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उन्नाव में जहरखुरानी का शिकार हुए नोएडा के व्यापारी: सड़क किनारे बेहोश छोड़ भागे बस चालक और परिचालक

सफीपुर (उन्नाव)। उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले में एक बार फिर जहरखुरानों का आतंक देखने को मिला है। नोएडा से अपने घर लौट रहे एक रेडीमेड कपड़ा व्यवसायी को शातिर बदमाशों ने अपना शिकार बना लिया। मानवता को शर्मसार करने वाली बात यह रही कि जिस बस में व्यापारी सवार थे, उसके चालक और परिचालक ने मदद करने के बजाय उन्हें आसीवन थाना क्षेत्र के उन्नाव-संडीला मार्ग पर सड़क किनारे मरणासन्न हालत में फेंक दिया और रफूचक्कर हो गए।

शनिवार सुबह राहगीरों ने जब एक अधेड़ व्यक्ति को बरहा खुर्द मोड़ के पास अचेत अवस्था में पड़ा देखा, तो तत्काल पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुँची पुलिस ने आनन-फानन में उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) मियागंज में भर्ती कराया। पुलिस द्वारा सोशल मीडिया पर साझा की गई जानकारी के बाद परिजनों को इस अनहोनी का पता चला।


घर लौटने की दी थी सूचना, सुबह पहुँच गई बेहोशी की खबर

बेहटा मुजावर थाना क्षेत्र के नेवादा धर्मदासपुर निवासी सौरभ ने बताया कि उनके चाचा रामपाल (58) लंबे समय से नोएडा में रेडीमेड कपड़े की दुकान चलाते हैं। शुक्रवार को रामपाल ने फोन पर घरवालों को सूचना दी थी कि वह घर के लिए निकल चुके हैं और शनिवार सुबह तक पहुँच जाएंगे। जब सुबह काफी देर होने के बाद भी वह घर नहीं पहुँचे, तो परिजनों की चिंता बढ़ने लगी और वे उनकी तलाश में जुट गए।

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इसी बीच आसीवन पुलिस ने सोशल मीडिया पर एक अज्ञात व्यक्ति के बेहोश मिलने की सूचना और फोटो साझा की। हुलिया मिलने पर परिजन भागते हुए अस्पताल पहुँचे, जहाँ उन्होंने रामपाल की पहचान की। परिजनों का आरोप है कि जहरखुरानों ने उन्हें नशीला पदार्थ सुंघाकर या खिलाकर उनका कीमती सामान और नकदी लूट ली है।

बस स्टाफ की भूमिका पर गंभीर सवाल: मदद के बजाय किनारे फेंका

इस पूरी घटना में बस के ड्राइवर और कंडक्टर की भूमिका बेहद संदिग्ध और अमानवीय नजर आ रही है। स्थानीय लोगों और प्राथमिक सूचना के अनुसार, जैसे ही बस कर्मियों को पता चला कि यात्री बेहोश हो गया है, उन्होंने उसे अस्पताल पहुँचाने की जहमत नहीं उठाई। पकड़े जाने के डर से उन्होंने व्यवसायी को सुनसान जगह पर उतार दिया।

आसीवन एसओ प्रदीप कुमार सिंह ने बताया कि शनिवार को बरहा खुर्द मोड़ के पास व्यवसायी अचेत अवस्था में मिले थे। पुलिस की मुस्तैदी से उन्हें समय पर इलाज मिल सका। सूचना मिलने पर अस्पताल पहुँचे परिजन उन्हें निजी देखरेख में घर लेकर चले गए हैं। हालांकि, नशीले पदार्थ के गहरे असर के कारण रामपाल फिलहाल कुछ भी बोलने या बयान देने की स्थिति में नहीं हैं।

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पुलिस की कार्रवाई और सुरक्षा पर उठते सवाल

जहरखुरानी की यह कोई पहली घटना नहीं है। नोएडा-दिल्ली से लखनऊ और उन्नाव की ओर आने वाली बसों में अक्सर अपराधी यात्रियों को निशाना बनाते हैं। पुलिस का कहना है कि पीड़ित व्यवसायी के पूरी तरह होश में आने का इंतजार किया जा रहा है। रामपाल के बयान के आधार पर ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि उनके साथ लूटपाट की कितनी बड़ी वारदात हुई है और वह किस बस से यात्रा कर रहे थे।

एसओ आसीवन ने स्पष्ट किया है कि परिजनों की ओर से तहरीर मिलने पर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस उस बस की पहचान करने की कोशिश कर रही है, जिसके स्टाफ ने यात्री को सड़क किनारे फेंका था। इस घटना ने एक बार फिर लंबी दूरी की बसों में यात्रियों की सुरक्षा और बस कर्मियों की संवेदनहीनता को कटघरे में खड़ा कर दिया है।

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