मुंबई में सैलोनिका मीतल अग्रवाल की कला प्रदर्शनी प्रकृति और सौंदर्य के रंगों का अनूठा उत्सव
फूलों और प्रकृति की जीवंत दुनिया, पहले भी लगा चुकी हैं एकल प्रदर्शनियां

मुंबई : प्रकृति, पुष्प और जीवन में संयोग से मिलने वाली खूबसूरती को कैनवास पर उतारने वाली कलाकार सैलोनिका मीतल अग्रवाल अपनी नई कला प्रदर्शनी ‘Blooms’ के साथ मुंबई के कला प्रेमियों के सामने हैं। यह प्रदर्शनी ‘जड़ें / फूल’ का हिस्सा है, जिसका आयोजन आर्ट म्यूज़िंग्स, 1 एडमिरल्टी हाउस, कोलाबा, मुंबईमें किया जा रहा है।
प्रदर्शनी का उद्घाटन गुरुवार, 8 अक्टूबर 2026 को शाम 6 बजे से रात 9 बजे तक होगा। यह प्रदर्शनी 31 अक्टूबर 2026 तक दर्शकों के लिए खुली रहेगी।
मुख्य रूप से स्व-शिक्षित कलाकार सैलोनिका पिछले 25 वर्षों से अधिक समय से चित्रकारी कर रही हैं। उनकी कला प्रकृति, वनस्पतियों और जीवन में संयोग, सौभाग्य, प्रतीकात्मकता और अप्रत्याशित सुंदरता की अवधारणा से गहराई से जुड़ी है।
‘ब्लूम्’ संग्रह में कलाकार ने प्रकृति की जीवंतता को केंद्र में रखा है। उनके चित्रों में फूलों और उष्णकटिबंधीय पत्तियों के साथ पक्षी, तितलियां और वनस्पति-जगत के अन्य तत्व दिखाई देते हैं। रंगों की कई परतों से तैयार ये पेंटिंग्स दर्शकों को ऐसे जीवंत प्राकृतिक संसार में ले जाती हैं, जहां सुंदरता के साथ चिंतन और कल्पना के लिए भी जगह है।
सैलोनिका के कलात्मक सफर में फूलों का विशेष महत्व रहा है। उनके लिए फूल केवल प्रकृति की सुंदर रचनाएं नहीं, बल्कि सौभाग्य, प्रचुरता, समृद्धि, सद्भाव और आशा जैसे भावों के प्रतीक भी हैं। उनकी रचनाएं दर्शकों को चित्रों को करीब से देखने और उनमें छिपी छोटी-छोटी कहानियों तथा प्रतीकों को खोजने के लिए प्रेरित करती हैं।
सैलोनिका की प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता उनके पारिवारिक और पर्यावरणीय परिवेश से भी प्रभावित हुई है। उनके पिता पर्यावरणविद् कमल मीतल से उन्हें प्रकृति और पर्यावरण के प्रति गहरी प्रेरणा मिली। वहीं उनके पति बरुन अग्रवाल का काम स्थिरता और हवा की गुणवत्ता के क्षेत्र से जुड़ा रहा है।
प्रकृति के साथ यह लंबे समय से बना संबंध सैलोनिका की कला की विषय-वस्तु और उनकी विशिष्ट कलात्मक भाषा में स्पष्ट रूप से दिखाई देता है।
सैलोनिका मीतल अग्रवाल की इससे पहले भी कई महत्वपूर्ण एकल प्रदर्शनियां आयोजित हो चुकी हैं। वर्ष 2022 में बीकानेर हाउस, नई दिल्ली में उनकी प्रदर्शनी का उद्घाटन लक्ष्मी पुरी ने किया था। इसके बाद 2025 में मुंबई में ‘प्रकृति का रहस्य’ नाम से उनकी प्रदर्शनी आयोजित हुई, जिसका उद्घाटन पद्म भूषण राजश्री बिड़ला ने किया।
‘ब्लूम्’ के माध्यम से सैलोनिका एक बार फिर प्रकृति की सुंदरता, रहस्य और प्रतीकात्मकता को अपने रंगों और रचनात्मक दृष्टि से सामने ला रही हैं। यह संग्रह वनस्पति जगत की प्रचुरता, जीवन की अनिश्चित सुंदरता और प्रकृति के उस शांत जादू का उत्सव है, जो अक्सर हमारे आसपास मौजूद होकर भी हमारी नजरों से छूट जाता है।

