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उन्नाव ब्रेकिंग: आगरा-कासगंज हादसे के बाद परिवहन विभाग का ‘हंटर’; स्कूल बसों और वैन के खिलाफ 1 अप्रैल से महा-अभियान, अनफिट गाड़ियां होंगी सीज

उन्नाव: आसपास के जिलों में हुए भीषण सड़क हादसों से सबक लेते हुए उन्नाव का परिवहन विभाग पूरी तरह से ‘एक्शन मोड’ में आ गया है। आगरा और कासगंज में स्कूली बच्चों के साथ हुई अनहोनी के बाद, उन्नाव के एआरटीओ (प्रवर्तन) संजीव कुमार सिंह ने जिले के सभी स्कूली वाहनों पर शिकंजा कसने की तैयारी पूरी कर ली है। परिवहन विभाग ने साफ कर दिया है कि बच्चों की जान के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी वाहन स्वामी या स्कूल प्रबंधन को बख्शा नहीं जाएगा।

15 दिनों का ‘अग्निपरीक्षा’ अभियान: 1 से 15 अप्रैल तक सघन जांच

एआरटीओ संजीव कुमार सिंह ने घोषणा की है कि आगामी 1 अप्रैल से 15 अप्रैल तक पूरे जनपद में एक विशेष सघन जांच अभियान चलाया जाएगा। इस 15 दिवसीय अभियान के दौरान जिले की सड़कों पर दौड़ने वाली हर एक स्कूल बस, वैन और ऑटो की गहनता से पड़ताल की जाएगी। विभाग का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि स्कूल जाने वाले नौनिहाल पूरी तरह सुरक्षित वाहनों में सफर करें।

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इन मानकों पर रहेगी पैनी नजर: फिटनेस और परमिट अनिवार्य

परिवहन विभाग की टीम जांच के दौरान निम्नलिखित बिंदुओं पर कोई समझौता नहीं करेगी:

  • स्पीड गवर्नर और GPS: क्या वाहन की रफ्तार नियंत्रित है और उसका रूट ट्रैक हो रहा है?

  • फायर एक्सटिंग्विशर (अग्निशमन यंत्र): आपात स्थिति के लिए आग बुझाने के उपकरण चालू हालत में हैं या नहीं?

  • फिटनेस और परमिट: बिना वैध फिटनेस और परमिट के सड़क पर उतरने वाले वाहनों को मौके पर ही सीज (Seize) करने की चेतावनी दी गई है।

  • क्षमता से अधिक बच्चे: यदि किसी वैन या बस में क्षमता से अधिक बच्चों को ठूंस-ठूंस कर बैठाया गया, तो भारी चालान के साथ परमिट निरस्त करने की कार्रवाई होगी।

स्कूल प्रबंधन और अभिभावकों को सख्त हिदायत

एआरटीओ ने जिले के सभी निजी और सरकारी स्कूल प्रबंधकों को निर्देश जारी किए हैं कि वे 1 अप्रैल से पहले अपने सभी वाहनों के दस्तावेज अपडेट कर लें। इसके साथ ही उन्होंने अभिभावकों से भी एक भावुक और जिम्मेदार अपील की है:

“अभिभावक अपने बच्चों को स्कूल भेजते समय केवल उन्हीं वाहनों का चयन करें जो परिवहन विभाग के मानकों पर खरे उतरते हों। बच्चों की सुरक्षा केवल विभाग की नहीं, बल्कि समाज की भी सामूहिक जिम्मेदारी है।”

भ्रष्टाचार और लापरवाही पर ‘जीरो टॉलरेंस’

संजीव कुमार सिंह ने कड़े लहजे में कहा कि अभियान के दौरान किसी भी प्रकार की सिफारिश या ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जो वाहन मानक पूरे नहीं करेंगे, उन्हें न केवल भारी जुर्माना भरना होगा, बल्कि उनका लाइसेंस और पंजीकरण भी रद्द किया जा सकता है। इस अभियान से उन वाहन स्वामियों में हड़कंप मच गया है जो जुगाड़ और पुराने खटारा वाहनों के दम पर स्कूली बच्चों को ढो रहे थे।

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Prashant Tiwari

प्रशांत तिवारी एक अनुभवी ब्रॉडकास्ट जर्नलिस्ट, क्राइम इन्वेस्टिगेटिव रिपोर्टर और डिजिटल मीडिया स्ट्रैटेजिस्ट हैं। उन्होंने डीडी न्यूज़ (दूरदर्शन) में बतौर डिजिटल हेड की सेवाएं दीं और प्राइम टीवी में डिजिटल मार्केटिंग मैनेजर के रूप में न्यूज़ प्लेटफॉर्म्स की डिजिटल ग्रोथ, ऑडियंस एंगेजमेंट और मल्टी-प्लेटफॉर्म मीडिया स्ट्रैटेजी पर महत्वपूर्ण काम किया। क्राइम इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के तौर पर उन्होंने कई न्यूज़ चैनलों के लिए अंडरकवर/स्पाई-स्टाइल रिपोर्टिंग, स्टिंग ऑपरेशन और फील्ड इन्वेस्टिगेशन किए। संगठित अपराध, साइबर क्राइम, ड्रग्स सिंडिकेट, मानव एवं गौवंश तस्करी और फर्जीवाड़े जैसे विषयों पर उनकी इन्वेस्टिगेशन चर्चित रहीं। कई संवेदनशील मामलों में उन्होंने क्षेत्रीय पुलिस को जरूरी इनपुट व सहयोग उपलब्ध कराया।

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