Unnao Crime Report: सदर कोतवाली क्षेत्र में छह महीनों में बढ़ा अपराध, चोरी से दुष्कर्म तक—नागरिकों में असुरक्षा

उन्नाव जनपद का सबसे व्यस्त और संवेदनशील थाना सदर कोतवाली है, जिसे शहर का दिल कहा जाता है। इस क्षेत्र में पिछले छह महीनों यानी अप्रैल से अक्टूबर 2026 के दौरान अपराध की घटनाएं इस कदर बढ़ीं कि आम नागरिकों के मन में असुरक्षा का भाव गहरा गया है। चोरी-नकबजनी से लेकर दुष्कर्म, अवैध हथियार, नशीले पदार्थ, साइबर ठगी और अज्ञात शवों तक हर तरह के अपराध की खबरें लगातार सामने आईं। पुलिस की कई गिरफ्तारियों और बरामदगियों के बावजूद इलाके में अपराध का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। यह रिपोर्ट उपलब्ध सार्वजनिक समाचार स्रोतों और पुलिस की आधिकारिक कार्रवाइयों पर आधारित है। थाना स्तर के आधिकारिक कुल आंकड़े सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं हैं, इसलिए जिले स्तर के संदर्भ और सदर कोतवाली क्षेत्र की विशिष्ट घटनाओं को विस्तार से प्रस्तुत किया जा रहा है।
उत्तर प्रदेश पुलिस के रिकॉर्ड के अनुसार पूरे उन्नाव जिले में 1 जनवरी से 28 दिसंबर 2025 के बीच चोरी के 202 मामले, नकबजनी के 72 मामले, लूट के 39 और डकैती के 6 मामले दर्ज हुए। हत्या के 83 और हत्या के प्रयास के 120 मामले भी दर्ज किए गए। इनमें से कई मामलों में आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित की गई। सदर कोतवाली जैसे शहरी और घनी आबादी वाले थाने में इन अपराधों का बड़ा हिस्सा होना स्वाभाविक माना जाता है। 2026 के आधे साल में भी इसी तरह की प्रवृत्ति जारी दिख रही है। सदर कोतवाली क्षेत्र में चोरी की घटनाएं सबसे ज्यादा चिंता का विषय बनी हुई हैं। जुलाई 2026 में हुसैन नगर चौराहे पर सिगरेट विक्रेता प्रवेश तिवारी का बैग चोरी हो गया। 31 जुलाई को कोतवाली सदर में मुकदमा दर्ज हुआ। पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर पीडी नगर कट बाईपास से जावेद और बाबू को गिरफ्तार किया। उनके पास से 89 डिब्बी विभिन्न ब्रांड की सिगरेट बरामद हुईं।
जून 2026 में मौहारी बाग सिविल लाइन स्थित शिक्षण संस्थान में ताला तोड़कर चोरी हुई। उदयकांत वाजपेयी की शिकायत पर कैमरा, डीवीआर, नकदी, एटीएम कार्ड, मोबाइल, लैपटॉप और चार्जर गायब होने की रिपोर्ट दर्ज हुई। सितंबर में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लैपटॉप, चार्जर, चेक और 8 हजार रुपये नकद बरामद किए। जून 2026 में कल्याणी देवी मोहल्ला में परिवार भंडारे में गया था। सूने घर से लाखों के जेवर और 50 हजार रुपये नकद चोरी हो गए। पुलिस ने बाद में सात शातिर चोरों को चोरी का माल बांटते हुए पकड़ा। जाफर, सुल्तान, दिलशाद, शाहबाज, महेश समेत आरोपियों के पास से मोबाइल, पायल, मंगलसूत्र पेंडल, नकदी और अन्य सामान बरामद हुआ। अप्रैल 2026 में एबी नगर में किरायेदार महिला इंदु पांडेय पर लाखों के जेवर चोरी का आरोप लगा। पुलिस ने तीन दिन में खुलासा कर 1.75 लाख रुपये नकद और करीब 20 लाख रुपये के आभूषण बरामद किए। गहने खरीदने वाले ज्वेलर को भी गिरफ्तार किया गया। मार्च 2026 में कोतवाली सदर पुलिस ने एक चोर गिरोह के पांच सदस्यों को गिरफ्तार किया। लगभग 15 लाख रुपये का चोरी का माल, अवैध हथियार और वाहन बरामद हुए। मुख्य आरोपी शैलेंद्र उर्फ दीपू पर पहले से कई गंभीर मुकदमे दर्ज थे। सितंबर 2026 में ई-रिक्शा चोरी के मामले में मगरवारा मार्ग पर चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। दो ई-रिक्शा, बैटरी, चार्जर और टायर बरामद हुए। इनमें से एक पर पॉक्सो एक्ट का भी केस दर्ज था। ये घटनाएं दर्शाती हैं कि चोर बंद घरों, सूने मकानों और दुकानों को निशाना बना रहे हैं। जेवर, नकदी और रोजमर्रा की वस्तुएं चुराई जा रही हैं। पुलिस की कई सफल कार्रवाइयों के बावजूद नई घटनाएं सामने आती रहना क्षेत्रवासियों के लिए चिंता का विषय है।
गंभीर अपराधों की बात करें तो जुलाई 2026 में पॉक्सो एक्ट के तहत एक दुष्कर्म का मामला कोतवाली सदर में दर्ज हुआ। आरोपी अंकित कुमार सविता (26) के खिलाफ बीएनएस की धारा 64(1), 351(3) और पॉक्सो की धारा 3/4 के तहत केस दर्ज था। 10 सितंबर 2026 को पुलिस ने उसे गांधी नगर तिराहे के पास टैम्पो स्टैंड से गिरफ्तार किया। अप्रैल 2026 में कोतवाली सदर पुलिस ने पावर हाउस के पीछे मैदान में संदिग्ध मोटरसाइकिल सवार दो व्यक्तियों को रोका। उनके पास से 6 किलोग्राम अवैध गांजा बरामद हुआ। अमर सिंह (35) और अशोक (38) को गिरफ्तार कर एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/20 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। मई 2026 में अवैध तमंचा और कारतूस के साथ एक युवक को गिरफ्तार किया गया। तालिब सराय इलाके का रहने वाला आरोपी चेकिंग के दौरान पकड़ा गया। अगस्त 2026 में महज 24 घंटे के अंदर सदर कोतवाली क्षेत्र में तीन अज्ञात शव मिले। आदर्शनगर मोहल्ले में शराब ठेके के पास एक युवक का शव, फिर नहर में एक और शव मिला। इंस्पेक्टर चंद्रकांत मिश्र ने बताया कि तीनों शवों की पहचान नहीं हो पाई थी और शिनाख्त के प्रयास जारी थे। सिर पर चोट के निशान होने से इलाके में सनसनी फैल गई। सितंबर 2026 में सिविल लाइन में चबूतरे के विवाद में बुजुर्ग गार्गी शंकर मिश्रा पर कुल्हाड़ी और ईंट से हमला हुआ। वीडियो वायरल होने के बाद कोतवाली सदर में मुकदमा दर्ज किया गया। ये घटनाएं दर्शाती हैं कि क्षेत्र में न केवल संपत्ति संबंधी अपराध बल्कि शरीर संबंधी और गंभीर अपराध भी हो रहे हैं।
साइबर ठगी के मामलों में भी तेजी देखी गई। अक्टूबर 2026 में नरेंद्र नगर निवासी अशोक कुमार के खाते से फर्जी लिंक के जरिए 5 हजार रुपये कट गए। प्रयाग नारायण खेड़ा निवासी क्षितिज अवस्थी के खाते से एपीके फाइल के जरिए 20 हजार रुपये निकाले गए। कोतवाली सदर साइबर टीम ने एमआरएम पोर्टल की मदद से दोनों पीड़ितों को कुल 25 हजार रुपये वापस दिलाए। जनवरी 2026 में इंद्रानगर निवासी हरिओम तिवारी के खाते से 45,500 रुपये की साइबर ठगी हुई। पुलिस ने पूरी रकम वापस दिलाई। अक्टूबर 2026 में कलेक्ट्रेट परिसर में आत्मदाह की कोशिश का मामला भी कोतवाली सदर में दर्ज हुआ। पुलिस की सक्रियता की बात करें तो कई मामलों में सफलता हासिल की गई है। ऑपरेशन मुस्कान के तहत अक्टूबर 2026 में ही 126 गुमशुदा मोबाइल बरामद कर मालिकों को सौंपे गए। मिशन शक्ति अभियान के तहत अपराधियों को थाने बुलाकर चेतावनी दी जा रही है। नवरात्रि-दशहरा और दीपावली को लेकर गश्त बढ़ाई गई है। पटाखा दुकानों पर छापेमारी और लाइसेंस जांच तेज है।
फिर भी सवाल उठ रहे हैं कि इतनी घटनाओं के बावजूद थाना स्तर के आंकड़े क्यों सार्वजनिक नहीं किए जाते और गश्त तथा निगरानी पर्याप्त है या नहीं। दीपावली नजदीक है और पटाखा मार्केट बंद होने से व्यापारियों में नाराजगी है, जबकि घरों और बाजारों की सुरक्षा का मुद्दा भी कायम है। सदर कोतवाली क्षेत्र के बाशिंदे अब पहले से ज्यादा सतर्क हैं। पुलिस का दावा है कि अपराध पर अंकुश लगाया जा रहा है और आरोपियों को पकड़ा जा रहा है, लेकिन घटनाओं का सिलसिला देखकर लगता है कि चुनौती अभी बाकी है। नागरिकों से अपील है कि संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तुरंत 112 पर दें और अपने घर-दुकान सुरक्षित रखें। यह विस्तृत रिपोर्ट उपलब्ध समाचार स्रोतों और पुलिस की सार्वजनिक कार्रवाइयों पर आधारित है। आधिकारिक और अद्यतन आंकड़ों के लिए थाना कोतवाली सदर या एसपी कार्यालय उन्नाव से संपर्क किया जा सकता है।


