आईएनएस त्रिशूल ने लिस्बन में पोर्ट कॉल पूरा किया, भारतीय और पुर्तगाली नौसेनाओं के बीच सहयोग मजबूत
आईएनएस त्रिशूल ने पुर्तगाल के लिस्बन में अपना पोर्ट कॉल पूरा किया। इस दौरान पेशेवर गतिविधियों, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और समुद्री सहयोग के माध्यम से भारत और पुर्तगाल के बीच नौसैनिक सहयोग को और मजबूत किया गया।

लिस्बन, पुर्तगाल : भारतीय नौसेना के युद्धपोत आईएनएस त्रिशूल ने 21 अक्टूबर 2026 को पुर्तगाल की राजधानी लिस्बन में अपना विदेशी बंदरगाह दौरा (पोर्ट कॉल) पूरा किया। इस यात्रा का उद्देश्य भारतीय और पुर्तगाली नौसेनाओं के बीच समुद्री सहयोग, पेशेवर संवाद और परिचालन तालमेल को मजबूत करना था।
इस पोर्ट कॉल के दौरान दोनों देशों की नौसेनाओं के बीच पेशेवर बातचीत, ज्ञान साझा करने और सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों के आदान-प्रदान के अवसर मिले। इस पहल से साझा समुद्री हितों की बेहतर समझ विकसित करने और दोनों नौसेनाओं के बीच अंतर-संचालनीयता बढ़ाने में मदद मिली।
आईएनएस त्रिशूल के कमांडिंग ऑफिसर ने पुर्तगाली नौसेना के कमांडर से मुलाकात की। इस दौरान परिचालन तालमेल बढ़ाने, दोनों नौसेनाओं के बीच अंतर-संचालनीयता मजबूत करने और भविष्य में सहयोग के नए अवसरों पर सकारात्मक चर्चा हुई। यह बैठक भारत और पुर्तगाल के बीच निरंतर समुद्री संवाद और सहयोग को आगे बढ़ाने की साझा प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
भारतीय प्रवासियों और नौसेना कर्मियों ने किया जहाज का दौरा
लिस्बन में प्रवास के दौरान आईएनएस त्रिशूल को आगंतुकों के लिए खोला गया। इस अवसर पर भारतीय प्रवासियों और पुर्तगाली नौसेना के कर्मियों को युद्धपोत पर आने तथा भारतीय नौसेना के अधिकारियों और नाविकों से बातचीत करने का अवसर मिला।
पुर्तगाल में भारत के राजदूत पुनीत आर. कुंडल ने भी जहाज का दौरा किया और अधिकारियों तथा नाविक दल के सदस्यों से मुलाकात की। इस संवाद ने विदेश में तैनात भारतीय नौसेना के जवानों और भारतीय समुदाय के बीच जुड़ाव को और मजबूत किया।
भारत और पुर्तगाल के बीच मैत्रीपूर्ण संबंधों तथा आपसी समझ को बढ़ावा देने के लिए आईएनएस त्रिशूल पर एक सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। इसमें पुर्तगाल में भारत के राजदूत, विभिन्न देशों के राजनयिक, पुर्तगाली नौसेना के डिप्टी फ्लीट कमांडर और फ्लोटिला कमांडर रियर एडमिरल पाउलो सिल्वा परेरा, पुर्तगाली और ब्राजीलियाई नौसेना के अधिकारी तथा भारतीय प्रवासी समुदाय के सदस्य शामिल हुए।
इस कार्यक्रम ने दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान, जन-संपर्क और समुद्री मित्रता को प्रोत्साहित किया।
आईएनएस त्रिशूल का लिस्बन पोर्ट कॉल विदेशों में उसकी तैनाती का हिस्सा था। इस यात्रा ने पुर्तगाली नौसेना और भारतीय प्रवासी समुदाय के साथ संपर्क बढ़ाने का महत्वपूर्ण अवसर प्रदान किया।
इस दौरे के माध्यम से भारत ने मित्र देशों की नौसेनाओं के साथ पेशेवर सहयोग, समुद्री समन्वय और आपसी सौहार्द को मजबूत करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। यह यात्रा भारत और पुर्तगाल के बीच दीर्घकालिक समुद्री साझेदारी तथा द्विपक्षीय मैत्रीपूर्ण संबंधों को और प्रगाढ़ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण रही।



