छठ की सांस्कृतिक परंपराओं और प्रतीकों पर ‘अर्घ्य’ कला एवं शिल्प प्रदर्शनी 28 सितंबर से
प्रदर्शनी में छठ पर्व की कला, संस्कृति, परंपराओं और सूर्य उपासना से जुड़े मिथिला कला एवं शिल्प प्रदर्शित किए जाएंगे।

प्रदर्शनी में छठ पर्व से जुड़े सांस्कृतिक और धार्मिक प्रतीकों के साथ-साथ मौलिक मिथिला कला और शिल्प को प्रदर्शित किया जाएगा। इसका उद्देश्य छठ से जुड़ी कलात्मक अभिव्यक्तियों, अनुष्ठानों, परंपराओं और सामुदायिक सांस्कृतिक स्मृति को सामने लाना है।
आईएनटीएसीएच के अनुसार, ‘अर्घ्य’ प्रदर्शनी में मिथिला कला की विशिष्ट दृश्य शैली के माध्यम से छठ की जीवंत परंपराओं को प्रस्तुत किया जाएगा। इसमें कला, अनुष्ठान, समुदाय और सांस्कृतिक स्मृति के बीच संबंधों को रेखांकित किया गया है। प्रदर्शनी के जरिए उन परंपराओं और सांस्कृतिक प्रथाओं को भी समझने का अवसर मिलेगा, जो पीढ़ी-दर-पीढ़ी आगे बढ़ती रही हैं।
उद्घाटन कार्यक्रम में आईएनटीएसीएच के चेयरमैन अशोक सिंह ठाकुर और सदस्य सचिव रविंद्र सिंह, आईएएस (सेवानिवृत्त) भी उपस्थित रहेंगे। प्रदर्शनी का आयोजन आईएनटीएसीएच के हेरिटेज क्राफ्ट एंड कम्युनिटी डिवीजन (एचसीसीडी) द्वारा किया जा रहा है।

