देशनई दिल्लीराजनीतिस्वच्छता

वस्त्र मंत्रालय का स्वच्छता अभियान: कचरे से उपयोगी वस्तुएं बनाने और सतत विकास पर जोर

स्वच्छता ही सेवा 2026: वस्त्र मंत्रालय ने कचरे के रचनात्मक पुन: उपयोग और सतत विकास पर दिया जोर

नई दिल्ली : ‘स्वच्छता ही सेवा 2026’ अभियान के तहत वस्त्र मंत्रालय और उससे जुड़े विभिन्न संगठनों ने स्वच्छता, सतत विकास, अपशिष्ट प्रबंधन और ‘कचरा ही कंचन है’ की अवधारणा को बढ़ावा देने के लिए कई गतिविधियों का आयोजन किया। इन पहलों में सामुदायिक जागरूकता, कचरे का रचनात्मक पुन: उपयोग, स्वास्थ्य जांच, प्लास्टिक के इस्तेमाल में कमी और वृक्षारोपण जैसी गतिविधियां शामिल रहीं।

भारतीय पटसन निगम लिमिटेड (JCI) के भद्रक RLD, ओडिशा में ‘स्वच्छता से समृद्धि – कबाड़ से जुगाड़’ थीम के तहत स्वच्छता अभियान चलाया गया। टीम ने घरों और आसपास के क्षेत्रों से कचरा एकत्र किया और लोगों को Reduce, Reuse और Recycle (3R) के सिद्धांतों के साथ स्वच्छता तथा एकल-उपयोग प्लास्टिक को कम करने के प्रति जागरूक किया।

एकत्रित कचरे को कार्यालय परिसर में लाकर कर्मचारियों ने उससे पेन होल्डर, डस्टबिन, सजावटी सामान, पर्यावरण-अनुकूल पेपर बैग और पुराने कपड़ों से कपड़े के बैग जैसी उपयोगी वस्तुएं तैयार कीं।

इन वस्तुओं को स्थानीय लोगों के बीच वितरित भी किया गया, जिससे अपशिष्ट के रचनात्मक पुन: उपयोग और टिकाऊ कचरा प्रबंधन को लेकर सामुदायिक भागीदारी को बढ़ावा मिला।

यह भी पढ़ें  Epstein Files: एप्स्टीन फाइल्स का पूरा सच, जानें कौन-कौन से बड़े नाम हैं शामिल

राष्ट्रीय पटसन बोर्ड (NJB) ने अपने कार्यालय परिसर और उद्यान क्षेत्रों में स्वच्छता का जिम्मा संभालने वाले हाउसकीपिंग कर्मचारियों, माली और सफाई मित्रों के लिए व्यापक स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित किया।

ईएसआईसी अस्पताल के सहयोग से आयोजित शिविर में डॉक्टरों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने सामान्य स्वास्थ्य जांच, रक्त परीक्षण, ECG सहित अन्य आवश्यक चिकित्सा परीक्षण किए। पहल का उद्देश्य सफाई कर्मचारियों के स्वास्थ्य और कल्याण की निगरानी के साथ उनके योगदान को मान्यता देना था।

विकास आयुक्त (हथकरघा) कार्यालय की ओर से सफाई मित्रों के साथ ‘एकल उपयोग वाले प्लास्टिक को रोकें’ विषय पर चर्चा और सफाई कार्यक्रम आयोजित किया गया।

इस दौरान इस्तेमाल की गई प्लास्टिक बोतलों और अन्य कचरे को हटाकर कार्यालय परिसर की स्वच्छता बेहतर करने पर जोर दिया गया। स्वच्छता मानकों को बनाए रखने के लिए निरंतर निगरानी की बात भी कही गई।

भारतीय कपास निगम (CCI) ने 29 सितंबर 2026 को अपने सभी कार्यालयों में अपशिष्ट प्रबंधन को लेकर जागरूकता अभियान चलाया। कर्मचारियों को जहां संभव हो सामग्रियों का पुन: उपयोग करने और रीसायकल योग्य वस्तुओं को उचित तरीके से अलग कर रीसायकल करने के लिए जागरूक किया गया।

यह भी पढ़ें  रणवीर सिंह नहीं बनेंगे ‘शक्तिमान’?

इस पहल का उद्देश्य अपशिष्ट में कमी, संसाधनों के बेहतर उपयोग और टिकाऊ आदतों को बढ़ावा देना रहा।

राष्ट्रीय फैशन प्रौद्योगिकी संस्थान (NIFT) के परिसरों में ‘स्वच्छ पर्व, हरित पर्व / एक पेड़ मां के नाम’ के तहत वृक्षारोपण और परिसर सौंदर्यीकरण गतिविधियां आयोजित की गईं।

इसके साथ ‘स्वच्छता से समृद्धि – कचरा ही कंचन है’ और ‘अपशिष्ट से कला’ थीम के तहत अपशिष्ट पदार्थों के रचनात्मक पुन: उपयोग, Waste-to-Art गतिविधियों तथा प्लास्टिक के Reuse और Recycle को बढ़ावा दिया गया।

इन सभी गतिविधियों का व्यापक उद्देश्य स्वच्छता के साथ-साथ सतत अपशिष्ट प्रबंधन, पर्यावरण संरक्षण, संसाधन संरक्षण और हरित भविष्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना रहा।

Amresh Dwivedi

अमरेश द्विवेदी देश की एकमात्र बहुभाषी न्यूज़ एजेंसी हिंदुस्थान समाचार में कार्यरत हैं। इसके अलावा हिंदुस्थान समाचार की पाक्षिक पत्रिका युगवार्ता और मासिक पत्रिका नवोत्थान के साथ ही विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में भी उनके आलेख छपते रहते हैं।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button