उत्तर प्रदेश में 27 हजार स्कूल बंद कर खोले गए 27 हजार शराब के ठेके : संजय सिंह
संत कबीर नगर के धनघटा में आयोजित 'जन आक्रोश रैली' में, आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने स्कूलों के बंद होने, बेरोजगारी, बिजली कटौती और मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों को लेकर योगी सरकार पर निशाना साधा।

संतकबीरनगर/लखनऊ : विश्वस्तरीय शिक्षा, मुफ़्त स्वास्थ्य, बिजली, पानी और जनहित की राजनीति को लेकर आम आदमी पार्टी उत्तर प्रदेश में लगातार जनांदोलन को धार दे रही है। इसी क्रम में बुधवार को जनपद संत कबीर नगर की धनघटा विधानसभा स्थित प्रसादपुर बाग में आम आदमी पार्टी द्वारा विशाल ‘सत्ता परिवर्तन जन-आक्रोश रैली’ व कार्यकर्ता सम्मेलन का आयोजन किया गया। रैली में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे आम आदमी पार्टी के उत्तर प्रदेश प्रभारी एवं राज्यसभा सांसद संजय सिंह की उपस्थिति तथा तिरंगा शाखा के प्रदेश अध्यक्ष इंजीनियर जनक प्रसाद के नेतृत्व में उमड़े विशाल जनसमूह ने बुनियादी हक़ और बदलाव का शंखनाद किया। जनसभा व उपरांत प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए सांसद संजय सिंह ने बंद चीनी मिलों, बढ़ती बेरोजगारी, स्कूल बंदी के बदले शराब के ठेकों के विस्तार, बिजली संकट, वोट चोरी और ईवीएम की विश्वसनीयता को लेकर केंद्र व प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला।
सांसद संजय सिंह ने प्रदेश सरकार की प्राथमिकताओं पर गहरा आक्रोश जताते हुए कहा कि योगी सरकार के कार्यकाल में उत्तर प्रदेश में 27 हजार सरकारी स्कूल बंद कर दिए गए और उसके बदले 27 हजार नए शराब के ठेके खोल दिए गए। भाजपा का असली मॉडल यह है कि प्रदेश में ‘पाठशाला बंद हो रही है और मधुशाला खुल रही है।’ उन्होंने जनता को आगाह करते हुए कहा कि साढ़े चार साल तक जनता को भूलने वाले ‘चुनावी घड़ियालों’ से सावधान रहने की जरूरत है, जो चुनाव आते ही कभी 80-20 तो कभी ‘अब्दुल कब तक दरी बिछाएगा’ जैसी नफरती लफ्फाजी लेकर आ जाते हैं। पूर्वांचल में चीनी मिलें बंद पड़ी हैं, नौजवान बेरोजगार हैं और किसानों को गन्ने व अनाज का उचित दाम नहीं मिल रहा, लेकिन सरकार सिर्फ नफरत का जहर घोलने में लगी है।
युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ का आरोप लगाते हुए संजय सिंह ने कहा कि पूर्वांचल और यूपी के गरीब परिवार पेट काटकर बच्चों को प्रयागराज और लखनऊ पढ़ने भेजते हैं, लेकिन सरकार उन्हें रोजगार के बदले लाठियां देती है। उन्होंने तीखा तंज कसते हुए कहा कि भाजपा नेताओं के लड़के तो हजारों करोड़ रुपये लूट रहे हैं, जबकि यूपी के स्वाभिमानी युवाओं को गोबर और गोमूत्र में रोजगार तलाशने की नसीहत दी जाती है। उन्होंने कहा कि जैसे बरेली में ममीरे के सुरमे पर लिखा रहता है—’नक़्क़ालों से सावधान’, वैसे ही आज यूपी की जनता को इन चुनावी नक़्क़ालों से पूरी तरह सावधान हो जाने की जरूरत है।
प्रदेश में बदहाल बिजली व्यवस्था पर योगी सरकार को आड़े हाथों लेते हुए संजय सिंह ने कहा कि आज जनता जब हफ्ते-हफ्ते भर बिजली गुल रहने की शिकायत करती है, तो प्रदेश के ऊर्जा मंत्री समाधान देने के बजाय ‘जय श्री राम’ का नारा लगाकर पल्ला झाड़ लेते हैं। उन्होंने कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्री राम ने किसी को नकारा बनना, स्कूल न बनाना या जनता को बिजली-पानी से वंचित रखना नहीं सिखाया। भाजपा अपनी प्रशासनिक विफलता और अकर्मण्यता को धर्म के पीछे छिपाकर वोट बटोरना चाहती है, लेकिन जनता अब इनके इस बहकावे में आने वाली नहीं है।
एमएलसी चुनाव परिणामों का हवाला देते हुए सांसद संजय सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में भाजपा शिक्षक और स्नातक दोनों एमएलसी सीटें बुरी तरह हार गई। उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि जब चुनाव ईवीएम से होता है तो मोदी जी अचानक अजेय दिखने लगते हैं और पता नहीं कौन सा ‘काला जादू’ चल जाता है, लेकिन जैसे ही चुनाव बैलेट पेपर से होता है, तो देश के प्रधानमंत्री अपने ही गढ़ में चुनाव हार जाते हैं। इससे साफ जाहिर है कि जनता का मूड सरकार के खिलाफ है, बशर्ते चुनाव पूरी निष्पक्षता से संपन्न कराए जाएं।
मतदाता सूचियों में हेराफेरी का गंभीर आरोप लगाते हुए संजय सिंह ने कहा कि यूपी में 13 लाख फर्जी वोट जोड़ दिए गए और 85 हजार जायज वोट काट दिए गए, जिसका चुनाव आयोग के पास कोई जवाब नहीं है। पश्चिम बंगाल में भी 27 लाख लोगों को वोट के अधिकार से वंचित किया गया था, जिनमें से ट्रिब्यूनल में 90-93% नागरिक सही पाए गए। उन्होंने कहा कि जब तक ज्ञानेश कुमार जैसे लोग व्यवस्था में बैठे हैं, तब तक चुनाव परिणाम निष्पक्ष होने पर भारी आशंका है। इसलिए आज लोकतंत्र को बचाने की पहली लड़ाई इस वोट चोरी को रोकने की है। यूपी चुनाव में गठबंधन के सवाल पर उन्होंने स्पष्ट किया कि इसका फैसला अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली पार्टी की राजनीतिक मामलों की समिति (PAC) करेगी।
सांसद संजय सिंह ने तिरंगा शाखा के प्रदेश अध्यक्ष इंजीनियर जनक प्रसाद के समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने संतकबीरनगर सहित पूरे पूर्वांचल में जनता के बुनियादी हक़, शिक्षा और स्वास्थ्य के आंदोलन को नई ऊर्जा दी है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे बूथ स्तर पर कमेटियों को मजबूत कर घर-घर जाएं और जनता को बताएं कि आम आदमी पार्टी ही नफरत के बदले काम और बुनियादी सुविधाओं की राजनीति कर सकती है।
इस विशाल जनसभा व सम्मेलन में निवर्तमान प्रदेश अध्यक्ष सभाजीत सिंह,पूर्वांचल प्रांत अध्यक्ष राजेश यादव, बौद्ध प्रांत अध्यक्ष इमरान लतीफ, प्रदेश महासचिव दिनेश पटेल, संतकबीरनगर जिलाध्यक्ष दुर्गविजय सहित पार्टी के कई वरिष्ठ पदाधिकारी, कार्यकर्ता और हजारों की संख्या में क्षेत्रीय नागरिक मौजूद रहे।




