Axis Bank पर कंज्यूमर कोर्ट का हंटर: ATM से नहीं निकले पैसे पर खाते से कट गए ₹5,000; अब 8 साल बाद बैंक भरेगा भारी जुर्माना

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली/नागपुर: डिजिटल बैंकिंग के इस दौर में अक्सर हमें एटीएम (ATM) से लेनदेन करते समय समस्याओं का सामना करना पड़ता है। कई बार मशीन से पैसे नहीं निकलते, लेकिन खाते से राशि कट जाती है। ऐसा ही एक मामला नागपुर से सामने आया है, जहाँ उपभोक्ता आयोग ने ‘सेवा में कमी’ के लिए एक्सिस बैंक (Axis Bank) को कड़ी फटकार लगाई है। आयोग ने बैंक को न केवल ग्राहक के कटे हुए पैसे वापस करने का आदेश दिया है, बल्कि मानसिक प्रताड़ना के लिए भारी मुआवजा देने का भी निर्देश दिया है।

8 साल पुरानी जंग, अब मिला न्याय

यह मामला आज का नहीं, बल्कि करीब 8 वर्ष पुराना है। नागपुर के रहने वाले एक जागरूक ग्राहक के साथ 19 अगस्त, 2018 को यह घटना घटी थी। शिकायतकर्ता ने एक्सिस बैंक के एटीएम से 5,000 रुपये निकालने की कोशिश की थी। मशीन से नकदी तो बाहर नहीं आई, लेकिन उनके मोबाइल पर तुरंत मैसेज आया कि खाते से 5,000 रुपये कट चुके हैं।

सामान्यतः ऐसे मामलों में पैसे कुछ दिनों में वापस आ जाते हैं, लेकिन यहाँ बैंक ने ग्राहक की बात सुनने से इनकार कर दिया। सालों तक बैंक के चक्कर काटने के बाद आखिरकार पीड़ित ने जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग का दरवाजा खटखटाया।

यह भी पढ़ें  Ind vs Eng U19 Final: भारत बना छठी बार वर्ल्ड चैंपियन! वैभव सूर्यवंशी के तूफान में उड़ा इंग्लैंड, 100 रनों से मिली ऐतिहासिक जीत

आयोग की फटकार: बैंक ने नहीं ली जिम्मेदारी

जिला उपभोक्ता आयोग ने इस मामले की सुनवाई के दौरान एक्सिस बैंक के रवैये पर गहरी नाराजगी जताई। आयोग ने साफ कहा कि एटीएम से राशि डेबिट होना और नकद न मिलना एक गंभीर मामला है। ऐसे लेनदेन की तुरंत जांच करना और ग्राहक को बिना किसी परेशानी के उसका पैसा लौटाना पूरी तरह बैंक की जिम्मेदारी है।

आयोग की मुख्य टिप्पणियां:

  • बैंक की लापरवाही: बैंक ने शिकायतकर्ता की बार-बार की गई शिकायतों को गंभीरता से नहीं लिया।

  • लोकपाल प्रक्रिया की विफलता: आयोग ने पाया कि बैंक बैंकिंग लोकपाल प्रक्रिया के दौरान भी निष्पक्ष सुनवाई सुनिश्चित करने में विफल रहा।

  • एकतरफा कार्रवाई: सबसे दिलचस्प बात यह रही कि कानूनी नोटिस मिलने के बावजूद एक्सिस बैंक का कोई भी प्रतिनिधि आयोग के सामने पेश नहीं हुआ। इसके बाद आयोग ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर एकपक्षीय फैसला सुनाया।

मुआवजे का आदेश: बैंक को क्या-क्या देना होगा?

उपभोक्ता आयोग ने अपने ऐतिहासिक फैसले में एक्सिस बैंक को निम्नलिखित भुगतान करने का आदेश दिया है:

  1. मूल राशि: ग्राहक के खाते से कटे हुए 5,000 रुपये तुरंत वापस किए जाएं।

  2. मुआवजा: मानसिक और शारीरिक परेशानी के लिए ग्राहक को 10,000 रुपये का मुआवजा दिया जाए।

  3. सेवा में कमी: आयोग ने इसे बैंक की स्पष्ट लापरवाही माना है।

यह भी पढ़ें  उन्नाव में जहरखुरानी का शिकार हुए नोएडा के व्यापारी: सड़क किनारे बेहोश छोड़ भागे बस चालक और परिचालक

सावधानी ही बचाव है: अगर आपके साथ भी ऐसा हो तो क्या करें?

अक्सर लोग ऐसे मामलों में हार मान लेते हैं, लेकिन नागपुर का यह मामला एक मिसाल है। अगर एटीएम से पैसे न निकलें और खाते से कट जाएं, तो ये कदम जरूर उठाएं:

  • ट्रांजैक्शन स्लिप: हमेशा एटीएम से निकलने वाली ट्रांजैक्शन स्लिप संभाल कर रखें।

  • बैंक को शिकायत: तुरंत संबंधित बैंक की शाखा या कस्टमर केयर पर लिखित शिकायत दर्ज कराएं और शिकायत संख्या (Complaint ID) लें।

  • आरबीआई का नियम: आरबीआई के अनुसार, असफल एटीएम लेनदेन का पैसा 5 कार्य दिवसों के भीतर वापस आ जाना चाहिए। ऐसा न होने पर बैंक को प्रतिदिन 100 रुपये हर्जाना देना पड़ता है।

  • उपभोक्ता आयोग: यदि बैंक आपकी सुनवाई न करे, तो आप कंज्यूमर कोर्ट (उपभोक्ता आयोग) जा सकते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *