
नई दिल्ली : वस्त्र मंत्रालय ने विशेष अभियान 6 के तहत 15 अक्टूबर 2026 को साइबर सुरक्षा, सुरक्षित डिजिटल व्यवहार और ई-कचरा प्रबंधन को लेकर जागरूकता कार्यशालाओं का आयोजन किया। इन कार्यशालाओं में सभी नोडल अधिकारियों सहित 85 से अधिक अधिकारियों ने भाग लिया। पहल का उद्देश्य कार्यालयों में साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना, इलेक्ट्रॉनिक कचरे का जिम्मेदारी से निपटान सुनिश्चित करना और टिकाऊ कार्यस्थल प्रथाओं को प्रोत्साहित करना है।
कार्यशाला के दौरान अधिकारियों और कर्मचारियों को फिशिंग हमलों, मैलवेयर, फर्जी WhatsApp संदेशों और डिजिटल अरेस्ट जैसे बढ़ते साइबर अपराधों के बारे में जानकारी दी गई। सत्र में संदिग्ध ईमेल, लिंक, अटैचमेंट और ऐसे संदेशों की पहचान करने पर जोर दिया गया, जिनमें परिचित व्यक्तियों या संस्थानों के नाम पर पैसे, वन-टाइम पासवर्ड (OTP) अथवा निजी जानकारी मांगी जाती है।
प्रतिभागियों को सलाह दी गई कि वे अनजान लिंक पर क्लिक करने, अपुष्ट फाइलें डाउनलोड करने और संवेदनशील जानकारी साझा करने से बचें। किसी भी संदिग्ध संदेश पर कार्रवाई करने से पहले उसकी प्रामाणिकता की पुष्टि करना आवश्यक है।
कार्यशाला में साइबर स्वच्छता, डिजिटल संचार के दौरान सतर्कता और साइबर घटनाओं की समय पर रिपोर्टिंग को भी महत्वपूर्ण बताया गया। इन उपायों का उद्देश्य सरकारी और व्यक्तिगत सूचनाओं की सुरक्षा मजबूत करना तथा कार्यस्थल पर सुरक्षित डिजिटल वातावरण तैयार करना है।
ई-कचरा प्रबंधन जागरूकता सत्र में अधिकारियों को इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के अनुचित निपटान से होने वाले पर्यावरणीय नुकसान के बारे में बताया गया। गलत तरीके से फेंके गए इलेक्ट्रॉनिक कचरे से मिट्टी और जल प्रदूषण का खतरा बढ़ सकता है। इसके अलावा, इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में मौजूद हानिकारक पदार्थ मानव स्वास्थ्य और पारिस्थितिकी तंत्र को नुकसान पहुंचा सकते हैं।
सत्र में पुराने उपकरणों के पुनः उपयोग, मरम्मत और पुनर्चक्रण को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया। इन उपायों से उपयोगी सामग्रियों की पुनर्प्राप्ति, नए कच्चे माल की मांग में कमी और लैंडफिल में पहुंचने वाले कचरे को कम करने में मदद मिल सकती है।
अधिकारियों को लागू ई-कचरा प्रबंधन नियमों के अनुसार अप्रचलित इलेक्ट्रॉनिक और विद्युत उपकरणों का उचित पृथक्करण, सुरक्षित भंडारण और अधिकृत माध्यमों से निपटान करने की जानकारी भी दी गई।
वस्त्र मंत्रालय ने अपने कार्यालय परिसर में उत्पन्न होने वाले ई-कचरे के संग्रह और उचित प्रबंधन के लिए भी कदम उठाए हैं। इस पहल के तहत पुराने और अनुपयोगी इलेक्ट्रॉनिक तथा विद्युत उपकरणों की पहचान कर उन्हें अलग रखने और अधिकृत चैनलों के माध्यम से निपटाने पर ध्यान दिया जा रहा है।
इसमें डेस्कटॉप कंप्यूटर, कीबोर्ड, फोटोकॉपी मशीन, एयर प्यूरीफायर और इलेक्ट्रिक हॉट केस जैसे उपकरण शामिल हैं। ऐसे उपकरणों का निपटान निर्धारित ई-कचरा प्रबंधन नियमों और लागू दिशानिर्देशों के अनुसार किया जाना जरूरी है।
जिम्मेदार ई-कचरा प्रबंधन से पर्यावरण प्रदूषण को रोकने, मूल्यवान सामग्रियों को दोबारा उपयोग में लाने और प्राकृतिक संसाधनों का बेहतर उपयोग करने में सहायता मिलती है।
वस्त्र मंत्रालय की ये पहलें पर्यावरणीय स्थिरता, संसाधनों के जिम्मेदार प्रबंधन और डिजिटल सुरक्षा को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं। साइबर सुरक्षा और ई-कचरा प्रबंधन को एक साथ प्रोत्साहित करके मंत्रालय कार्यालयों में सुरक्षित, स्वच्छ और पर्यावरण के अनुकूल कार्यप्रणाली विकसित करने की दिशा में प्रयास कर रहा है।
विशेष अभियान 6 के तहत आयोजित ये गतिविधियां स्वच्छ कार्यस्थल, पुराने उपकरणों के उचित निपटान, संसाधन संरक्षण और सुरक्षित डिजिटल व्यवहार के महत्व को रेखांकित करती हैं। इन प्रयासों से टिकाऊ कार्यालय प्रथाओं को बढ़ावा देने और सतत विकास के व्यापक राष्ट्रीय लक्ष्यों में योगदान देने की उम्मीद है।




