाव/दही चौकी से रिपोर्ट:
उन्नाव के दही औद्योगिक क्षेत्र में स्थित AOV Exports Pvt. Ltd. में काम कर रहे मजदूरों की हालत बद से बदतर होती जा रही है। मजदूरों ने श्रम कानूनों की खुलेआम अनदेखी का आरोप लगाया है। लेकिन डर और मजबूरी ऐसी है कि कोई भी कर्मचारी सामने आने को तैयार नहीं है।
मजदूरों ने नाम न बताने की शर्त पर मौखिक रूप से अपनी पीड़ा साझा की। उनका कहना है कि फैक्ट्री में रोजाना 10 से 12 घंटे तक काम कराया जाता है, जबकि कागजों में 8 घंटे का नियम दिखाया जाता है। ओवरटाइम का पैसा या तो मिलता नहीं या फिर अधूरा दिया जाता है।
एक मजदूर ने कहा,
“हम लोग मजबूरी में चुप हैं। परिवार चलाना है, इसलिए सब सहना पड़ता है। अगर किसी ने आवाज उठाई तो सीधे बाहर का रास्ता दिखा दिया जाता है।”
मजदूरों का यह भी आरोप है कि फैक्ट्री में मूलभूत सुविधाओं का भी अभाव है। पीने का साफ पानी, आराम करने की जगह और सुरक्षा उपकरण जैसी जरूरी चीजें पर्याप्त नहीं हैं। ऐसे में हर दिन काम करना जोखिम भरा बना हुआ है।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, यह यूनिट दही चौकी औद्योगिक क्षेत्र के साइट-1 में बड़े स्तर पर संचालित हो रही है, लेकिन इसके बावजूद जिम्मेदार विभागों की नजर इस ओर नहीं पड़ रही है। सवाल यह भी उठ रहा है कि आखिर इतनी बड़ी इकाई में लगातार शिकायतों के बाद भी कार्रवाई क्यों नहीं हो रही।
श्रम विभाग की भूमिका पर भी उंगली उठ रही है। लोगों का कहना है कि अगर समय रहते जांच नहीं हुई तो मजदूरों का शोषण इसी तरह जारी रहेगा।
अब देखने वाली बात यह होगी कि प्रशासन इन गुमनाम आवाजों को कितना महत्व देता है—या फिर मजदूरों की मजबूरी यूं ही खामोशी में दबती रहेगी।
