भारत-अमेरिका रक्षा साझेदारी को मिलेगी नई मजबूती, राजनाथ सिंह और पीट हेगसेथ ने सेबू में की अहम बैठक
राजनाथ सिंह और पीट हेगसेथ ने सेबू में भारत-अमेरिका के 10-वर्षीय रक्षा कार्यक्रम की समीक्षा की, जिसमें आतंकवाद-रोधी प्रयासों, सैन्य तैयारियों, तकनीक साझा करने और हिंद-प्रशांत क्षेत्र की सुरक्षा पर ध्यान केंद्रित किया गया।

सेबू/नई दिल्ली : भारत और अमेरिका ने अपने रक्षा संबंधों को और मजबूत करने तथा हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सुरक्षा सहयोग बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 28 अक्टूबर 2026 को फिलीपींस के सेबू में आसियान रक्षा मंत्रियों की बैठक-प्लस (ADMM-Plus) के अवसर पर अमेरिकी सेक्रेटरी ऑफ वॉर पीट हेगसेथ से मुलाकात की। बैठक में दोनों देशों ने रक्षा सहयोग की प्रगति की समीक्षा की और सैन्य तत्परता, उन्नत प्रौद्योगिकी के आदान-प्रदान तथा रक्षा उद्योग के बीच साझेदारी बढ़ाने के नए रास्तों पर चर्चा की।
रक्षा मंत्रालय के अनुसार, यह बैठक भारत-अमेरिका प्रमुख रक्षा साझेदारी को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण रही। दोनों नेताओं ने 10 वर्षीय भारत-अमेरिका रक्षा कार्यक्रम की प्रगति की समीक्षा करते हुए द्विपक्षीय रक्षा संबंधों को और व्यापक तथा रणनीतिक बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई।
बैठक के दौरान दोनों देशों ने भारत-अमेरिका रक्षा सहयोग के तहत हुई प्रगति पर चर्चा की। दोनों पक्षों ने परिचालन तत्परता बढ़ाने, रक्षा प्रौद्योगिकी साझा करने और रक्षा औद्योगिक एकीकरण को गति देने के लिए नए अवसर तलाशने पर जोर दिया।
इसके साथ ही सैन्य-से-सैन्य आदान-प्रदान को बढ़ाने, समुद्री सुरक्षा सहयोग मजबूत करने और रक्षा उद्योगों के बीच सहयोग का विस्तार करने पर भी विचार-विमर्श हुआ।
दोनों देशों ने मजबूत रक्षा आपूर्ति शृंखलाओं के विकास और एकीकरण की संभावनाओं पर चर्चा की, ताकि रक्षा उत्पादन और तकनीकी सहयोग को नई गति दी जा सके।
बैठक का एक प्रमुख मुद्दा आतंकवाद और क्षेत्रीय सुरक्षा रहा। भारत और अमेरिका ने आतंकवाद के वैश्विक खतरे को समाप्त करने के लिए अपनी साझा प्रतिबद्धता दोहराई।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि आतंकवादी संगठनों को समर्थन, प्रशिक्षण या वित्तपोषण देने वाले देशों के प्रति अंतरराष्ट्रीय समुदाय को शून्य-सहिष्णुता की नीति अपनानी चाहिए। उन्होंने आतंकवाद के खिलाफ ठोस और निर्णायक कार्रवाई की आवश्यकता पर जोर दिया।
वहीं, अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भारत के प्रति अमेरिका के समर्थन और एकजुटता की पुष्टि की। राजनाथ सिंह ने आतंकवाद के मुद्दे पर अमेरिका के निरंतर समर्थन के लिए आभार भी व्यक्त किया।
भारत और अमेरिका के बीच रक्षा संबंधों को मजबूत करने में तकनीकी साझेदारी और रक्षा उद्योग की महत्वपूर्ण भूमिका है। बैठक में दोनों नेताओं ने रक्षा प्रौद्योगिकी के आदान-प्रदान, संयुक्त सहयोग और औद्योगिक साझेदारी को आगे बढ़ाने की संभावनाओं पर चर्चा की।
दोनों देशों का लक्ष्य रक्षा आपूर्ति शृंखलाओं को मजबूत करना और सैन्य क्षमताओं में सुधार के लिए सहयोग के नए अवसर विकसित करना है। इससे रक्षा क्षेत्र में दीर्घकालिक साझेदारी को बढ़ावा देने में मदद मिल सकती है।
बैठक के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अपने संदेश में राजनाथ सिंह ने भारत-अमेरिका साझेदारी को स्वतंत्र, खुले और सुरक्षित हिंद-प्रशांत क्षेत्र की आधारशिला बताया।
दोनों देशों के बीच बढ़ता रक्षा सहयोग क्षेत्रीय स्थिरता, समुद्री सुरक्षा और आतंकवाद के खिलाफ संयुक्त प्रयासों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
सेबू में हुई यह बैठक भारत और अमेरिका की उस साझा रणनीतिक सोच को रेखांकित करती है, जिसके तहत रक्षा सहयोग को मजबूत करने, उभरती सुरक्षा चुनौतियों का मुकाबला करने और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति एवं स्थिरता को बढ़ावा देने पर जोर दिया जा रहा है।


