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सिधौली में होली की खुशियों पर पड़ा गैस का साया: सुरेश गैस एजेंसी में स्टॉक खत्म, हजारो की संख्या में उपभोक्ता परेशान, नहीं संभाल पा रहे एजेंसी धारक व्यवस्था

सिधौली: होली के त्योहार पर जहां हर घर में गुझिया और पकवान बनाने की तैयारी चल रही है, वहीं सिधौली के उपभोक्ताओं के लिए एक बुरी खबर है। शहर की प्रमुख ‘सुरेश इण्डेन गैस एजेंसी‘ में रसोई गैस सिलेंडर का स्टॉक पूरी तरह खत्म हो गया है। एजेंसी की ओर से साफ कहा गया है कि अगले तीन दिनों तक सिलेंडर मिलना मुश्किल है, जिससे करीब एक हजार से ज्यादा उपभोक्ताओं की मुश्किलें बढ़ गई हैं।

एडवांस बुकिंग के बावजूद खाली हाथ लौट रहे लोग एजेंसी के कर्मचारी सोनू के मुताबिक, कल के दो इंडेंट (ऑर्डर) पहले से लगे हुए हैं और लगभग 1000 ग्राहकों की बुकिंग अभी बाकी है। कर्मचारी ने बताया कि अगर कल शाम को लोड निकल गया होता, तो आज स्टॉक उपलब्ध रहता। कल एजेंसी पर तीन लोड आए थे, जिसमें लगभग 900 सिलेंडरों की रिफिलिंग और वितरण किया गया, लेकिन भारी मांग के चलते सारा स्टॉक खत्म हो गया। ट्रांसपोर्टेशन में देरी और त्योहार के कारण अचानक बढ़ी मांग को इस किल्लत की मुख्य वजह बताया जा रहा है।

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चूल्हे और इंडक्शन के भरोसे त्योहार होली के मौके पर घरों में पकवान बनाने के कारण गैस की खपत सामान्य दिनों से काफी ज्यादा रहती है। ऐसे में ऐन वक्त पर सप्लाई रुकने से मध्यम वर्गीय परिवारों और किराए पर रहने वाले लोगों के सामने बड़ा संकट खड़ा हो गया है। सूत्रों के मुताबिक, नाराज उपभोक्ताओं का कहना है कि प्रशासन और एजेंसी को त्योहार से पहले पर्याप्त स्टॉक की व्यवस्था रखनी चाहिए थी। अब कई परिवारों को मजबूरी में बिजली के इंडक्शन या पारंपरिक चूल्हे का सहारा लेना पड़ रहा है।

Prashant Tiwari

प्रशांत तिवारी एक अनुभवी ब्रॉडकास्ट जर्नलिस्ट, क्राइम इन्वेस्टिगेटिव रिपोर्टर और डिजिटल मीडिया स्ट्रैटेजिस्ट हैं। उन्होंने डीडी न्यूज़ (दूरदर्शन) में बतौर डिजिटल हेड की सेवाएं दीं और प्राइम टीवी में डिजिटल मार्केटिंग मैनेजर के रूप में न्यूज़ प्लेटफॉर्म्स की डिजिटल ग्रोथ, ऑडियंस एंगेजमेंट और मल्टी-प्लेटफॉर्म मीडिया स्ट्रैटेजी पर महत्वपूर्ण काम किया। क्राइम इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के तौर पर उन्होंने कई न्यूज़ चैनलों के लिए अंडरकवर/स्पाई-स्टाइल रिपोर्टिंग, स्टिंग ऑपरेशन और फील्ड इन्वेस्टिगेशन किए। संगठित अपराध, साइबर क्राइम, ड्रग्स सिंडिकेट, मानव एवं गौवंश तस्करी और फर्जीवाड़े जैसे विषयों पर उनकी इन्वेस्टिगेशन चर्चित रहीं। कई संवेदनशील मामलों में उन्होंने क्षेत्रीय पुलिस को जरूरी इनपुट व सहयोग उपलब्ध कराया।

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