IAS दिव्या मित्तल के इस्तीफे पर अखिलेश का हमला—बोले, ‘भाजपा राज में ईमानदार अधिकारी दुखी, भ्रष्टाचार चरम पर’
IAS दिव्या मित्तल के इस्तीफे पर Akhilesh Yadav ने भाजपा सरकार पर निशाना साधा। बोले- ईमानदार अधिकारी दुखी हैं और भ्रष्टाचार चरम पर। पढ़ें पूरा मामला।

उत्तर प्रदेश कैडर की 2013 बैच की आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल के इस्तीफे के बाद प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस मामले को लेकर भारतीय जनता पार्टी की सरकार पर जमकर हमला बोला है। अखिलेश यादव का कहना है कि भाजपा शासन में ईमानदार अधिकारी खुद को असहज महसूस कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बड़े पैमाने पर फैले भ्रष्टाचार की वजह से अधिकारी अब काम करना ही नहीं चाहते। अखिलेश यादव के मुताबिक, भाजपा सरकार में भ्रष्टाचार अपने चरम पर पहुंच चुका है। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में उनके हवाले से यह भी कहा गया कि ईमानदार अधिकारियों को जानबूझकर काम नहीं करने दिया जा रहा है।
दरअसल, रविवार यानी 30 अगस्त 2026 को दिव्या मित्तल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स और इंस्टाग्राम पर एक भावुक पोस्ट साझा की थी। इस पोस्ट में उन्होंने बताया कि उन्होंने 13 साल के अपने अविस्मरणीय सफर को खुद की मर्जी से विराम देते हुए आईएएस से इस्तीफा दे दिया है। वह इस समय राजस्व विभाग में विशेष सचिव के पद पर तैनात थीं। उन्होंने अपना त्यागपत्र मुख्य सचिव को सौंप दिया है, हालांकि यह अभी आधिकारिक रूप से स्वीकार नहीं हुआ है। दिव्या मित्तल ने आईआईटी दिल्ली और आईआईएम बैंगलोर से पढ़ाई की है। लंदन की अच्छी नौकरी छोड़कर उन्होंने यूपीएससी परीक्षा पास की थी और 2012 की परीक्षा में पूरे देश में 68वीं रैंक हासिल की थी। अपने करियर के दौरान उन्होंने संत कबीर नगर, मिर्जापुर और देवरिया जिलों में जिलाधिकारी के रूप में सेवाएं दीं। मिर्जापुर में रहते हुए उन्होंने लहुरियादह जैसे दूर-दराज के गांव में दशकों बाद पानी पहुंचाने का काम किया, जिसके लिए वह काफी सुर्खियों में रहीं। अपने इस्तीफे वाली पोस्ट में उन्होंने जनसेवा, सच के साथ खड़े रहने और लोगों के भरोसे की बातें लिखीं। हालांकि, उन्होंने किसी खास विवाद या दबाव का जिक्र नहीं किया।
दिव्या मित्तल अपनी फील्ड पोस्टिंग के दौरान जनता से सीधे जुड़ाव और सख्त प्रशासनिक रवैये के लिए जानी जाती रही हैं। देवरिया में डीएम रहते हुए भी वह चर्चा में रहीं। मई 2026 में उन्हें राजस्व विभाग में विशेष सचिव बनाया गया था। उनके इस्तीफे की असली वजह अभी उनकी पोस्ट से आगे सामने नहीं आ पाई है। कई रिपोर्ट्स में इसे पूरी तरह से स्वैच्छिक बताया जा रहा है। फिलहाल अखिलेश यादव के इस बयान के बाद सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। हालांकि, अखिलेश यादव के आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर इस मुद्दे को लेकर कोई बड़ी पोस्ट फिलहाल सामने नहीं आई है, लेकिन उनके बयान से जुड़ी खबरें तेजी से फैल रही हैं।

