ताज़ा खबरेंदेशनई दिल्ली

दिल्ली हाई कोर्ट: बैंक यूनियनों को जंतर-मंतर के बजाय दूसरी जगह देने का निर्देश, 28 से हड़ताल

दिल्ली हाई कोर्ट ने शुक्रवार को दिल्ली पुलिस को निर्देश दिया कि वह बैंक कर्मचारियों की यूनियनों को राष्ट्रीय राजधानी में विरोध प्रदर्शन करने के लिए 28 सितंबर तक कोई दूसरी जगह उपलब्ध कराए। यह आदेश तब आया जब पुलिस ने 28, 29 और 30 सितंबर को जंतर-मंतर पर प्रस्तावित धरने की अनुमति देने से इनकार कर दिया और इसमें देरी की। जस्टिस अमित महाजन ने ‘यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस दिल्ली स्टेट’ (UFBU) की याचिका पर सुनवाई करते हुए आदेश दिया कि इस फैसले की जानकारी सोमवार तक यूनियन को दे दी जाए। अपनी याचिका में UFBU ने तर्क दिया था कि अगर जंतर-मंतर के लिए अनुमति नहीं दी जा सकती है, तो यूनियन को कम से कम किसी दूसरी जगह पर विरोध प्रदर्शन करने की अनुमति दी जानी चाहिए। कोर्ट के निर्देश से जंतर-मंतर के लिए मंजूरी की गारंटी तो नहीं मिलती, लेकिन यह पक्का होता है कि हड़ताल शुरू होने से पहले पुलिस को किसी उपयुक्त जगह के बारे में फैसला बताना होगा।

यह भी पढ़ें  लीगल कॉन्क्लेव 2026: 6 करोड़ लंबित मामलों के समाधान के लिए AI और मध्यस्थता पर जोर

विरोध प्रदर्शन की योजना UFBU द्वारा 28 से 30 सितंबर तक बुलाई गई तीन दिन की देशव्यापी बैंक हड़ताल से जुड़ी है, जिसका असर देश भर की बैंक शाखाओं पर पड़ने की उम्मीद है। हड़ताल के बारे में बात करते हुए, ‘ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स कन्फेडरेशन’, दिल्ली के कार्यकारी अध्यक्ष शिव शंकर सिंह ने कहा कि मुख्य मांगों में से एक बैंकों में पांच दिन के कार्य सप्ताह (five-day work week) को लागू करना है। उन्होंने बताया कि इस पर 8 मार्च, 2024 को ‘इंडियन बैंक्स एसोसिएशन’ (IBA) और यूनियन प्रतिनिधियों के बीच हुए पिछले वेतन समझौते के दौरान सहमति बनी थी, लेकिन इसे अब तक लागू नहीं किया गया है।

सिंह ने यह भी कहा कि यूनियनें मौजूदा सिस्टम की तुलना में ‘पुरानी पेंशन योजना’ (Old Pension Scheme) को बेहतर मानती हैं, क्योंकि यह कर्मचारी की सेवानिवृत्ति या मृत्यु के बाद भी वित्तीय सुरक्षा की गारंटी देती है और इसके लाभ जीवनसाथी और परिवारों को भी मिलते हैं; उन्होंने कहा कि यह प्रावधान ‘नई पेंशन योजना’ (New Pension Scheme) में नहीं है। यूनियनों की अन्य प्रमुख मांगों में ‘नेशनल पेंशन सिस्टम’ (NPS) में बैंकों द्वारा किए गए अतिरिक्त 4% योगदान पर आयकर छूट, ‘ग्रेच्युटी एक्ट’ के तहत ग्रेच्युटी की सीमा बढ़ाना, पेंशन को अपडेट करना, पेंशन पर एक समान ‘महंगाई भत्ता’ (DA) और नवंबर 2022 से प्रभावी पेंशनभोगियों के लिए ‘एक्स-ग्रेशिया’ (ex-gratia) भुगतान में संशोधन शामिल है।

Prashant Tiwari

प्रशांत तिवारी एक अनुभवी ब्रॉडकास्ट जर्नलिस्ट, क्राइम इन्वेस्टिगेटिव रिपोर्टर और डिजिटल मीडिया स्ट्रैटेजिस्ट हैं। उन्होंने डीडी न्यूज़ (दूरदर्शन) में बतौर डिजिटल हेड की सेवाएं दीं और प्राइम टीवी में डिजिटल मार्केटिंग मैनेजर के रूप में न्यूज़ प्लेटफॉर्म्स की डिजिटल ग्रोथ, ऑडियंस एंगेजमेंट और मल्टी-प्लेटफॉर्म मीडिया स्ट्रैटेजी पर महत्वपूर्ण काम किया। क्राइम इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के तौर पर उन्होंने कई न्यूज़ चैनलों के लिए अंडरकवर/स्पाई-स्टाइल रिपोर्टिंग, स्टिंग ऑपरेशन और फील्ड इन्वेस्टिगेशन किए। संगठित अपराध, साइबर क्राइम, ड्रग्स सिंडिकेट, मानव एवं गौवंश तस्करी और फर्जीवाड़े जैसे विषयों पर उनकी इन्वेस्टिगेशन चर्चित रहीं। कई संवेदनशील मामलों में उन्होंने क्षेत्रीय पुलिस को जरूरी इनपुट व सहयोग उपलब्ध कराया।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button