अभिजीत डिपके की हिरासत पर CJP ने उठाए सवाल, आठ घंटे बाद भी ठिकाने की जानकारी नहीं मिलने का आरोप

नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने अपने कार्यकर्ता अभिजीत डिपके की हिरासत को लेकर सवाल उठाए हैं। पार्टी का आरोप है कि हिरासत में लिए जाने के आठ घंटे से अधिक समय बीतने के बाद भी उनका ठिकाना स्पष्ट नहीं है। साथ ही, उनकी टीम और वकीलों को हिरासत में लेने के कारणों की जानकारी भी नहीं दी गई है।
CJP के राष्ट्रीय संगठन प्रभारी अजिंक्य शिंदे ने शनिवार को बताया कि पार्टी के प्रतिनिधि अभिजीत डिपके के बारे में जानकारी लेने के लिए पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन पहुंचे थे, लेकिन वहां उन्हें बताया गया कि डिपके उस थाने में नहीं हैं।
शिंदे ने मीडिया से बातचीत में कहा कि डिपके को हिरासत में लिए आठ घंटे से अधिक समय हो चुका है, लेकिन उनकी स्थिति और ठिकाने के बारे में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिल पाई है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस उन्हें न तो वकील से बात करने दे रही है और न ही पार्टी की टीम से संपर्क करने दिया जा रहा है।
शिंदे के मुताबिक, पुलिस ने उन्हें उस इलाके के थाने में जानकारी लेने की सलाह दी, जहां से डिपके को हिरासत में लिया गया था।
शरद पवार की पार्टी ने तत्काल रिहाई की मांग की
इस मामले में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के प्रवक्ता अनीश गावंडे ने दावा किया कि अभिजीत डिपके को एहतियातन हिरासत में रखा गया हो सकता है। उन्होंने उनकी तत्काल रिहाई की मांग की।
गावंडे ने कहा कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू होने के बावजूद डिपके किसी कानून का उल्लंघन नहीं कर रहे थे। उनके मुताबिक, इसलिए गिरफ्तारी के लिए कोई आधार नहीं बनता और न ही जमानत या बांड की शर्तों के उल्लंघन का मामला सामने आया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि डिपके के वकीलों और परिवार को भी उनके ठिकाने या हिरासत के कारणों की जानकारी नहीं दी गई है। गावंडे ने कहा कि पार्टी को उम्मीद है कि उन्हें जल्द रिहा किया जाएगा। यदि हिरासत जारी रहती है, तो पार्टी इस मामले को आगे उठाएगी।
तिरंगा लेकर चलना अपराध नहीं: अनीश गावंडे
अनीश गावंडे ने कहा कि तिरंगा लहराना कोई अपराध नहीं है। उनके अनुसार, अभिजीत डिपके तिरंगा लेकर जा रहे थे और उन्होंने पुलिस से कहा था कि यदि उन्हें आगे जाने की अनुमति नहीं है, तो कोई वैकल्पिक स्थान सुझाया जाए।
गावंडे का आरोप है कि पुलिस ने कोई वैकल्पिक स्थान नहीं बताया और उन्हें हिरासत में ले लिया। उन्होंने यह भी कहा कि दिल्ली पुलिस ने डिपके की टीम और कानूनी प्रतिनिधियों के साथ संवाद का कोई स्पष्ट माध्यम उपलब्ध नहीं कराया है।
उन्होंने कहा कि अब तक यह नहीं बताया गया है कि डिपके को किस कारण हिरासत में लिया गया, उन्हें कहां रखा गया है और कितने समय तक हिरासत में रखा जाएगा।
‘लहरा दो तिरंगा’ मार्च से पहले हिरासत में लिए गए थे डिपके
अभिजीत डिपके को शुक्रवार को नई दिल्ली के कनॉट प्लेस स्थित सेंट्रल पार्क में CJP के प्रस्तावित ‘लहरा दो तिरंगा’ विरोध प्रदर्शन से पहले हिरासत में लिया गया था।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, दिल्ली पुलिस ने नई दिल्ली स्थित उनके आवास से उन्हें एहतियातन हिरासत में लिया था। इसके लिए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत लागू निषेधाज्ञा का हवाला दिया गया। CJP के प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि उन्हें तत्काल वकीलों से संपर्क करने की अनुमति दिए बिना किसी अज्ञात स्थान पर ले जाया गया।
CJP ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ यह मार्च चुनावी रोल और मतदाता सूचियों में कथित अनियमितताओं के विरोध में आयोजित करने की घोषणा की थी।
नेहा बोरा समेत 150 से अधिक प्रदर्शनकारी हिरासत में
प्रदर्शन के दौरान अभिजीत डिपके के अलावा कई छात्र और राजनीतिक कार्यकर्ताओं को भी हिरासत में लिया गया। इनमें ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की अध्यक्ष नेहा बोरा भी शामिल हैं, जिन्हें मंडी हाउस के पास हिरासत में लिए जाने की जानकारी सामने आई थी।
रिपोर्ट के अनुसार, 150 से अधिक प्रदर्शनकारियों को भी हिरासत में लिया गया। सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करते हुए सेंट्रल पार्क को दो दिनों के लिए बंद कर दिया गया था। इलाके में भारी बैरिकेडिंग की गई और अर्धसैनिक बलों को तैनात किया गया।
फिलहाल, अभिजीत डिपके के ठिकाने और हिरासत से जुड़े आरोपों पर विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने आने का इंतजार है।



