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रामपुर में भीषण आग: ढाई बीघा गेहूं की फसल जलकर खाक, किसानों को भारी नुकसान

रामपुर (जौनपुर)। जनपद के नगर पंचायत रामपुर क्षेत्र में रविवार दोपहर अचानक लगी भीषण आग ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया। कस्बा स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय के पीछे करीब 3 बजे गेहूं के खेत में आग लग गई, जिसने कुछ ही देर में विकराल रूप धारण कर लिया और आसपास के खेतों तक फैल गई।

तेज हवा के चलते आग तेजी से फैलती चली गई और देखते ही देखते कई खेत इसकी चपेट में आ गए। मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने बिना देर किए एकजुट होकर आग बुझाने का प्रयास शुरू किया। बाल्टियों, पाइप और अन्य संसाधनों की मदद से काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।

घटना की सूचना मिलते ही थाना प्रभारी विनोद कुमार अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। साथ ही कई पीआरबी वाहन भी मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक ग्रामीणों की तत्परता से आग काफी हद तक बुझाई जा चुकी थी।

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इस आगजनी की घटना में किसान जयदेव दुबे, ओमप्रकाश उर्फ बडेलाल प्रजापति और राजन गौतम की लगभग ढाई बीघा गेहूं की खड़ी फसल पूरी तरह जलकर राख हो गई। फसल के नुकसान से किसानों को गहरा आर्थिक झटका लगा है, क्योंकि यह उनकी साल भर की मेहनत का परिणाम था।

स्थानीय लोगों के अनुसार जिस स्थान पर आग लगी, वहां अक्सर कुछ अराजक तत्वों का जमावड़ा रहता है। आशंका जताई जा रही है कि बीड़ी या सिगरेट फेंकने से आग भड़की हो सकती है, हालांकि आग लगने के कारणों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है। ग्रामीणों की सूझबूझ और तत्परता से आग को समय रहते काबू में कर लिया गया, वरना यह आग और फैलकर कई बीघा फसल को अपनी चपेट में ले सकती थी।

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Prashant Tiwari

प्रशांत तिवारी एक अनुभवी ब्रॉडकास्ट जर्नलिस्ट, क्राइम इन्वेस्टिगेटिव रिपोर्टर और डिजिटल मीडिया स्ट्रैटेजिस्ट हैं। उन्होंने डीडी न्यूज़ (दूरदर्शन) में बतौर डिजिटल हेड की सेवाएं दीं और प्राइम टीवी में डिजिटल मार्केटिंग मैनेजर के रूप में न्यूज़ प्लेटफॉर्म्स की डिजिटल ग्रोथ, ऑडियंस एंगेजमेंट और मल्टी-प्लेटफॉर्म मीडिया स्ट्रैटेजी पर महत्वपूर्ण काम किया। क्राइम इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के तौर पर उन्होंने कई न्यूज़ चैनलों के लिए अंडरकवर/स्पाई-स्टाइल रिपोर्टिंग, स्टिंग ऑपरेशन और फील्ड इन्वेस्टिगेशन किए। संगठित अपराध, साइबर क्राइम, ड्रग्स सिंडिकेट, मानव एवं गौवंश तस्करी और फर्जीवाड़े जैसे विषयों पर उनकी इन्वेस्टिगेशन चर्चित रहीं। कई संवेदनशील मामलों में उन्होंने क्षेत्रीय पुलिस को जरूरी इनपुट व सहयोग उपलब्ध कराया।

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