पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर पीएम मोदी ने दी श्रद्धांजलि, अंत्योदय के विचारों को अपनाने का किया आह्वान
पीएम मोदी ने साझा किया संस्कृत सुभाषित

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने पंडित दीनदयाल उपाध्याय के अंत्योदय के विचार और समाज की अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति के उत्थान को राष्ट्र निर्माण का महत्वपूर्ण आधार बताया।
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट के जरिए पंडित दीनदयाल उपाध्याय को नमन किया। उन्होंने कहा कि उनके विचार आज भी जनकल्याण के लिए प्रेरणा देते हैं। प्रधानमंत्री ने लोगों से उनके आदर्शों को आत्मसात करने और सामाजिक एवं राष्ट्रीय दायित्वों को पूरा करने का संकल्प लेने का आह्वान किया।
इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने एक संस्कृत सुभाषित भी साझा किया, जिसमें निरंतर प्रयास, दृढ़ता और समर्पित कार्य के महत्व को रेखांकित किया गया है।
“यथा यथा प्रयत्नः स्याद्भवेदाशु फलं तथा।
इति पौरुषमेवास्ति दैवमस्तु तदेव च॥”
प्रधानमंत्री के अनुसार, व्यक्ति जितना अधिक प्रयास और लगन करता है, सफलता उतनी ही शीघ्र प्राप्त होती है। उन्होंने कहा कि नवाचार भी निरंतर प्रयास पर आधारित होता है। समर्पित कार्य, साहस और नए विचारों को वास्तविकता में बदलने का दृढ़ संकल्प सफलता और नवाचार का मार्ग प्रशस्त करता है।
पीएम मोदी ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय के राष्ट्रसेवा और अंत्योदय से जुड़े विचारों को याद करते हुए उनके आदर्शों को सामाजिक और राष्ट्रीय जीवन में अपनाने का संदेश दिया।

