
लखनऊ (ब्यूरो): उत्तर प्रदेश में 41,000 होमगार्ड पदों की भर्ती परीक्षा क्या शुरू हुई, ठगों की ‘डिजिटल दुकान’ भी सज गई। अगर आप या आपका कोई जानने वाला इस परीक्षा में बैठ रहा है, तो यह खबर आपके लिए सबसे जरूरी है। राजधानी लखनऊ से लेकर कानपुर तक, पुलिस ने एक ऐसे ‘पेपर माफिया’ गिरोह का पर्दाफाश किया है जो टेलीग्राम पर अभ्यर्थियों की मजबूरी का फायदा उठा रहा था।
‘Exam Paper Wallah’ और QR कोड का मायाजाल
ठगी का यह नया तरीका देखकर पुलिस भी हैरान है। टेलीग्राम पर ‘Exam Paper Wallah’ नाम का एक ग्रुप बनाया गया, जहां दावा किया जा रहा था कि उनके पास 100% असली प्रश्नपत्र है।
लेकिन खेल यहाँ शुरू होता है—ठगों ने किसी बैंक अकाउंट के बजाय एक QR कोड जारी किया। अभ्यर्थियों से कहा गया, “पैसे भेजो और पेपर ले जाओ।” जैसे ही किसी ने पेमेंट किया, उसे ग्रुप से ब्लॉक कर दिया गया। लखनऊ के हुसैनगंज थाने में इस गिरोह के खिलाफ FIR दर्ज कर ली गई है और साइबर सेल इनके डिजिटल फुटप्रिंट्स खंगाल रही है।
कानपुर में ‘भीतर’ से सेंधमारी की नाकाम कोशिश
सिर्फ ऑनलाइन ही नहीं, परीक्षा केंद्रों के भीतर भी मुन्नाभाई सेंध लगाने की कोशिश में थे। कानपुर के BNSD इंटर कॉलेज में पुलिस ने एक शिक्षक और दो कर्मचारियों को तब दबोचा जब वे पेपर लीक करने की फिराक में थे। प्रशासन की मुस्तैदी ने साफ कर दिया है कि इस बार ‘सेटिंग’ के भरोसे बैठने वालों का ठिकाना सिर्फ जेल होगा।
नया कानून: ₹1 करोड़ जुर्माना और उम्रकैद
याद रहे, यह 2026 का उत्तर प्रदेश है। अब केवल मामूली धाराएं नहीं लगतीं। योगी सरकार के ‘UP सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम 2024’ के तहत पकड़े जाने पर ₹1 करोड़ तक का भारी-भरकम जुर्माना और 10 साल से लेकर उम्रकैद तक की सजा हो सकती है।
निपुण भारत समाचार की अपील: किसी भी अफवाह या ‘लीक पेपर’ के झांसे में न आएं। अपनी मेहनत पर भरोसा रखें। अगर कोई आपसे पेपर के बदले पैसे मांगे, तो तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन या डायल 112 पर सूचना दें।





