राम जन्मभूमि आंदोलन के ‘राम सखा’ त्रिलोकीनाथ पांडेय के योगदान पर आई पुस्तक, बेटे अमित पांडेय ने साझा किए अनकहे पहलू
अयोध्या में 24 सितंबर को श्रद्धांजलि कार्यक्रम
नई दिल्ली। राम जन्मभूमि मामले की लंबी कानूनी यात्रा और आंदोलन से जुड़े त्रिलोकीनाथ पांडेय के योगदान को दस्तावेज के रूप में सामने लाने के उद्देश्य से उनके पुत्र अमित पांडेय ने एक पुस्तक तैयार की है। करीब 242 पन्नों की इस पुस्तक में उनके सामाजिक जीवन, राम जन्मभूमि मामले से जुड़ी कानूनी प्रक्रिया और विभिन्न लोगों के योगदान से जुड़े संस्मरण एवं दस्तावेज शामिल किए गए हैं।
एक पॉडकास्ट बातचीत में अमित पांडेय ने बताया कि उनके पिता सार्वजनिक जीवन में सक्रिय होने के बावजूद हमेशा सादगी और लो-प्रोफाइल जीवन के लिए जाने जाते थे। परिवार के अनुसार, वे जरूरतमंदों की सहायता के लिए निजी संसाधनों का भी उपयोग करते थे।
अमित पांडेय ने राम जन्मभूमि मामले में अपने पिता की भूमिका पर भी चर्चा की। उनके अनुसार, मुकदमे के बाद के दौर में त्रिलोकीनाथ पांडेय ‘राम सखा’ के रूप में जुड़े और वर्ष 2010 के इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले तक इस भूमिका में रहे। उन्होंने कहा कि मामले की कानूनी यात्रा में कई वकीलों, गवाहों, संतों और कार्यकर्ताओं का योगदान रहा, जिनका उल्लेख अपेक्षाकृत कम हुआ है।
उन्होंने अशोक सिंघल समेत आंदोलन से जुड़े अनेक लोगों और परिवारों के योगदान को भी याद किया। अमित पांडेय के मुताबिक, पुस्तक तैयार करने में करीब ढाई वर्ष लगे और विभिन्न संबंधित लोगों से लेख एवं संस्मरण जुटाए गए।
उन्होंने यह भी कहा कि उनके पिता वैचारिक मतभेद के बावजूद दूसरे पक्ष से जुड़े लोगों के साथ व्यक्तिगत संबंध बनाए रखते थे। परिवार का कहना है कि त्रिलोकीनाथ पांडेय के योगदान को किसी राजनीतिक पहचान तक सीमित करने के बजाय उनके सामाजिक जीवन और मूल्यों के संदर्भ में देखा जाना चाहिए।
24 सितंबर को श्रद्धांजलि कार्यक्रम
त्रिलोकीनाथ पांडेय की पुण्य स्मृति में 24 सितंबर 2026, गुरुवार को दोपहर 3 बजे अयोध्या के श्री राम हनुमान यज्ञशाला मंदिर, निकट तपस्वी छावनी, जानकी घाट में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम का आयोजन राम सखा पंडित त्रिलोकी नाथ पांडेय स्मृति सेवा न्यास की ओर से किया जा रहा है।




