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UPTET प्रमाणपत्र संशोधन: ऑनलाइन आवेदन शुरू, 200 रुपये शुल्क—जानें पूरी प्रक्रिया

उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग के अध्यक्ष डॉ. प्रशांत कुमार ने बताया कि उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा यानी यूपीटीईटी में निर्गत प्रमाणपत्रों में सुधार कर नवीन प्रमाणपत्र प्राप्त करने के लिए अभ्यर्थियों को ऑनलाइन आवेदन की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। अभ्यर्थी प्रमाणपत्र में आवश्यक संशोधन के लिए आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध लिंक https://certificates.upessc.org/ के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। प्रमाणपत्र में संशोधन के लिए आवेदन केवल निर्धारित ऑनलाइन माध्यम से ही स्वीकार किए जाएंगे। डाक, प्रत्यावेदन अथवा किसी अन्य माध्यम से प्राप्त होने वाले आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे। प्रमाणपत्रों में संशोधन से संबंधित आवश्यक दिशा-निर्देश आयोग की आधिकारिक वेबसाइट https://upessc.up.gov.in पर अपलोड कर दिए गए हैं।

उप सचिव संजय कुमार सिंह ने बताया कि संशोधित प्रमाणपत्र निर्गत किए जाने के लिए संशोधन शुल्क 200 रुपये यानी रुपये दो सौ मात्र निर्धारित किया गया है। अभ्यर्थियों को आवेदन करने से पूर्व आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध दिशा-निर्देशों को ध्यानपूर्वक पढ़ने तथा निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार ही ऑनलाइन आवेदन करने की सलाह दी गई है। एक अहम बात यह भी है कि प्रमाणपत्र में एक बार संशोधन किए जाने के उपरांत अभ्यर्थी को पुनः किसी अन्य संशोधन का अवसर प्रदान नहीं किया जाएगा। इसलिए अभ्यर्थियों को सलाह दी जाती है कि वे आवेदन करने से पहले सभी जानकारी अच्छी तरह जांच-परख लें और सही विवरण ही भरें, ताकि बाद में किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।

Prashant Tiwari

प्रशांत तिवारी एक अनुभवी ब्रॉडकास्ट जर्नलिस्ट, क्राइम इन्वेस्टिगेटिव रिपोर्टर और डिजिटल मीडिया स्ट्रैटेजिस्ट हैं। उन्होंने डीडी न्यूज़ (दूरदर्शन) में बतौर डिजिटल हेड की सेवाएं दीं और प्राइम टीवी में डिजिटल मार्केटिंग मैनेजर के रूप में न्यूज़ प्लेटफॉर्म्स की डिजिटल ग्रोथ, ऑडियंस एंगेजमेंट और मल्टी-प्लेटफॉर्म मीडिया स्ट्रैटेजी पर महत्वपूर्ण काम किया। क्राइम इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के तौर पर उन्होंने कई न्यूज़ चैनलों के लिए अंडरकवर/स्पाई-स्टाइल रिपोर्टिंग, स्टिंग ऑपरेशन और फील्ड इन्वेस्टिगेशन किए। संगठित अपराध, साइबर क्राइम, ड्रग्स सिंडिकेट, मानव एवं गौवंश तस्करी और फर्जीवाड़े जैसे विषयों पर उनकी इन्वेस्टिगेशन चर्चित रहीं। कई संवेदनशील मामलों में उन्होंने क्षेत्रीय पुलिस को जरूरी इनपुट व सहयोग उपलब्ध कराया।

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