
उन्नाव। उत्तर प्रदेश के दो प्रमुख शहरों को जोड़ने वाला कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे अब पूरी तरह बनकर तैयार हो गया है। करीब 4700 करोड़ रुपये की लागत से बने इस 63 किलोमीटर लंबे हाईटेक एक्सप्रेसवे का उद्घाटन मई महीने में प्रधानमंत्री Narendra Modi द्वारा किए जाने की संभावना है। फिलहाल उद्घाटन की तारीख के लिए प्रधानमंत्री कार्यालय से अंतिम मंजूरी का इंतजार किया जा रहा है।
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (National Highways Authority of India) के अधिकारियों के अनुसार, एक्सप्रेसवे पूरी तरह तैयार है और मई में इस पर वाहनों का संचालन शुरू हो सकता है। यह एक्सप्रेसवे लखनऊ के शहीद पथ से शुरू होकर कानपुर-लखनऊ नेशनल हाईवे पर गंगाघाट क्षेत्र के कडेर पतारी गांव तक जाता है, जिसे आगे कानपुर के उद्योग पथ से भी जोड़ा जाएगा।
यह छह लेन का सिग्नल-फ्री एक्सप्रेसवे यात्रा को तेज और सुगम बनाएगा। एक्सप्रेसवे पर 126 हाईटेक कैमरे लगाए गए हैं, जिनसे पूरे मार्ग की निगरानी की जाएगी। इस परियोजना का बड़ा हिस्सा उन्नाव (करीब 45 किमी) में और शेष लखनऊ (18 किमी) में पड़ता है।
इस एक्सप्रेसवे की खास बात यह भी है कि इसके निर्माण में पहली बार एआईएमजीसी (Automated Intelligent Machine Guided Construction) तकनीक का इस्तेमाल किया गया है, जो अब तक अमेरिका और जर्मनी जैसे देशों में उपयोग की जाती रही है। भारत में इस तकनीक के इस्तेमाल को सड़क निर्माण के क्षेत्र में बड़ा कदम माना जा रहा है।
हालांकि एक्सप्रेसवे तैयार होने के बावजूद लखनऊ और उन्नाव के कुछ हिस्सों में अतिक्रमण की समस्या सामने आ रही है, जो भविष्य में यातायात व्यवस्था को प्रभावित कर सकती है। प्रशासन इस समस्या के समाधान के लिए भी तैयारी कर रहा है।
बताया जा रहा है कि उद्घाटन की तारीख तय होते ही 10 से 15 दिन पहले इसकी आधिकारिक घोषणा कर दी जाएगी। मई के दूसरे सप्ताह तक प्रधानमंत्री के हाथों इसका लोकार्पण होने की पूरी संभावना जताई जा रही है।
इस एक्सप्रेसवे के शुरू होने से लखनऊ और कानपुर के बीच यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा और दोनों शहरों के बीच कनेक्टिविटी को नया आयाम मिलेगा।





