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“वोट मांगने आए थे, अब क्षेत्र में दिखते नहीं!” सांसद प्रिया सरोज पर भड़का सपा समर्थक

अखिलेश यादव और समाजवादी पार्टी के लिए चुनाव के दौरान प्रचार करने वाले एक समर्थक का सोशल मीडिया पोस्ट अब तेजी से वायरल हो रहा है। इस पोस्ट में समर्थक ने पार्टी की सांसद प्रिया सरोज और उनके पिता पर गंभीर नाराजगी जताई है।

समर्थक ने सीधे तौर पर आरोप लगाया कि चुनाव जीतने के बाद सांसद क्षेत्र में दिखाई नहीं देतीं और जनता खुद को उपेक्षित महसूस कर रही है। पोस्ट में लिखा गया कि चुनाव के समय उन्होंने लोगों से वोट मांगे, प्रचार किया और पार्टी के समर्थन में खुलकर काम किया, लेकिन अब क्षेत्र में विकास और जनसंपर्क को लेकर निराशा है।
Credit:Sunil Yadav PDA (@SudheerYad40842)

वायरल पोस्ट में समर्थक ने लिखा,
“मैंने इनके लिए वोट मांगा था, लोगों से अपील की थी। लेकिन यह बाप-बेटी क्षेत्र में एक भी काम नहीं कर रहे। क्षेत्र में कम और नोएडा-लखनऊ में ज्यादा रहते हैं।”

पोस्ट में आगे चेतावनी भरे अंदाज में कहा गया कि अगर आने वाले चुनाव में फिर से टिकट दिया गया, तो वह खुद विरोध में प्रचार करेंगे। यही नहीं, समर्थक ने यह भी लिखा कि इस बार किसी के फोन या दबाव में आने वाले नहीं हैं, क्योंकि वह “सच लिखने के लिए प्रतिबद्ध” हैं।

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यह पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और राजनीतिक गलियारों में भी इसकी चर्चा शुरू हो गई है। कई यूजर्स इसे जनता की नाराजगी बता रहे हैं, जबकि कुछ लोग इसे आंतरिक असंतोष से जोड़कर देख रहे हैं।

सोशल मीडिया पर बढ़ी बहस, समर्थकों में भी बंटी राय

रिंकू सिंह और प्रिया सरोज की तस्वीरें और वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई है। एक तरफ उनके समर्थक इसे निजी जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता से जोड़कर देख रहे हैं, तो वहीं दूसरी ओर कुछ लोग जनप्रतिनिधियों की सार्वजनिक छवि और सामाजिक जिम्मेदारी का हवाला देते हुए सवाल उठा रहे हैं। खासकर ग्रामीण और पारंपरिक सोच रखने वाले वर्ग में इस मुद्दे को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं।

कई लोगों का कहना है कि जब कोई व्यक्ति सार्वजनिक जीवन और राजनीति से जुड़ा होता है, तो उसकी गतिविधियां स्वतः ही चर्चा का विषय बन जाती हैं। वहीं कुछ यूजर्स का मानना है कि निजी रिश्तों को राजनीतिक बहस का हिस्सा नहीं बनाया जाना चाहिए। हालांकि इस पूरे मामले ने सोशल मीडिया पर नई बहस जरूर छेड़ दी है कि सार्वजनिक जीवन से जुड़े लोगों की निजी जिंदगी और सामाजिक अपेक्षाओं के बीच संतुलन कैसे बनाया जाए।

हालांकि इस पूरे मामले पर अभी तक सांसद प्रिया सरोज या समाजवादी पार्टी की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

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राजनीतिक जानकारों का मानना है कि सोशल मीडिया अब जनता की नाराजगी जाहिर करने का बड़ा मंच बन चुका है। खासकर चुनाव के बाद जनता अपने जनप्रतिनिधियों की सक्रियता पर लगातार नजर रखती है।

फिलहाल यह पोस्ट इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग यह देखने का इंतजार कर रहे हैं कि पार्टी नेतृत्व इस नाराजगी को किस तरह लेता है।

 

Prashant Tiwari

प्रशांत तिवारी एक अनुभवी ब्रॉडकास्ट जर्नलिस्ट, क्राइम इन्वेस्टिगेटिव रिपोर्टर और डिजिटल मीडिया स्ट्रैटेजिस्ट हैं। उन्होंने डीडी न्यूज़ (दूरदर्शन) में बतौर डिजिटल हेड की सेवाएं दीं और प्राइम टीवी में डिजिटल मार्केटिंग मैनेजर के रूप में न्यूज़ प्लेटफॉर्म्स की डिजिटल ग्रोथ, ऑडियंस एंगेजमेंट और मल्टी-प्लेटफॉर्म मीडिया स्ट्रैटेजी पर महत्वपूर्ण काम किया। क्राइम इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के तौर पर उन्होंने कई न्यूज़ चैनलों के लिए अंडरकवर/स्पाई-स्टाइल रिपोर्टिंग, स्टिंग ऑपरेशन और फील्ड इन्वेस्टिगेशन किए। संगठित अपराध, साइबर क्राइम, ड्रग्स सिंडिकेट, मानव एवं गौवंश तस्करी और फर्जीवाड़े जैसे विषयों पर उनकी इन्वेस्टिगेशन चर्चित रहीं। कई संवेदनशील मामलों में उन्होंने क्षेत्रीय पुलिस को जरूरी इनपुट व सहयोग उपलब्ध कराया।

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