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दिल्ली में डॉ. मुकेश बत्रा की किताब ‘टॉक्सिक’ लॉन्च, शत्रुघ्न सिन्हा और मेनका गांधी रहे मौजूद

अमरेश द्विवेदी। नई दिल्ली: प्रसिद्ध होम्योपैथी चिकित्सक डॉ. मुकेश बत्रा की नई किताब ‘Toxic: Stories, Science, and Remedies for a Cleaner Mind, Body and Spirit’ का विमोचन रविवार को द ललित, नई दिल्ली में किया गया। यह किताब स्वामी शैलेंद्र सरस्वती के साथ लिखी गई है और ब्लूम्सबरी इंडिया द्वारा प्रकाशित की गई है। इस मौके पर अभिनेता और पूर्व सांसद शत्रुघ्न सिन्हा और पूर्व केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे।

कार्यक्रम में आधुनिक जीवन के तनाव, प्रदूषण और भावनात्मक संघर्षों पर चर्चा हुई।

“वन्स ए फ्रेंड, ऑलवेज ए फ्रेंड” – शत्रुघ्न सिन्हा

डॉ. बत्रा के साथ अपनी पुरानी दोस्ती को याद करते हुए शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा, “वन्स ए फ्रेंड, ऑलवेज ए फ्रेंड। यह सिर्फ दोस्ती की बात नहीं है, हम दोनों मिलकर एक म्यूचुअल एडमिरेशन सोसायटी बनाते हैं।”

वहीं, मेनका गांधी ने डॉ. बत्रा को एक बेहतरीन इंसान बताते हुए कहा कि वे हमेशा बेजुबानों की मदद के लिए आगे रहते हैं। उन्होंने कहा कि होम्योपैथी का उनके जीवन में विशेष स्थान है, क्योंकि वे जानवरों के इलाज में भी इसका उपयोग करती हैं।

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सभ्यता खुद को धीरे-धीरे जहर दे रही है – डॉ. बत्रा

अपनी किताब के बारे में बात करते हुए डॉ. मुकेश बत्रा ने कहा कि यह किताब प्रदूषित हवा, खाने-पीने की चिंताओं, डिजिटल निर्भरता और भावनात्मक संघर्षों पर बढ़ती खामोशी को लेकर उनकी चिंता से उपजी है।

उन्होंने कहा, “इसीलिए मैंने ‘टॉक्सिक’ लिखी – एक डॉक्टर के तौर पर मरीज का निदान करने के लिए नहीं, बल्कि एक पूरी सभ्यता के गवाह के तौर पर, जो धीरे-धीरे खुद को ही जहरीला बना रही है, कभी प्रदूषकों से तो कभी अपने ही विचारों से।”

डॉ. बत्रा ने कहा कि आज लोग इतने चिंतित, थके हुए या शर्मिंदा हैं कि वे बता भी नहीं पाते कि उनके साथ क्या गलत हो रहा है। उन्होंने कहा कि किसी को सेहत के लिए टहलने की सलाह देना भी मुश्किल हो गया है, जब हवा ही प्रदूषित हो।

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बॉलीवुड का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, “हर शुक्रवार बॉक्स ऑफिस पर भगवान बैठा होता है,” जो इस ग्लैमर भरी दुनिया के पीछे के तनाव और हर रिलीज को सर्वाइवल टेस्ट जैसा बना देने वाले दबाव को दिखाता है।

कार्यक्रम में स्वामी शैलेंद्र सरस्वती ने कहा, “यह सिर्फ हमारे शरीर के बारे में नहीं है। हमें अपने विचारों, भावनाओं और कर्मों पर भी उतना ही ध्यान देना चाहिए।”

Prashant Tiwari

प्रशांत तिवारी एक अनुभवी ब्रॉडकास्ट जर्नलिस्ट, क्राइम इन्वेस्टिगेटिव रिपोर्टर और डिजिटल मीडिया स्ट्रैटेजिस्ट हैं। उन्होंने डीडी न्यूज़ (दूरदर्शन) में बतौर डिजिटल हेड की सेवाएं दीं और प्राइम टीवी में डिजिटल मार्केटिंग मैनेजर के रूप में न्यूज़ प्लेटफॉर्म्स की डिजिटल ग्रोथ, ऑडियंस एंगेजमेंट और मल्टी-प्लेटफॉर्म मीडिया स्ट्रैटेजी पर महत्वपूर्ण काम किया। क्राइम इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के तौर पर उन्होंने कई न्यूज़ चैनलों के लिए अंडरकवर/स्पाई-स्टाइल रिपोर्टिंग, स्टिंग ऑपरेशन और फील्ड इन्वेस्टिगेशन किए। संगठित अपराध, साइबर क्राइम, ड्रग्स सिंडिकेट, मानव एवं गौवंश तस्करी और फर्जीवाड़े जैसे विषयों पर उनकी इन्वेस्टिगेशन चर्चित रहीं। कई संवेदनशील मामलों में उन्होंने क्षेत्रीय पुलिस को जरूरी इनपुट व सहयोग उपलब्ध कराया।

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