राष्ट्रीय सुरक्षा विशेषज्ञ अमित दुबे ट्विनकैफे से जुड़े, साइबर सुरक्षा सलाहकार की संभालेंगे जिम्मेदारी
ट्विनकैफे ने नेशनल सिक्योरिटी एक्सपर्ट अमित दुबे को मेंटर और साइबरसिक्योरिटी एडवाइजर नियुक्त किया है। उनका एआई डिजिटल ट्विन साइबरक्राइम, ऑनलाइन फ्रॉड और डिजिटल सुरक्षा के बारे में गाइडेंस देगा।

नई दिल्ली : आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) आधारित डिजिटल ट्विन प्लेटफॉर्म ट्विनकैफे ने राष्ट्रीय सुरक्षा विशेषज्ञ, लेखक और साइबर सुरक्षा मामलों के जानकार अमित दुबे को मेंटर एवं साइबर सुरक्षा सलाहकार नियुक्त किया है। डिजिटल पहचान की सुरक्षा, डीपफेक और ऑनलाइन साइबर अपराधों के बढ़ते खतरे के बीच कंपनी ने यह कदम उठाया है। इस अवसर पर नोएडा में आयोजित मीडिया संवाद कार्यक्रम में अमित दुबे के डिजिटल ट्विन को भी लॉन्च किया गया, जो उपयोगकर्ताओं को साइबर सुरक्षा और ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचाव के लिए मार्गदर्शन देगा।
नोएडा के सेक्टर-98 स्थित ट्विनकैफे कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में अमित दुबे, कंपनी के प्रबंध निदेशक संदीश गोयल और संस्थापक टीम के सदस्य एवं ब्रांड एवेंजेलिस्ट तरुण सिंघल मौजूद रहे। ट्विनकैफे को पहले आस्कसिला के नाम से जाना जाता था। रीब्रांडिंग के बाद यह प्लेटफॉर्म डिजिटल ट्विन तकनीक के माध्यम से लेखकों, विशेषज्ञों और रचनाकारों के ज्ञान, व्यक्तित्व और अनुभव को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने का काम कर रहा है।
कंपनी के अनुसार, अमित दुबे का डिजिटल ट्विन अब प्लेटफॉर्म पर लाइव है। इसके माध्यम से उपयोगकर्ता ऑनलाइन धोखाधड़ी, साइबर अपराध और डिजिटल सुरक्षा से जुड़े सवालों पर विशेषज्ञता आधारित मार्गदर्शन प्राप्त कर सकेंगे।
अमित दुबे ने कहा कि उन्होंने वर्षों तक प्रशिक्षण, टेलीविजन, रेडियो और लेखन के माध्यम से लोगों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करने का प्रयास किया है। हालांकि, भारत में विश्वसनीय साइबर सुरक्षा सलाह की जरूरत इतनी व्यापक है कि इसे केवल व्यक्तिगत प्रयासों के जरिए पूरा करना संभव नहीं है।
उन्होंने कहा कि उनका डिजिटल ट्विन छोटे शहरों के छात्रों, नए उद्यमियों, नौकरीपेशा लोगों और ऑनलाइन धोखाधड़ी को लेकर चिंतित वरिष्ठ नागरिकों को किसी भी समय वास्तविक जांच अनुभव पर आधारित मार्गदर्शन उपलब्ध कराने में मदद करेगा। उन्होंने ट्विनकैफे से जुड़ने के पीछे भरोसे और डिजिटल सुरक्षा को प्रमुख वजह बताया।
ट्विनकैफे के संस्थापक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी आशुतोष गर्ग ने कहा कि किसी डिजिटल ट्विन की उपयोगिता इस बात पर निर्भर करती है कि लोग उस पर कितना भरोसा करते हैं। उन्होंने जोर दिया कि विशेषज्ञों के ज्ञान और अनुभव को डिजिटल माध्यम से लोगों तक पहुंचाने के साथ हर डिजिटल ट्विन और उसके साथ होने वाली बातचीत की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी जरूरी है।
वहीं, कंपनी की संस्थापक टीम के सदस्य एवं ब्रांड एवेंजेलिस्ट तरुण सिंघल ने कहा कि साइबर खतरे किसी निश्चित समय तक सीमित नहीं रहते। ऐसे में विशेषज्ञ मार्गदर्शन भी चौबीसों घंटे उपलब्ध होना चाहिए। उनके मुताबिक, अमित दुबे का डिजिटल ट्विन छात्रों से लेकर छोटे कारोबारियों तक विभिन्न वर्गों के लोगों को साइबर सुरक्षा संबंधी जानकारी और सलाह उपलब्ध कराने में मदद करेगा।
ट्विनकैफे, विवेन एआई द्वारा विकसित एआई आधारित डिजिटल ट्विन प्लेटफॉर्म है। यह लोगों को उनकी आवाज, व्यक्तित्व, ज्ञान और विशेषज्ञता पर आधारित एआई संस्करण तैयार करने और डिजिटल माध्यम से व्यापक दर्शकों तक पहुंचने की सुविधा देता है।
कंपनी की स्थापना तकनीकी उद्यमी आशुतोष गर्ग ने की है। उपलब्ध कराई गई जानकारी के अनुसार, कंपनी को खोसला वेंचर्स और फाउंडेशन कैपिटल से 3.5 करोड़ अमेरिकी डॉलर की शुरुआती फंडिंग मिली है।
अमित दुबे की नियुक्ति के साथ ट्विनकैफे ने डिजिटल ट्विन तकनीक के विस्तार के दौरान साइबर सुरक्षा, डिजिटल पहचान की रक्षा और उपयोगकर्ताओं के भरोसे को मजबूत करने पर अपना ध्यान केंद्रित किया है।



