लखनऊ ट्रैफिक का सच: मुंशी पुलिया पर जाम का जाल, ‘ऑटो वसूली’ के चौकी प्रभारी पर आरोप—112 भी बेअसर!

लखनऊ। राजधानी के Munshi Pulia इलाके में ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त नजर आ रही है। सेक्टर-14 के पास, खलीफा होटल के आसपास हर रात जाम ऐसा लगता है मानो सड़कें पार्किंग में बदल गई हों। तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि ऑटो, बाइक और कारें एक-दूसरे में फंसी हुई हैं और लोग घंटों तक जाम में जूझने को मजबूर हैं।

जाम नहीं, सिस्टम फेल होने की तस्वीर

यह सिर्फ ट्रैफिक जाम नहीं, बल्कि सिस्टम की नाकामी की खुली तस्वीर है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यहां रोजाना अवैध तरीके से ऑटो खड़े कराए जाते हैं, जिससे सड़क की चौड़ाई आधी रह जाती है। हालात इतने खराब हैं कि एंबुलेंस और जरूरी सेवाएं भी फंस जाती हैं।

‘ऑटो वसूली’ का खेल?

स्थानीय लोगों और दुकानदारों का कहना है कि यहां “ऑटो वसूली” का खेल चल रहा है। आरोप है कि चौकी प्रभारी पर ऑटो चालकों से पैसे लेकर उन्हें सड़क पर खड़ा रहने देते हैं। इसके चलते ट्रैफिक पूरी तरह चरमरा गया है।

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112 और ट्रैफिक पुलिस की भूमिका पर सवाल

सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इतनी भीड़ और अराजकता के बावजूद न तो ट्रैफिक पुलिस नजर आती है और चौकी बल की कोई सक्रियता दिखती है। लोगों का कहना है कि कई बार शिकायत के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती।

रात में और बिगड़ते हैं हालात

रात के समय यह समस्या और गंभीर हो जाती है। सड़क किनारे खड़े ऑटो, दुकानों के बाहर भीड़ और बिना किसी ट्रैफिक नियंत्रण के वाहनों की लंबी कतार—यह सब मिलकर इलाके को “नो मूवमेंट ज़ोन” बना देते हैं।

लोगों में गुस्सा साफ दिख रहा है। उनका कहना है कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो यह समस्या और विकराल हो जाएगी। कई लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि अवैध स्टैंड हटाए जाएं, ट्रैफिक पुलिस की तैनाती बढ़ाई जाए और वसूली के इस कथित खेल की जांच हो।

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