दुनियादेशनई दिल्ली

भारतीय नौसेना का प्रथम प्रशिक्षण स्क्वाड्रन कोलंबो से रवाना, श्रीलंका के साथ समुद्री सहयोग को मिली मजबूती

भारतीय नौसेना के प्रथम प्रशिक्षण स्क्वाड्रन के आईएनएस तीर, आईएनएस सुजाता और आईसीजीएस सारथी 29 अक्टूबर 2026 को कोलंबो से रवाना हुए। श्रीलंका नौसेना के साथ प्रशिक्षण, रक्षा सहयोग और पास-एक्स अभ्यास हुआ।

कोलंबो : भारतीय नौसेना के प्रथम प्रशिक्षण स्क्वाड्रन (1TS) के तीन जहाज आईएनएस तीर, आईएनएस सुजाता और भारतीय तटरक्षक जहाज आईसीजीएस सारथी सफल बंदरगाह यात्रा के बाद 29 अक्टूबर 2026 को श्रीलंका के कोलंबो से रवाना हो गए। इस यात्रा का उद्देश्य भारत और श्रीलंका के बीच रक्षा सहयोग, समुद्री साझेदारी और दोनों नौसेनाओं के बीच परिचालन समन्वय को और मजबूत करना था।

कोलंबो में ठहराव के दौरान प्रथम प्रशिक्षण स्क्वाड्रन के वरिष्ठ अधिकारी और जहाजों के कमांडिंग अधिकारियों ने श्रीलंका नौसेना के पश्चिमी नौसैनिक क्षेत्र के कमांडर से मुलाकात की। इस दौरान दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय रक्षा संबंधों और समुद्री सहयोग को बढ़ाने से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा हुई।

इस मुलाकात ने भारत और श्रीलंका की नौसेनाओं के बीच मजबूत संबंधों तथा क्षेत्रीय समुद्री सुरक्षा के लिए साझा प्रतिबद्धता को रेखांकित किया।

यात्रा के दौरान पेशेवर आदान-प्रदान कार्यक्रम के तहत भारतीय नौसेना के समुद्री प्रशिक्षुओं ने श्रीलंका के त्रिंकोमाली स्थित नौसेना एवं समुद्री अकादमी (NMA) का दौरा किया। यहां भारतीय प्रशिक्षुओं ने श्रीलंकाई नौसेना के कैडेटों के साथ बातचीत की और अपने प्रशिक्षण अनुभव साझा किए।

यह भी पढ़ें  न्यू स्टार्ट के बाद परमाणु हथियारों की नई होड़, दुनिया पर बढ़ता परमाणु खतरा

इसके जवाब में श्रीलंका नौसेना के कैडेटों ने भारतीय प्रशिक्षण स्क्वाड्रन के जहाजों का भ्रमण किया। इस दौरान उन्हें जहाजों पर उपलब्ध प्रशिक्षण सुविधाओं और विभिन्न गतिविधियों की जानकारी दी गई। इस पहल से दोनों देशों के युवा नौसैनिकों के बीच पेशेवर समझ और आपसी सौहार्द को बढ़ावा मिला।

बंदरगाह यात्रा के दौरान सामुदायिक संपर्क और पर्यावरण संरक्षण को भी प्राथमिकता दी गई। भारतीय नौसेना के कर्मियों ने समुद्र तट की सफाई अभियान में हिस्सा लेकर पर्यावरणीय स्थिरता का संदेश दिया।

इसके अलावा, भारतीय नौसेना के जहाजों को स्थानीय नागरिकों और श्रीलंका में रह रहे भारतीय प्रवासियों के लिए भी खोला गया। आगंतुकों को नौसेना के अधिकारियों एवं नाविकों से बातचीत करने और भारतीय नौसेना की प्रशिक्षण तथा परिचालन गतिविधियों को करीब से समझने का अवसर मिला।

कोलंबो से रवाना होते समय प्रथम प्रशिक्षण स्क्वाड्रन के जहाजों ने श्रीलंका नौसेना के जहाज एसएलएनएस नंदीमित्र के साथ पैसेज एक्सरसाइज (PASSEX) में हिस्सा लिया।

यह भी पढ़ें  गुवाहाटी में 21 अक्टूबर से लगेगा 8 दिवसीय शिल्प समागम मेला, 75 कारीगर दिखाएंगे हुनर

इस अभ्यास के दौरान दोनों नौसेनाओं ने समन्वित समुद्री युद्धाभ्यास किया। इससे परिचालन समन्वय, आपसी तालमेल और इंटरऑपरेबिलिटी को बढ़ावा मिला।

भारतीय नौसेना की यह यात्रा भारत और श्रीलंका के बीच लंबे समय से चले आ रहे समुद्री संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण रही। यह पहल भारत के ‘महासागर’ (महासागर – विभिन्न क्षेत्रों में सुरक्षा और विकास के लिए पारस्परिक और समग्र उन्नति) विजन के अनुरूप है।

इस यात्रा ने क्षेत्रीय समुद्री सुरक्षा, क्षमता निर्माण, प्रशिक्षण सहयोग और हिंद महासागर क्षेत्र में स्थिरता बनाए रखने के प्रति दोनों देशों की साझा प्रतिबद्धता को एक बार फिर प्रदर्शित किया।

Amresh Dwivedi

अमरेश द्विवेदी देश की एकमात्र बहुभाषी न्यूज़ एजेंसी हिंदुस्थान समाचार में कार्यरत हैं। इसके अलावा हिंदुस्थान समाचार की पाक्षिक पत्रिका युगवार्ता और मासिक पत्रिका नवोत्थान के साथ ही विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में भी उनके आलेख छपते रहते हैं।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button