Gomti Nagar Durga Puja Controversy: 11 साल पुरानी परंपरा पर संकट, समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता विवेक दुबे ने CM से की अपील

लखनऊ के गोमती नगर विस्तार में पिछले 11 वर्षों से होती आ रही दुर्गा पूजा को लेकर एक नया विवाद सामने आया है। इस मामले पर समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता और अधिवक्ता विवेक दुबे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक भावुक पोस्ट साझा किया है, जिसमें उन्होंने 11 वर्षों पुरानी इस परंपरा को बचाने की अपील की है। विवेक दुबे ने अपनी पोस्ट में लिखा कि गोमती नगर विस्तार में पिछले 11 सालों से मां दुर्गा की पूजा पूरे श्रद्धा और परंपरा के साथ होती आ रही है। यह सिर्फ एक धार्मिक आयोजन नहीं है, बल्कि वर्षों से जुड़ी हुई क्षेत्रवासियों की आस्था, सामाजिक एकता और सामूहिक भावना का प्रतीक है।
उन्होंने बताया कि जानकारी के अनुसार माननीय विधायक श्री योगेश शुक्ला जी खुद मंदिर पहुंचे और अधिकारियों से बातचीत के लिए डीसीपी महोदय के पास भी गए। वहीं माननीय स्नातक एमएलसी श्री अवनीश सिंह जी भी पूरे दिन अधिकारियों के संपर्क में रहकर स्थिति की जानकारी लेते रहे। डीसीपी महोदय द्वारा भी माननीय विधायक जी के समक्ष सकारात्मक आश्वासन दिया गया था। इसके बावजूद अभी तक अनुमति न मिलना निश्चित रूप से चिंता का विषय है। विवेक दुबे ने साफ किया कि उनका प्रशासन से कोई विवाद नहीं है और न ही वह कानून-व्यवस्था के महत्व को कम आंकते हैं। धार्मिक आयोजन भी प्रशासन के निर्धारित नियमों और सुरक्षा मानकों के अनुरूप ही होना चाहिए। लेकिन उनका विनम्र प्रश्न यह है कि जब 11 वर्षों से यह परंपरा शांतिपूर्वक चली आ रही है, आयोजक प्रशासन के सभी नियमों का पालन करने को तैयार हैं और जनप्रतिनिधि स्वयं अधिकारियों से संवाद कर रहे हैं, तो समय रहते अनुमति देने में आखिर क्या कठिनाई है।
🙏 माँ दुर्गा की 11 वर्षों पुरानी परंपरा के लिए एक सामाजिक नागरिक की अपील
आज सोशल मीडिया पर गोमती नगर विस्तार की दुर्गापूजा को लेकर चल रही स्थिति के बारे में जानकर मन सचमुच आहत हुआ।
गोमती नगर विस्तार में पिछले 11 वर्षों से माँ दुर्गा की पूजा पूरे श्रद्धा और परंपरा के साथ होती आ रही है। यह केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि वर्षों से जुड़ी हुई क्षेत्रवासियों की आस्था, सामाजिक एकता और सामूहिक भावना का प्रतीक है।
जानकारी के अनुसार माननीय विधायक श्री योगेश शुक्ला जी स्वयं मंदिर पहुंचे और अधिकारियों से बातचीत के लिए DCP महोदय के पास भी गए। वहीं माननीय स्नातक MLC श्री अवनीश सिंह जी भी पूरे दिन अधिकारियों के संपर्क में रहकर स्थिति की जानकारी लेते रहे। DCP महोदय द्वारा भी माननीय विधायक जी के समक्ष सकारात्मक आश्वासन दिया गया था।
इसके बावजूद अभी तक अनुमति न मिलना निश्चित रूप से चिंता का विषय है।
मेरा प्रशासन से कोई विवाद नहीं है और न ही मैं कानून-व्यवस्था के महत्व को कम आंकता हूँ। धार्मिक आयोजन भी प्रशासन के निर्धारित नियमों और सुरक्षा मानकों के अनुरूप ही होना चाहिए।
लेकिन मेरा विनम्र प्रश्न केवल इतना है—
जब 11 वर्षों से यह परंपरा शांतिपूर्वक चली आ रही है, आयोजक प्रशासन के सभी नियमों का पालन करने को तैयार हैं और जनप्रतिनिधि स्वयं अधिकारियों से संवाद कर रहे हैं, तो समय रहते अनुमति देने में आखिर क्या कठिनाई है?
अब समय बहुत कम बचा है। यदि आज अनुमति मिल जाती है तो श्रद्धालु पूर्व की तरह माँ दुर्गा की प्रतिमा स्थापित कर सकेंगे, पंडाल सजेगा, पूजा होगी, स्टॉल लगेंगे और डांडिया सहित सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित हो सकेंगे।
और यदि आज अनुमति नहीं मिलती, तो आयोजकों को मजबूर होकर कल इस 11 वर्षों पुरानी परंपरा को स्थगित करना पड़ेगा—माता से क्षमा मांगते हुए प्रतिमा न लानी पड़ेगी और निर्माणाधीन पंडाल भी हटाना पड़ेगा।
एक सामाजिक नागरिक और माँ दुर्गा के भक्त के रूप में मेरी मुख्यमंत्री जी एवं जिला प्रशासन से विनम्र अपील है—
🙏 आस्था का सम्मान हो।
🙏 11 वर्षों की परंपरा न टूटे।
🙏 प्रशासनिक नियमों का पालन सुनिश्चित करते हुए अनुमति प्रदान की जाए।
🙏 श्रद्धालुओं को माँ दुर्गा की आराधना का अवसर मिले।प्रशासन और नागरिक आमने-सामने नहीं हैं—दोनों का उद्देश्य शांतिपूर्ण, सुरक्षित और गरिमापूर्ण आयोजन होना चाहिए।
माँ दुर्गा से प्रार्थना है कि आज ही सकारात्मक समाधान निकले और गोमती नगर विस्तार की 11 वर्षों पुरानी परंपरा इस वर्ष भी उसी श्रद्धा और भव्यता के साथ आगे बढ़े।
जय माता दी। 🙏🚩
@myogiadityanath @lkopolice— Adv Viivek kumar Pandey (@vivekkumar84) October 8, 2026
विवेक दुबे ने अपनी पोस्ट में आगे लिखा कि अब समय बहुत कम बचा है। अगर आज अनुमति मिल जाती है, तो श्रद्धालु पूर्व की तरह मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित कर सकेंगे, पंडाल सजेगा, पूजा होगी, स्टॉल लगेंगे और डांडिया सहित सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित हो सकेंगे। लेकिन अगर आज अनुमति नहीं मिलती, तो आयोजकों को मजबूर होकर कल इस 11 वर्षों पुरानी परंपरा को स्थगित करना पड़ेगा, माता से क्षमा मांगते हुए प्रतिमा न लानी पड़ेगी और निर्माणाधीन पंडाल भी हटाना पड़ेगा। एक सामाजिक नागरिक और मां दुर्गा के भक्त के रूप में उन्होंने मुख्यमंत्री जी और जिला प्रशासन से विनम्र अपील की है कि आस्था का सम्मान हो, 11 वर्षों की परंपरा न टूटे, प्रशासनिक नियमों का पालन सुनिश्चित करते हुए अनुमति प्रदान की जाए और श्रद्धालुओं को मां दुर्गा की आराधना का अवसर मिले। उन्होंने कहा कि प्रशासन और नागरिक आमने-सामने नहीं हैं, दोनों का उद्देश्य शांतिपूर्ण, सुरक्षित और गरिमापूर्ण आयोजन होना चाहिए। उन्होंने मां दुर्गा से प्रार्थना की कि आज ही सकारात्मक समाधान निकले और गोमती नगर विस्तार की 11 वर्षों पुरानी परंपरा इस वर्ष भी उसी श्रद्धा और भव्यता के साथ आगे बढ़े।


