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छठ की सांस्कृतिक परंपराओं और प्रतीकों पर ‘अर्घ्य’ कला एवं शिल्प प्रदर्शनी 28 सितंबर से

प्रदर्शनी में छठ पर्व की कला, संस्कृति, परंपराओं और सूर्य उपासना से जुड़े मिथिला कला एवं शिल्प प्रदर्शित किए जाएंगे।

नई दिल्ली: इंडियन नेशनल ट्रस्ट फॉर आर्ट एंड कल्चरल हेरिटेज (आईएनटीएसीएच) की ओर से छठ पर्व की सांस्कृतिक परंपराओं, प्रतीकों और सूर्य उपासना की विरासत को केंद्र में रखकर ‘अर्घ्य’ कला एवं शिल्प प्रदर्शनी का आयोजन किया जा रहा है। प्रदर्शनी का उद्घाटन मुख्य अतिथि के रुप में 28 सितंबर सुबह 11 बजे राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश जी करेंगे।

प्रदर्शनी में छठ पर्व से जुड़े सांस्कृतिक और धार्मिक प्रतीकों के साथ-साथ मौलिक मिथिला कला और शिल्प को प्रदर्शित किया जाएगा। इसका उद्देश्य छठ से जुड़ी कलात्मक अभिव्यक्तियों, अनुष्ठानों, परंपराओं और सामुदायिक सांस्कृतिक स्मृति को सामने लाना है।

आईएनटीएसीएच के अनुसार, ‘अर्घ्य’ प्रदर्शनी में मिथिला कला की विशिष्ट दृश्य शैली के माध्यम से छठ की जीवंत परंपराओं को प्रस्तुत किया जाएगा। इसमें कला, अनुष्ठान, समुदाय और सांस्कृतिक स्मृति के बीच संबंधों को रेखांकित किया गया है। प्रदर्शनी के जरिए उन परंपराओं और सांस्कृतिक प्रथाओं को भी समझने का अवसर मिलेगा, जो पीढ़ी-दर-पीढ़ी आगे बढ़ती रही हैं।

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उद्घाटन कार्यक्रम में आईएनटीएसीएच के चेयरमैन अशोक सिंह ठाकुर और सदस्य सचिव रविंद्र सिंह, आईएएस (सेवानिवृत्त) भी उपस्थित रहेंगे। प्रदर्शनी का आयोजन आईएनटीएसीएच के हेरिटेज क्राफ्ट एंड कम्युनिटी डिवीजन (एचसीसीडी) द्वारा किया जा रहा है।

प्रदर्शनी के तहत आगामी 30 सितंबर को दोपहर 2 बजे ‘छठ पर्व का इतिहास और महत्व – सूर्य उपासना’ विषय पर संगोष्ठी भी आयोजित की जाएगी। इसमें सूर्य उपासना के ऐतिहासिक, मूर्तिकला, वास्तुशिल्प और प्रतिमाशास्त्रीय पहलुओं पर चर्चा होगी। साथ ही इसकी जीवंत परंपराओं तथा कला, अनुष्ठान, समुदाय और सांस्कृतिक स्मृति के बीच संबंधों पर भी विचार-विमर्श किया जाएगा।

Amresh Dwivedi

अमरेश द्विवेदी देश की एकमात्र बहुभाषी न्यूज़ एजेंसी हिंदुस्थान समाचार में कार्यरत हैं। इसके अलावा हिंदुस्थान समाचार की पाक्षिक पत्रिका युगवार्ता और मासिक पत्रिका नवोत्थान के साथ ही विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में भी उनके आलेख छपते रहते हैं।

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