AI का असर: Anthropic में जूनियर तकनीकी भर्तियों की हिस्सेदारी 27% से घटकर 9% पर आई

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कंपनी एंथ्रोपिक में जूनियर तकनीकी पदों पर भर्ती की हिस्सेदारी तेजी से घटी है। कंपनी की एक शोध रिपोर्ट के मुताबिक यह हिस्सेदारी 27 प्रतिशत से घटकर सिर्फ 9 प्रतिशत रह गई है। इसकी वजह यह है कि एआई टूल्स के बढ़ते इस्तेमाल से भर्ती की प्राथमिकताएं बदल रही हैं और एंट्री-लेवल तकनीकी भूमिकाओं की मांग कम हो रही है। यह निष्कर्ष इस बात को भी उजागर करता है कि एआई को अपनाने से फ्रेश ग्रेजुएट्स और करियर की शुरुआत कर रहे तकनीकी पेशेवरों के लिए रोजगार के अवसर कैसे बदल सकते हैं, भले ही कंपनियां अपने कुल कार्यबल का विस्तार जारी रखें।
कंपनी की तकनीकी शोध रिपोर्ट के मुताबिक एंथ्रोपिक के तकनीकी विभागों में जूनियर स्तर के कर्मचारियों की हिस्सेदारी 2025 की शुरुआत से 21 प्रतिशत से घटकर 14 प्रतिशत हो गई है। वहीं जूनियर तकनीकी भर्तियों का अनुपात और भी तेजी से गिरा है, जो 27 प्रतिशत से 9 प्रतिशत पर आ गया है। यह रिपोर्ट कंपनी के आंतरिक रोजगार, भर्ती और उत्पादकता के आंकड़ों के साथ-साथ 17 कर्मचारियों के इंटरव्यू पर आधारित है। रिपोर्ट में पाया गया कि अप्रैल 2026 तक इंजीनियरिंग और रिसर्च टीमों ने निचले स्तर की तकनीकी भर्ती पर अपना जोर कम कर दिया था। रिपोर्ट के मुताबिक लगभग एक तिहाई मशीन लर्निंग मैनेजर और एक-पांचवें सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग मैनेजर ने बताया कि उन्होंने एआई की वजह से कम भर्तियां कीं।
यह बदलाव ऐसे समय आया है जब एआई एजेंट्स पारंपरिक रूप से कर्मचारियों द्वारा किए जाने वाले कामों को तेजी से अपने हाथ में ले रहे हैं, खासकर कोडिंग, डिबगिंग और अन्य नियमित तकनीकी काम। रिपोर्ट के अनुसार अगस्त 2026 तक कर्मचारियों द्वारा निर्देशित एआई एजेंट्स अपने मानव समकक्षों की तुलना में छह गुना ज्यादा घंटे काम कर रहे थे। एआई के इस बढ़ते इस्तेमाल के साथ उत्पादकता में भी बड़ा फायदा देखने को मिला है। प्रति इंजीनियर कोड कमिट छह महीने पहले के स्तर से पांच गुना तक बढ़ गए, जबकि सेल्स, लीगल और फाइनेंस जैसे कार्यों में भी कर्मचारियों का आउटपुट बढ़ा है। हालांकि रिपोर्ट में यह चेतावनी भी दी गई है कि बढ़ा हुआ आउटपुट जरूरी नहीं कि बेहतर बिजनेस नतीजों में बदल जाए और सिर्फ एआई को अपनाना हर उत्पादकता सुधार की वजह नहीं हो सकता।
काम की बदलती प्रकृति भर्ती के फैसलों को भी प्रभावित कर रही है। हायरिंग मैनेजर अब संकीर्ण तकनीकी विशेषज्ञता के बजाय स्वतंत्र निर्णय क्षमता, अनुकूलनशीलता और एआई टूल्स का इस्तेमाल करने की क्षमता को ज्यादा प्राथमिकता दे रहे हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि हायरिंग मैनेजर अब उम्मीदवारों का आकलन उनके निर्णय और प्रतिबद्धता के आधार पर कर रहे हैं, न कि उन डोमेन-विशिष्ट कौशलों और निष्पादन के आधार पर जिन्हें एआई टूल्स ने स्वचालित कर दिया है। जूनियर तकनीकी पदों की हिस्सेदारी घटने के बावजूद एंथ्रोपिक का कुल कार्यबल लगातार बढ़ता रहा है और तकनीकी भर्तियां भी पूर्ण रूप से बढ़ी हैं। हालांकि ये निष्कर्ष एंट्री-लेवल रोजगार को लेकर व्यापक चिंताएं पैदा करते हैं, क्योंकि कंपनियां नियमित कामों को तेजी से स्वचालित कर रही हैं। रिपोर्ट में इस चुनौती को स्वीकार करते हुए कहा गया है कि मौजूदा कर्मचारियों के लिए रोजगार संरक्षण उन लोगों को फायदा नहीं पहुंचाएगा जिन्हें शुरू से ही नौकरी पर नहीं रखा गया। इसमें यह भी कहा गया है कि एआई से पैदा होने वाले व्यापक रोजगार व्यवधानों से निपटने के लिए श्रमिकों के पुनः प्रशिक्षण और आय संरक्षण को सपोर्ट करने वाली सरकारी नीतियां जरूरी होंगी।



