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कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवाएं, उत्तर प्रदेश कारागारों में एचआईवी/एड्स नियंत्रण को प्रभावी बनाने हेतु राज्य स्तरीय संवेदीकरण कार्यशाला आयोजित

लखनऊ। प्रदेश के समस्त जिला, केंद्रीय एवं विशेष कारागारों के अधिकारियों व कर्मचारियों के लिए आज कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवाएं मुख्यालय के सभागार में एचआईवी/एड्स विषयक राज्य स्तरीय संवेदीकरण कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का आयोजन उत्तर प्रदेश राज्य एड्स नियंत्रण सोसाइटी (UPSACS) के सहयोग से किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि महानिदेशक, कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवाएं, श्री पी.सी. मीना ने UPSACS के संयुक्त निदेशक श्री रमेश चंद्र श्रीवास्तव, डॉ. संजय सोलंकी सहित अन्य गणमान्य अतिथियों के साथ किया।

अपने संबोधन में श्री मीना ने कहा कि प्रदेश के सभी कारागारों में UPSACS के सहयोग से नियमित रूप से बंदियों की एचआईवी जांच कराई जा रही है। संक्रमण की पुष्टि होने पर प्रत्येक बंदी को बिना विलंब संबंधित एंटी रेट्रोवायरल थेरेपी (ART) केंद्र से जोड़कर उपचार उपलब्ध कराया जाता है। उन्होंने कहा कि राज्य एड्स नियंत्रण सोसाइटी के प्रयास सराहनीय हैं और कारागार कर्मियों की प्रतिबद्धता से एचआईवी/एड्स नियंत्रण कार्यक्रम प्रभावी रूप से संचालित हो रहा है।

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कार्यशाला में HLFPPT के प्रतिनिधि श्री चतुरानंद ठाकुर ने कारागारों में संचालित एचआईवी-टीबी उन्मूलन कार्यक्रम की प्रगति, उपलब्धियों एवं भावी रणनीति पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया। पब्लिक हेल्थ फाउंडेशन ऑफ इंडिया (PHFI) के राष्ट्रीय विषय विशेषज्ञ श्री उमेश ने एचआईवी/एड्स की अवधारणाओं, संक्रमण रोकथाम, उपचार और जागरूकता पर जानकारी साझा की।

विशेष आमंत्रित वक्ता श्री अरुण कुमार मिश्रा, मुख्य न्यायिक सलाहकार, उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण ने एचआईवी एवं एड्स (रोकथाम एवं नियंत्रण) अधिनियम, 2017 के प्रमुख प्रावधानों पर प्रकाश डाला। उन्होंने संक्रमित व्यक्तियों के अधिकारों, गोपनीयता, भेदभाव-निषेध और कारागार प्रशासन की विधिक जिम्मेदारियों को समझाया।

कार्यशाला में अधिकारियों ने एचआईवी/एड्स नियंत्रण कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन, बंदियों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने और अधिनियम, 2017 का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित करने का संकल्प लिया।

इस अवसर पर अपर महानिरीक्षक कारागार श्री धर्मेन्द्र सिंह, पुलिस उपमहानिरीक्षक कारागार श्री प्रदीप गुप्ता, श्री सुभाष चंद्र शाक्य, उपमहानिरीक्षक श्री पी.एन. पाण्डेय, डॉ. रामधनी तथा वरिष्ठ अधीक्षक श्री रंगबहादुर पटेल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

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