भारतीय नौसेना का पहला प्रशिक्षण स्क्वाड्रन कोलंबो पहुंचा, भारत-श्रीलंका समुद्री सहयोग को मिलेगी मजबूती
भारत-श्रीलंका के बीच नौसैनिक सहयोग और प्रशिक्षण संबंधों को मजबूत करने के लिए, भारतीय नौसेना का पहला प्रशिक्षण स्क्वाड्रन - जिसमें INS तीर, INS सुजाता और ICGS सारथी शामिल हैं - 26 अक्टूबर 2026 को कोलंबो पहुंचा।

कोलंबो, श्रीलंका : भारत और श्रीलंका के बीच समुद्री सहयोग तथा नौसैनिक प्रशिक्षण संबंधों को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए भारतीय नौसेना का पहला प्रशिक्षण स्क्वाड्रन (1TS) 26 अक्टूबर 2026 को श्रीलंका की राजधानी कोलंबो पहुंचा। इस स्क्वाड्रन में आईएनएस तीर, आईएनएस सुजाता और भारतीय तटरक्षक पोत आईसीजीएस सारथी शामिल हैं।
कोलंबो पहुंचने पर श्रीलंका नौसेना ने नौसैनिक बैंड की उपस्थिति में भारतीय जहाजों का औपचारिक स्वागत किया। इस बंदरगाह यात्रा का उद्देश्य दोनों देशों की नौसेनाओं के बीच पेशेवर संवाद, प्रशिक्षण और परिचालन समन्वय को बढ़ावा देना है।
जहाजों के पहुंचने के बाद नौसेना प्रशिक्षण महानिदेशक और श्रीलंका नौसेना के पूर्वी नौसेना क्षेत्र के कमांडर ने जहाजों पर सवार प्रशिक्षुओं से बातचीत की। इस दौरान प्रशिक्षुओं को वरिष्ठ अधिकारियों के अनुभवों और पेशेवर विचारों से सीखने का अवसर मिला।
यह संवाद नौसैनिक प्रशिक्षण की गुणवत्ता बढ़ाने और भविष्य के नौसैनिक अधिकारियों के पेशेवर विकास को प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्वपूर्ण है।
कोलंबो में ठहराव के दौरान भारतीय और श्रीलंकाई नौसेना के कर्मी विभिन्न पेशेवर तथा प्रशिक्षण गतिविधियों में भाग लेंगे। इनमें प्रमुख रूप से दोनों देशों के नौसैनिक एक-दूसरे के जहाजों का दौरा कर उनकी कार्यप्रणाली और प्रशिक्षण प्रक्रियाओं को समझेंगे।दोनों नौसेनाओं के बीच समुद्र में संयुक्त अभ्यास के माध्यम से परिचालन समन्वय और आपसी तालमेल को बढ़ावा दिया जाएगा। नौसैनिक कर्मियों को अपने अनुभव साझा करने और एक-दूसरे की कार्यप्रणालियों से सीखने का अवसर मिलेगा।
इन गतिविधियों से दोनों देशों की नौसेनाओं के बीच आपसी विश्वास, सहयोग और समुद्री संचालन की समझ को और मजबूत करने में मदद मिलेगी।
इस यात्रा के दौरान सामुदायिक संपर्क गतिविधियों और भारतीय नौसेना के जहाजों के दौरे का आयोजन भी किया जाएगा। इन कार्यक्रमों के जरिए स्थानीय नागरिकों को भारतीय नौसेना के जहाजों, उनकी भूमिका और प्रशिक्षण गतिविधियों को करीब से जानने का अवसर मिलेगा।
इस तरह की पहलें सैन्य सहयोग के साथ-साथ दोनों देशों के नागरिकों के बीच आपसी संपर्क और सद्भाव को बढ़ावा देने में भी सहायक होती हैं।
भारतीय नौसेना के पहले प्रशिक्षण स्क्वाड्रन की कोलंबो यात्रा भारत और श्रीलंका के बीच लंबे समय से चले आ रहे समुद्री संबंधों को दर्शाती है। दोनों देश हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा, स्थिरता और क्षेत्रीय सहयोग को मजबूत करने के लिए लगातार काम कर रहे हैं।
यह यात्रा भारत की ‘महासागर’ परिकल्पना के अनुरूप भी है, जिसका उद्देश्य क्षेत्रीय देशों के बीच पारस्परिक सहयोग, साझा विकास, समुद्री सुरक्षा और समृद्धि को बढ़ावा देना है।
इस बंदरगाह यात्रा से दोनों देशों की नौसेनाओं के बीच पेशेवर संबंधों को मजबूत करने और भविष्य में संयुक्त समुद्री सहयोग के नए अवसर विकसित करने में मदद मिलने की उम्मीद है।


