आईएनएस त्रिशूल ने इटली के सिवितावेचिया में पोर्ट कॉल किया पूरा, भारत-इटली नौसैनिक संबंधों को मिली मजबूती
भारतीय नौसेना का युद्धपोत आईएनएस त्रिशूल इटली के सिवितावेकिया में अपना पोर्ट कॉल पूरा कर चुका है। इस दौरान पेशेवर बातचीत, एक-दूसरे के जहाजों का दौरा और सांस्कृतिक आदान-प्रदान के जरिए भारत और इटली के बीच नौसैनिक सहयोग को और मजबूती मिली है।

नई दिल्ली : भारतीय नौसेना के युद्धपोत आईएनएस त्रिशूल ने भूमध्य सागर में अपनी परिचालन तैनाती के तहत 28 अक्टूबर 2026 को इटली के सिवितावेचिया में अपनी पोर्ट कॉल पूरी कर ली। इस यात्रा के दौरान भारतीय और इतालवी नौसेना के बीच पेशेवर बातचीत, क्रॉस-डेक यात्राओं और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से समुद्री सहयोग को मजबूत किया गया।
इस पोर्ट कॉल का उद्देश्य दोनों देशों की नौसेनाओं के बीच आपसी समझ बढ़ाना, पेशेवर अनुभवों का आदान-प्रदान करना और भारत-इटली की दीर्घकालिक समुद्री साझेदारी को आगे बढ़ाना था।
आईएनएस त्रिशूल के सिवितावेचिया प्रवास के दौरान भारतीय नौसेना के अधिकारियों और इतालवी नौसेना के प्रतिनिधियों के बीच कई पेशेवर एवं सांस्कृतिक गतिविधियां आयोजित की गईं।
इस दौरान आईएनएस त्रिशूल के कमांडिंग ऑफिसर ने इतालवी नौसेना के फ्लीट कमांडर से मुलाकात की। इसके अलावा, भारतीय नौसेना के चालक दल ने इतालवी नौसेना के विमानवाहक पोत ITS कैवोर का भी दौरा किया।
इन गतिविधियों से दोनों देशों के नौसैनिक अधिकारियों को एक-दूसरे की कार्यप्रणाली को समझने और परिचालन अनुभव साझा करने का अवसर मिला।
इटली में भारत की राजदूत वाणी राव और इतालवी नौसेना के फ्लीट कमांडर एवं CINCNAV वाइस एडमिरल ऑरेलियो डी कैरोलिस ने आईएनएस त्रिशूल का दौरा किया। दोनों ने जहाज के चालक दल के साथ बातचीत की और पोत पर आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में हिस्सा लिया।
इस कार्यक्रम में सिवितावेचिया के मेयर, इतालवी नौसेना एवं तटरक्षक बल के वरिष्ठ अधिकारी, 13 देशों के रक्षा अताशे, नागरिक गणमान्य व्यक्ति और भारतीय प्रवासी समुदाय के सदस्य शामिल हुए।
कार्यक्रम ने नौसेना के अधिकारियों, राजनयिक प्रतिनिधियों और स्थानीय समुदाय के बीच संवाद को बढ़ावा दिया। इससे भारत और इटली के बीच रक्षा एवं समुद्री संबंधों को मजबूत करने में सांस्कृतिक आदान-प्रदान की भूमिका भी सामने आई।
आईएनएस त्रिशूल को अपने प्रवास के दौरान आगंतुकों के लिए भी खोला गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में भारतीय प्रवासी समुदाय के सदस्यों और स्थानीय लोगों ने जहाज का दौरा किया।
इस पहल से लोगों को भारतीय नौसेना की गतिविधियों और समुद्री परंपराओं को करीब से जानने का अवसर मिला। साथ ही, भारत की समुद्री उपस्थिति और दोनों देशों के बीच जन-संपर्क को बढ़ावा देने में मदद मिली।
आईएनएस त्रिशूल की इटली यात्रा भारत और इटली के बीच निरंतर नौसैनिक संपर्क तथा समुद्री सहयोग के महत्व को रेखांकित करती है। पेशेवर मुलाकातों, क्रॉस-डेक यात्राओं और सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने दोनों नौसेनाओं के बीच आपसी विश्वास और सहयोग को आगे बढ़ाने का अवसर प्रदान किया।
पोर्ट कॉल पूरी करने के बाद आईएनएस त्रिशूल भूमध्य सागर में अपनी परिचालन तैनाती के अगले चरण के लिए रवाना हो गया।


