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उन्नाव में पुलिस की कार्रवाई: गंगाघाट से अवैध रिक्शा स्टैंड हटाया गया

उन्नाव के गंगाघाट क्षेत्र में मंगलवार शाम पुलिस ने अवैध रिक्शा स्टैंड के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए सड़क पर खड़े रिक्शों को हटवाया। यह कार्रवाई गांधी चौक इलाके में की गई, जहां लंबे समय से रिक्शा चालकों द्वारा सड़क किनारे अवैध रूप से स्टैंड बना लिया गया था, जिससे यातायात व्यवस्था प्रभावित हो रही थी।

जानकारी के मुताबिक, गंगाघाट कोतवाली पुलिस को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि गांधी चौक पर रिक्शा चालकों के कारण जाम की स्थिति बनी रहती है। सड़क पर खड़े रिक्शों की वजह से आम लोगों और वाहनों को निकलने में काफी दिक्कत हो रही थी। इसी को ध्यान में रखते हुए पुलिस ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई शुरू की।

मंगलवार शाम पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर सभी रिक्शा चालकों को सख्त निर्देश दिए कि वे अपने रिक्शा सड़क पर खड़ा न करें और उन्हें नवनिर्मित टेम्पो/रिक्शा स्टैंड में ही लगाएं। पुलिस ने स्पष्ट किया कि सड़क पर अवैध कब्जा किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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कार्रवाई के दौरान कई रिक्शा चालकों को चेतावनी भी दी गई और उन्हें समझाया गया कि यदि भविष्य में फिर से सड़क पर अवैध स्टैंड बनाया गया, तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद इलाके में यातायात व्यवस्था कुछ हद तक सामान्य होती नजर आई।

इस अभियान में पश्चिमी चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक राजेंद्र सिंह चौहान, उपनिरीक्षक मुश्ताक, मुख्य आरक्षी सुशील कुमार और आरक्षी विकल्प कुमार समेत पुलिस टीम के अन्य सदस्य मौजूद रहे। सभी ने मिलकर मौके पर व्यवस्था संभाली और रिक्शा चालकों को नए स्थान पर शिफ्ट कराया।

Prashant Tiwari

प्रशांत तिवारी एक अनुभवी ब्रॉडकास्ट जर्नलिस्ट, क्राइम इन्वेस्टिगेटिव रिपोर्टर और डिजिटल मीडिया स्ट्रैटेजिस्ट हैं। उन्होंने डीडी न्यूज़ (दूरदर्शन) में बतौर डिजिटल हेड की सेवाएं दीं और प्राइम टीवी में डिजिटल मार्केटिंग मैनेजर के रूप में न्यूज़ प्लेटफॉर्म्स की डिजिटल ग्रोथ, ऑडियंस एंगेजमेंट और मल्टी-प्लेटफॉर्म मीडिया स्ट्रैटेजी पर महत्वपूर्ण काम किया। क्राइम इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के तौर पर उन्होंने कई न्यूज़ चैनलों के लिए अंडरकवर/स्पाई-स्टाइल रिपोर्टिंग, स्टिंग ऑपरेशन और फील्ड इन्वेस्टिगेशन किए। संगठित अपराध, साइबर क्राइम, ड्रग्स सिंडिकेट, मानव एवं गौवंश तस्करी और फर्जीवाड़े जैसे विषयों पर उनकी इन्वेस्टिगेशन चर्चित रहीं। कई संवेदनशील मामलों में उन्होंने क्षेत्रीय पुलिस को जरूरी इनपुट व सहयोग उपलब्ध कराया।

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